जिले में किसानों को लौटाई 20 हेक्टेयर खेती
अवैध साहूकारों पर प्रशासन का शिकंजा

* 34 पर दर्ज किए गये केस, 47 पर एक्शन
* 10 मार्च को टेकाडे संबंधी वाहन लौटाने विषय में सुनवाई
अमरावती/ दि. 26 – जिले में अवैध 34 साहूकारी के खिलाफ प्रशासन की निर्णायक कार्रवाई सामने आई है. अवैध साहूकारी कानून के तहत जिले में अब तक 34 मामलों में 47 आरोपियों पर अपराध दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 16 मामलों में किसानों की हडपी गई 20.24 हेक्टेयर जमीन उन्हें वापस दिलाई गई है.
सबसे अधिक 16 प्रकरण अमरावती तहसील क्षेत्र में दर्ज हुए है. जिला उपनिबंधक कार्यालय के नेतृत्व में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने बीते कुछ महीनों में लगातार छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच की है. जिला उपनिबंधक कार्यालय ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध रूप से जमीन और संपत्ति हडपने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. 20 फरवरी की दत्तापुर पुलिस थाना क्षेत्र में साहूकार गोपाल टेकाडे के घर पर की गई छापेमारी में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. टीम ने टेकाडे के आवास से 2 वाहन आरसी बुक, 22 कोरे चेक, 27 कोरे स्टाम्प और 45 स्थावर संपत्ति से जुडे दस्तावेज सहित कुल 96 संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए. इसके अलावा उसके खेत से 27 प्रकार के कृषि उपकरण और वाहन जब्त किए.
* 260 शिकायतें मिली, 57 में तथ्य नहीं
महाराष्ट्र साहूकारी अधिनियम 2014 की धारा 16 और 17 के तहत जिले में व्यापक अवैध साहूकारी प्रतिबंधक अभियान चलाया जा रहा है. कानून लागू होने के बाद से अब तक कुल 260 शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई. जांच के दौरान 57 शिकायतों में कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आए, जबकि 34 मामलों में आरोप सही पाए गये. इन सभी मामलों में संबंधित साहूकारों के खिलाफ अपराध दर्ज कर कुल 47 आरोपियों पर कार्रवाई की गई है. इस अभियान के चलते जिले में अवैध साहूकारों में हडकंप मचा हुआ है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी है.
उंची ब्याज दरों पर कर्ज
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कई मामलों में साहूकारों ने उंची ब्याज दरों पर कर्ज देकर किसानों की जमीनें हडपने की कोशिश की थी. जांच के बाद 16 मामलों में जमीन किसानों के नाम वापस दर्ज कराई गई है. जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध साहूकारी, बोगस दस्तावेजों के जरिए संपत्ति हडपने ओर अत्याधिक ब्याज वसूली के मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे ऐसे मामलों की शिकायत जिला उपनिबंधक कार्यालय या नजदीकी पुलिस थाने में करें.





