60 दिनों में अपराधों में 168 की कमी, चोरी और दंगों में गिरावट

छेड़छाड़ और सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में बढ़ोतरी से पुलिस की चिंता बढ़ी

अमरावती/दि.9 – शहर में पुलिस की सख्ती और ‘सोशल पुलिसिंग’ के चलते अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है. पुलिस आयुक्त राकेश ओला के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान का असर आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है. वर्ष 2025 की तुलना में 2026 के पहले दो महीनों में शहर में दर्ज कुल अपराधों में 168 मामलों की कमी आई है.
पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 के जनवरी-फरवरी में कुल 559 अपराध दर्ज किए गए थे, जबकि वर्ष 2026 की इसी अवधि में यह संख्या घटकर 391 रह गई है. महज 60 दिनों में अपराधों में आई यह कमी पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

* चोरी के मामलों में बड़ी गिरावट
आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष के पहले दो महीनों में 150 चोरी के मामले दर्ज हुए थे, जो इस वर्ष घटकर 57 रह गए हैं. यानी चोरी की घटनाओं में 93 मामलों की कमी आई है.
– घरफोड़ चोरी: 59 से घटकर 35
– वाहन चोरी: 65 से घटकर 42
– पुलिस का मानना है कि लगातार गश्त और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने के कारण संपत्ति से जुड़े अपराधों में कमी आई है.

* दंगों और मारपीट के मामलों में भी कमी
शहर में दंगों (गैरकानूनी जमावड़े) के मामलों में भी कमी दर्ज की गई है. पिछले वर्ष जहां 14 मामले दर्ज हुए थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या घटकर 5 रह गई है. इसी तरह चोट पहुंचाने के मामलों में भी 101 से घटकर 74 तक कमी आई है. धोखाधड़ी के मामलों में भी 31 से घटकर 19 की गिरावट दर्ज की गई है.

* छेड़छाड़ और सड़क दुर्घटनाएं बढ़ीं
हालांकि महिलाओं से जुड़े अपराध और सड़क दुर्घटनाएं पुलिस के लिए चिंता का विषय बन गए हैं. छेड़छाड़ के मामलों की संख्या 26 से बढ़कर 33 हो गई है. वहीं सड़क दुर्घटनाओं (घातक व सामान्य) की संख्या 61 से बढ़कर 75 हो गई है.

* हत्याओं में बढ़ोतरी
पिछले वर्ष फरवरी के अंत तक 3 हत्या के मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 5 हो गई है. हालांकि गंभीर हमलों के मामलों में कमी दर्ज की गई है.

* न्यायाधीशों के घरों में चोरी की जांच जारी
हाल ही में शहर में 9 घरों में चोरी की घटना सामने आई थी, जिनमें 5 न्यायाधीशों और 4 न्यायालय कर्मचारियों के घर शामिल थे. इस घटना का संज्ञान उच्च स्तर पर लिया गया है. फिलहाल क्राइम ब्रांच की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है. कुल मिलाकर, अमरावती में अपराधों में आई यह कमी पुलिस की सक्रियता का परिणाम मानी जा रही है, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर पुलिस के सामने अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है.

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