महाराष्ट्र में रोज 32 लाख लीटर शराब की बिक्री
देशी दारु से ज्यादा होती है राज्य में बीयर की खपत

नागपुर/दि.18 – महाराष्ट्र में शराब की खपत को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. राज्य में प्रतिदिन औसतन करीब 32 लाख लीटर मदिरा बेची जा रही है. वर्ष 2025 में कुल 117.13 करोड़ लीटर शराब की बिक्री दर्ज की गई, जिससे सरकार को भारी राजस्व प्राप्त हुआ. राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के आंकड़ों के अनुसार देशी शराब, भारत में निर्मित विदेशी मदिरा, बीयर और वाइन जैसी शराब के चार प्रमुख प्रकारों की बिक्री में बीयर सबसे आगे रही.
* साल 2025 में बिक्री का विवरण
वर्ष 2025 के दौरान राज्य में 43.39 करोड़ लीटर बीयर, 42.02 करोड़ लीटर देशी शराब, 30.33 करोड़ लीटर भारतीय विदेशी मदिरा (आयएमएफएल) तथा 1.38 करोड़ लीटर वाइन की विक्री हुई. इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अब पारंपरिक देशी शराब की तुलना में बीयर पीने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है.
* ठाणे विभाग अव्वल, नांदेड़ सबसे पीछे
विभागवार आंकड़ों में ठाणे क्षेत्र मद्य बिक्री और राजस्व संग्रह में पूरे राज्य में पहले स्थान पर रहा. दिसंबर 2025 में यहां 76.49 लाख लीटर देशी शराब, 84.32 लाख लीटर विदेशी शराब, 2.06 करोड़ लीटर बीयर एवं 5.98 लाख लीटर वाइन की बिक्री हुई, जिससे सरकार को लगभग 533.20 करोड़ रुपये का राजस्व मिला. इस विभाग में मुंबई और उपनगर क्षेत्र भी शामिल हैं. वहीं नांदेड़ विभाग में सबसे कम बिक्री हुई, जहां दिसंबर में करीब 64.52 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. इन आंकड़ों ने राज्य में बढ़ती शराब खपत और उससे मिलने वाले बड़े राजस्व दोनों पर नई बहस छेड़ दी.
* गढ़चिरोली में प्रस्तावित शराब कारखाने का विरोध
दारूबंदी लागू होने के बावजूद गढ़चिरोली जिले के चामोर्शी में ‘एलटीबी बेवरेजेस’ द्वारा महुआ से शराब व इथेनॉल निर्माण परियोजना प्रस्तावित है. इस पर पर्यावरण कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है. महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने 9 मार्च 2026 को जनसुनवाई तय की है.