रिश्वतखोरों को 5 साल सश्रम कारावास
जिला व सत्र न्यायालय का फैसला

वाशिम /दि.5 – जिला परिषद के जलापूर्ति विभाग में कार्यरत तत्कालिन सहायक लेखा अधिकारी व कनिष्ठ सहायक को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में जिला व सत्र न्यायालय ने बुधवार 4 फरवरी को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई. साथ ही दोनों आरोपियों को 50-50 हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया. दोषी पाए गए आरोपियों के नाम सुभाष मोतीराम इंगले (सहायक लेखाधिकारी), नीलेश मधुकर लंगोटे (कनिष्ठ सहायक), बताए गए है.
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2008 में भारत निर्माण योजना के अंतर्गत ग्रामीण जलापूर्ति योजना की निधि का तीसरा हफ्ता मंजूर करवाने के लिए आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी. इसके बाद शेष 3 हजार रुपए 30 मई 2008 को रिश्वतखोरी प्रतिबंधक (एसीबी) विभाग द्वारा बिछाए गए जाल में आरोपी ने पैसे लेते हुए रंगेहाथ पकडे गए थे. जिसके बाद वाशिम पुलिस ने भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून के तहत मामला दर्ज किया था. इस मामले में सरकार की ओर से अभी अधियोक्ता श्रीराम नारायण कालू ने सफल पैरवी की. जहां कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 5 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बापू बांगर, एलसीबी अमरावती के सचिंद्र शिंदे के मार्गदर्शन में एसीबी की टीम ने की थी.





