धामणगांव की 400 लाडली बहनें हुई पुरुष
सेतु संचालक के केवाईसी में गडबडी

* आंगनवाडी सेविकाओं के सर्वेक्षण में हुआ उजागर
धामणगांव रेलवे/दि.7 -सामान्य परिवारों को आधार देने वाली लाडली बहन योजना का केवाईसी करते समय पूछे गए दो सवालों ने तहसील की अपात्र हुई डेढ हजार लाडली बहनों के सर्वेक्षण में करीब 400 लाडली बहनों को पुरुष किए जाने की दहलाने वाली जानकारी सर्वेक्षण में सामने आई है.
राज्य सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले अगस्त 2024 में राज्य में लाडली बहन योजना शुरु की. ऑनलाइन आवेदन के बाद महिलाओं को डेढ हजार रुपए महिना शुरु हो गया. हालांकि, इस योजना का अधिकांश शासकीय नोकरी पर रहने वाली महिलाओं ने लाभ लेने की जानकारी प्रकाश में आने से हर गांव में आंगनवाडी सेविकाओं के माध्यम से जांच की गई.
इसमें सरकारी नौकरीपेशा तथा फोरविलर रहने वाली महिलाएं अपात्र हुई. इसके अलावा जिन बहनों को लाभ नहीं मिला और जो ई-केवायसी में त्रुटियां आने से लाभ नहीं ले पाई, ऐसी महिलाओं को अब फिर एक बार त्रुटियां दुरुस्त करने का मौका सरकार ने देने की जानकारी है.
* सर्वेक्षण के आदेश
दो सवालों के जवाब में गडबडी होने से तहसील की डेढ हजार बहनें अपात्र हुई थी. गत सप्ताह में आंगनवाडी सेविकाओं ने घर-घर जाकर त्रुटियों के नाम की जांच की. जांच दौरान गलत जानकारी भरे जाने की बात उजागर हुई.
धामणगांव रेलवे तहसील के आंगनवाडी सेविकाओं के माध्यम से सर्वेक्षण किया गया. इसमें कई गलतियां पाईं गई. महिलाओं के स्थान पर पुरुष ऐसा दर्ज किया गया. जिसके कारण यह महिलाएं अपात्र हुई थी.
-गायत्री चव्हाण,
एकात्मिक महिला व बालविकास अधिकारी





