8 जिलों की 4 लाख हेक्टेयर खेती होगी सिंचित
32 नये बांध बनाये जाएंगे

* वैनगंगा, नलगंगा प्रकल्प का रास्ता साफ
* 63 टीएमसी पानी 388 किमी दूर तक ले जाया जाएगा
वर्धा /दि.27- वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी से अब तय हो गया कि, आठ जिलों की 4 लाख से अधिक हेक्टेयर खेतीबाडी की सिंचाई सुविधा हो जाएगी. 94 हजार करोड की लागत से 288 किमी दूर तक गोसीखुर्द प्रकल्प का 63 टीएमसी पानी ले जाया जाएगा.
इस परियोजना को दो बार स्वीकृति मिली थी. प्रकल्प के लिए महाराष्ट्र जलसंपदा नियमन प्राधिकरण ने मान्यता दी. उपरान्त कैबिनेट ने मान्यता दी. परियोजना हेतु 31494 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी. उनमें बांध और मुख्य नहर बनाई जाएगी. गोसीखुर्द से निम्न वर्धा, निम्न वर्धा से कोटपूर्णा और काटेपूर्णा से नलगंगा जलाशय तक काम होगा. बांध की उचाई बढाई जाएगी. 50 बांध इस प्रकल्प में होंगे. 32 नये बांध बनाये जाएंगे. 10 बांधों की उंचाई कुछ मीटर बढाई जाएगी. अब केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति मिलना शेष है. बताया जाता है कि, वह स्वीकृति अंतिम चरण में है. अमरावती और नागपुर जिले को उक्त परियोजना से सर्वाधिक लाभ मिलने का दावा किया जा रहा है.
अमरावती में 86 हजार, नागपुर में 81 हजार, वर्धा जिले में 77 हजार, अकोला जिले में 73 हजार, बुलढाणा में 39 हजार, वाशिम में 20 हजार, यवतमाल में 13 हजार और भंडारा जिले में करीब 12 हजार हेक्टेयर खेतीबाडी सिंचित हो जाएगी. 38 तहसीलों के किसानों का लाभ होगा. उनकी खेती को पूरे वर्ष सिंचाई का पानी मिलेगा. जिससे मनचाही फसल उगाई जा सकेगी. 10 वर्षों में परियोजना पूर्ण होगी.