बाघ के मृत्यु प्रकरण में 4 गिरफ्तार

सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल रवाना

* और भी बडी मछलिया हाथ लगने की संभावना
अमरावती /दि.12 – वरुड वनपरिक्षेत्र के वाई सर्कल के पंढरी बीट के खंड क्रमांक 1010 महेंद्री संरक्षित जंगल में 3 फरवरी को पट्टेदार बाघ का शव बरामद हुआ था. इस बाघ की नैसर्गिक मृत्यु नहीं, बल्कि हत्या होने की भनक वन विभाग को लगी. इस प्रकरण में वन विभाग ने पंढरी और पांढुर्णा के 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. रिमांड के बाद बुधवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर मध्यवर्ती कारागृह रवाना कर दिया गया है. इस प्रकरण में दो राज्य से और भी आरोपी पकडे जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है. मृत बाघ के दांत गायब रहने से वन विभाग की जांच उस दिशा में जारी है.
वन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम पंढरी निवासी सुनील यादवराव अजमिरे (46), मुन्ना यादवराव अजमिरे (56), प्रेमलाल हीरासिंग उईके (42) और मध्य प्रदेश के बिच्चू सावनी निवासी सुभाष नंदू सलामे (46) है. 3 फरवरी को वरिष्ठ वन अधिकारियों समेत कर्मचारियों ने घटनास्थल पहुंचकर इस मृत बाघ का पंचनामा किया. उसकी मृत्यु 15 दिन पूर्व होने की बात पशु वैद्यकीय अधिकारियों ने स्पष्ट की थी. परिसर में रुबी नामक श्वान ने खोज की, लेकिन सुराग हाथ नहीं लगा. वन्यजीव अधिनियम 1972 के मुताबिक वन विभाग ने जांच शुरु की थी. संदिग्ध चारों को कब्जे में लिया गया. न्यायालय में पेश कर उन्हें रिमांड पर भी लिया. आरोपियों द्वारा बाघ के शिकार की कबूली नहीं दी रही, तो भी नख और दांत निकालने के लिए मृत बाघ के पास उन्होंने जाने की कबूली दी, ऐसा वन अधिकारी प्रशांत भुजाडे ने बताया. इस आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपियों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है. उन्हें अमरावती मध्यवर्ती कारागृह भेज दिया गया है. मामले की जांच वन विभाग के उपवनसंरक्षक अर्जूना के.आर., सहायक वनसंरक्षक डॉ. मयूर भैलुमे, विभागीय वन अधिकारी कमलेश पाटिल के मार्गदर्शन में वनपरिक्षेत्र अधिकारी प्रशांत भुजाडे आगे कर रहे है.

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