पारिवारिक अदालत में 15 मामलों की सुनवाई

भारतीय जैन संघ का सामाजिक प्रयास

अमरावती/दि.24 – भारतीय जैन संघ के तत्वावधान में आयोजित जैन पारिवारिक अदालत में कुल 15 मामलों की सुनवाई की जाएगी. यह सुनवाई पुणे स्थित वर्धमान प्रतिष्ठान में शनिवार 24 जनवरी को आयोजित होगी. यह जानकारी संगठन के संस्थापक शांतिलाल मुथा ने ऑनलाइन ज़ूम बैठक के दौरान दी. बैठक की शुरुआत नमस्कार महामंत्र से हुई.
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदकिशोर साखला, राष्ट्रीय महासचिव दीपक चोपड़ा, राज्य अध्यक्ष केतन शाह, राज्य महासचिव प्रवीन पारख, मैनेजिंग डायरेक्टर कोमल जैन (पुणे), पारिवारिक अदालत अध्यक्ष रमेश नवलखा, वर्धमान प्रतिष्ठान के अध्यक्ष विलास राठोड, अमरावती से प्रदीप जैन सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी उपस्थित थे. जैन पारिवारिक अदालत एक सामाजिक मंच है, जहां आपसी संवाद और सहमति के माध्यम से पारिवारिक विवादों के समाधान का प्रयास किया जाता है. इसमें पारिवारिक मतभेद, विवाहोत्तर पत्नी का मायके जाना, पति-पत्नी के बीच मानसिक एवं भावनात्मक उत्पीड़न, अलग-अलग रहना, तलाक की प्रक्रिया अधूरी रहते हुए अलगाव, विवाहेतर संबंधों से उत्पन्न विवाद तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में लंबित मामले शामिल हैं. संगठन के संस्थापक शांतिलाल मुथा ने बताया कि इन मामलों की सुनवाई पूरी तरह गोपनीय तरीके से की जाएगी. प्रत्येक मामले पर अलग-अलग कक्ष में दोनों परिवारों की उपस्थिति में चर्चा होगी. इस अवसर पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश पुखराज बोरा एवं शांतिलाल मुथा पूरे दिन उपस्थित रहेंगे. इस सामाजिक पहल का उद्देश्य न्यायालयीन प्रक्रिया के बाहर, आपसी सहमति से पारिवारिक समस्याओं का समाधान करना है.

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