जिला बैंक के 10 दिग्गज संचालक नहीं लड सकेंगे अगला चुनाव

बैंकिंग कानून में सुधार से सहकार क्षेत्र के ‘धुरंधरों’ को झटका

* 10 वर्ष तक संचालक रहे दिग्गज अगला चुनाव लडने हेतु होंगे अपात्र
* नए संशोधन के चलते अमरावती जिला बैंक के 10 संचालकों का भविष्य खतरे में
अमरावती /दि.16- सहकार क्षेत्र में सालों-साल से काम करते हुए एक तरह से अपनी ‘जागीरदारी’ व ‘दबदबा’ निर्माण कर चुके दिग्गज सहकार नेताओं को राज्य सरकार ने एक बडा झटका दिया है. क्योंकि बैंकिंग कानून में किए गए सुधार के चलते अब एक ही बैंक में लगातार 10 साल तक संचालक के तौर पर कार्यकाल पूर्ण कर चुके सहकार नेताओं को अब उसी बैंक का अगला चुनाव लडने की अनुमति नहीं रहेगी. बल्कि उन्हें चुनाव लडने हेतु अपात्र माना जाएगा. जिसके चलते सहकार क्षेत्र के दिग्गजों में अच्छा-खासा हडकंप व्याप्त है.
बता दें कि, राज्य सरकार द्वारा बैंकिंग कानून में सुधार करते हुए इससे संबंधित पत्र 9 मार्च को सहकार आयुक्त के नाम जारी किया गया. जिसके अनुसार लगातार 10 वर्ष तक संचालक पद पर रह चुके संचालकों को अगला चुनाव लडने हेतु अपात्र किया जाएगा. जिसका सीधा झटका अमरावती जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के 10 मौजूदा संचालकों पर पडेगा. जो विगत 10 वर्षों से बैंक के संचालक के तौर पर काम कर रहे. इसके अलावा अन्य बैंकों में विधायकों, पूर्व विधायकों व प्रस्थापितों पर भी अपने उत्तराधिकारी चुनने की नौबत आनेवाली है.
राज्य सरकार के इस निर्णय का असर जिला बैंक में विगत कई दशकों से पांव जमाए बैठे 10 दिग्गज संचालकों पर पडनेवाला है. जिनमें पूर्व विधायक सहित कई बडे नेताओं का समावेश है. जिनके द्वारा अब अपने स्थान पर अपने ही किसी ‘खास’ को बैठाने हेतु अपने उत्तराधिकारी की खोज करने की उठापटक की जा रही है. जिसके चलते अब सहकार क्षेत्र में कई दशकों से अपनी मजबूत पकड रखनेवाले नेताओं का प्रभाव खत्म होगा तथा नए कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा. साथ ही सरकार के इस निर्णय की वजह से बैंक के जरिए राजनीति करनेवाले नेताओं को मिलनेवाले ‘खाद-पानी’ की आपूर्ति भी प्रभावित होगी.
* ऐसा है नया कानून
बैंकिंग नियमन अधिनियम 1949 तथा संशोधित अधिनियम 2025 की धारा 10-ए (2-ए) के मुताबिक किसी भी सहकारी बैंक का संचालक लगातार 10 वर्ष से अधिक समय तक संचालक पद पर नहीं रह सकेगा. जिन संचालकों का 10 वर्ष का कार्यकाल 1 अगस्त 2025 या उसके बाद पूर्ण हुआ है, ऐसे संचालक भी पद पर रहने के लिए तत्काल अपात्र साबित होंगे. साथ ही ऐसे संचालकों को अगला चुनाव लडने का भी अवसर नहीं मिलेगा. इस संशोधन के लिए राज्य सरकार द्वारा 10 फरवरी को पत्र भेजकर आरबीआई से निवेदन किया गया था. जिसे अब मान्यता मिली है.
* जिला बैंक के 21 में से 10 संचालक खतरे में!
जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव दीपावली पर्व के आसपास होनेवाले थे. इस बैंक में 21 संचालक है. जिनमें से मौजूदा उपाध्यक्ष अभिजीत ढेपे, पूर्व अध्यक्ष बबलू देशमुख तथा संचालक सुरेश साबले, प्रकाश कालबांडे, सुधाकर भारसाकले, बालासाहेब अलोणे, दयाराम काले, पूर्व विधायक नरेशचंद्र ठाकरे, जयप्रकाश पटेल, व रवींद्र गायगोले के लिए अब इस संशोधन की वजह से पद पर बने रहने और अगला चुनाव लडने के लिए अपात्र ठहराए जाने का खतरा बना हुआ है.

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