41 लाख विद्यार्थियों को दिए जायेंगे दफ्तर

शालेय सामग्री पश्चात यह भी बडा निर्णय

* 165 करोड के खर्च का प्रावधान
मुंबई/ दि. 14- महायुति सरकार ने कक्षा पहली से लेकर 8 वीं तक के छात्र- छात्राओं हेतु बडा फैसला करते हुए आगामी सत्र से दफ्तर भी देने का निर्णय किया है. जिसके लिए 165 करोड का प्रावधान शिक्षा विभाग हेतु कर दिया गया है. सरकार पहले ही सभी सरकारी और मनपा, पालिका, जिला परिषद शालाओं के विद्यार्थियों को किताबें कॉपीयां दे रही है. अब बस्ता भी सरकार देगी. इस योजना का लाभ 41 लाख 43 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा.
शासन ने बच्चों को मुफ्त और बंधनकारक शिक्षा अधिकार कानून 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति अंतर्गत अनुकूल एवं आनंददायक शिक्षा वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से यह निर्णय करने की जानकारी अधिकारियों ने दी. उन्होंने दावा किया कि नि:शुल्क पुस्तकें, कॉपीया, मध्यान्ह भोजन दिया जा रहा है. अब बस्ता भी नि:शुल्क देने से अभिभावकों का खर्च और घटेगा. शासन का उद्देश महापालिका और जिला परिषद शालाओं में पटसंख्या बढाना भी है.
शिक्षा और खेल विभाग ने मुफ्त बस्ते दिए जाने के निर्णय का शासनादेश आज जारी कर दिया. जहां मनपा में पहले ही उक्त योजना लागू होगी अथवा विद्यार्थियों को बस्ते के पैसे दिए जा रहे होंगे. उन शहरों, शालाओं में नई योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा. अभिभावकों ने अब अच्छी श्रेणी के बस्तों की उपेक्षा व्यक्त की है.

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