शहर में 16 ऑक्सीजन पडे है बंद, कोविडकाल में किया गया था स्थापित
रोजाना 13.36 मैट्रीक टन ऑक्सीजन निर्मिती की क्षमता

* ऑक्सीजन प्लांट बंद रहने से अब दुबारा खरीदने पड रहे ऑक्सीजन सिलेंडर
* ऑक्सीजन सिलेंडरों की खरीदी पर करना पड रहा करोडों रुपयों का खर्च
अमरावती /दि.21 – कोविड संक्रमणकाल के दौरान मरीजों के लिए आवश्यक रहनेवाली ऑक्सीजन की कमी न हो, इस बात के मद्देनजर जिले के सरकारी अस्पतालों के परिसरों में कुल 16 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए थे. परंतु विगत पांच वर्षों के दौरान इसमें से एक भी ऑक्सीजन प्लांट को कार्यान्वित नहीं किया गया है. जिसके चलते आज भी सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए आवश्यक रहनेवाले ऑक्सीजन को उपलब्ध कराने हेतु ऑक्सीजन सिलेंडरों की खरीददारी करनी पड रही है. जिस पर करोडों रुपयों का खर्च भी हो रहा है.
उल्लेखनीय है कि, कोविड महामारी पहली व दूसरी लहर के दौरान शहर सहित जिले में बडे पैमाने पर लोगबाग कोविड संक्रमण की चपेट में आए थे. जिसमें से गंभीर स्थिति में रहनेवाले मरीजों की जान बचाने के लिए बडे पैमाने पर कृत्रिम ऑक्सीजन की जरुरत पड रही थी. ऐसे में ऑक्सीजन की जरुरत और खुले बाजार से होनेवाली ऑक्सीजन की अपर्याप्त आपूर्ति को देखते हुए सरकार एवं प्रशासन ने कृत्रिम ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए शहर सहित जिले के 16 सरकारी अस्पतालों में बडे-बडे ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए थे. इन सभी प्लांटों की कुल उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 13.36 मैट्रिक टन ऑक्सीजन थी, जो अस्पतालों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त थी। बावजूद इसके, तकनीकी खामियों, रखरखाव की कमी और संचालन व्यवस्था न होने के कारण ये संयंत्र निष्क्रिय हो गए हैं. प्लांट बंद रहने से शासकीय अस्पतालों सहित निजी अस्पतालों को भी अब बाहरी आपूर्तिकर्ताओं से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाने पड़ रहे हैं. इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ा है, बल्कि आपात स्थितियों में ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर चिंता भी बनी रहती है. स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि इन प्लांटों को शीघ्र दुरुस्त कर पुनः चालू किया जाए, ताकि सरकारी धन की बर्बादी रुके और भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल के लिए शहर तैयार रह सके.
* इन स्थानों पर है ऑक्सीजन प्लांट
अमरावती के सुपर स्पेशालिटी हॉस्पीटल व इर्विन अस्पताल सहित धारणी, तिवसा, चांदुर बाजार, बेनोडा, नांदगांव खंडेश्वर, अंजनगांव सुर्जी, चांदुर रेलवे, मोर्शी, गुरुकुंज मोझरी, दर्यापुर व अचलपुर के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए है. साथ ही साथ कुछ निजी अस्पतालों में भी कोविड संक्रमणकाल के दौरान ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए थे. जिसके तहत अमरावती के डॉ. पंजाबराव देशमुख वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल व दयासागर अस्पताल तथा परतवाडा के कृति अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए थे.
* टेक्नीशियनों की जरुरत
जिले में ऑक्सीजन प्लांट को शुरु करने तथा उनका मेंटेंनन्स करनेवाला मनुष्यबल ही अस्पताल प्रशासनों को कभी प्राप्त नहीं हुआ. ऐसे में टेक्नीशियन ही उपलब्ध नहीं रहने के चलते ऑक्सीजन प्लांट ही शुरु नहीं किए जा सके.
* ऑक्सीजन प्लांट की निर्मिती क्षमता (मेट्रीक टन)
सुपर स्पेशालिटी – 1.87
सुपर स्पेशालिटी – 0.94
सुपर स्पेशालिटी – 0.24
जिला स्त्री अस्पताल – 1.87
जिला सामान्य अस्पताल – 1.12
अचलपुर उपजिला अस्पताल – 1.87
आयुर्वेद महा. (मोझरी) – 1.87
मोर्शी उपजिला अस्पताल – 0.94
धारणी उपजिला अस्पताल – 0.39
तिवसा उपजिला अस्पताल – 0.39
चांदुर बाजार ग्रामीण अस्पताल – 0.39
बेनोडा (वरुड पीएचसी) – 0.39
नांदगांव खंडे. ग्रामीण अस्पताल – 0.39
अंजनगांव सुर्जी ग्रामीण अस्पताल – 0.39
दर्यापुर उपजिला अस्पताल – 0.37
चांदुर रेलवे ग्रामीण अस्पताल – 0.24
पीडीएमसी अस्पताल – 0.24
दयासागर अस्पताल – 0.24
कृति अस्पताल (परतवाडा) – 1.50