खाडी युद्ध की वजह से 75 प्रतिशत मेनू कैन्सल

घरेलू सिलेंडर के अवैध उपयोग पर निगरानी

* मेस, मस्जिद, मंदिर के भी रसोई बनाने के तरीके बदले
अमरावती/दि.14 – खाडी युद्ध की वजह से सरकार द्वारा लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त मात्रा में स्टॉक के वादें बाद भी जिले में अफरा-तफरी मची हुई है. होटल्स को अपने 75 प्रतिशत व्यंजन रद्द करने पड रहे. व्यावसायिक सिलेंडर के लिए त्राहि-त्राहि का आलम है. ऐसे में भोजनालय चलाने वाले मेस, मस्जिद, मंदिर के भी रसोई बनाने के तरीके बदलने पड रहे हैं. मेनू सीमित रखने के साथ जो भी व्यक्ति मिलता है, उससे गैस सिलेंडर की चर्चा जरुर होती है. उधर विपक्ष ने दावा किया कि, सरकारी तेल कंपनियों ने ऑनलाइन बुकिंग ब्लॉक कर रखी है. जबकि जिला आपूर्ति अधिकारी निनाद लांडे से बात की, तो उन्होंने अमरावती जिले में कम से कम महीने भर का स्टॉक होने का दावा कर रोज 17 हजार 254 सिलेंडर्स की डिलीवरी करने का भी दावा किया. उधर मंदिर और धर्मस्थलों के भोजन कक्ष के प्रबंधकों से अमरावती मंडल ने चर्चा की तो कहा गया कि, दैनंदिन प्रसाद का पैटर्न बदला गया है. उसी प्रकार बोहरा मस्जिद में सिलेंडर खत्म हो जाने से लकडी के चूल्हे जला लिये गये हैं. बर्तन बाजार सराफा स्थित इस मस्जिद में दाउदी बोहरा समाज के करीब 1 हजार बंधु-भगिनी के लिए नित्य भोजन तैयार रहता है.
* दोसा, चायनीज डिसेज प्रभावित
खाडी की जंग की वजह से उपहारगृहों में अनेक प्रकार की डिसेज मना कर दी गई है. उसमें मसाला दोसा, चायनीज, मसाला दूध और अन्य पदार्थ शामिल है. उसी प्रकार उत्तपा, इटली, वडे, भजिए फिलहाल बनाना रोक दिया गया है. इतना ही नहीं, तो खुद होटल संचालक कह रहे हैं कि, अब छपाछपाया मेनू कार्ड प्रस्तुत नहीं किया जाता. होटल में आये ग्राहकों को हमारे कैप्टन और वेटर तैयार पदार्थों के विषय में बता देते हैं. उसी हिसाब से ऑर्डर देकर डिसेज उपलब्ध कराते हैं. रेस्टारेंट एसो. के अध्यक्ष रवींद्र सिंह सलूजा ने मान्य किया कि, मेनू में काफी आइटम कम किये गये है. ग्राहकों को भोजन उपलब्ध करवाने के सभी प्रयत्न हो रहे हैं.
* लकडी के चूल्हे का आसरा
एसो. अध्यक्ष सलूजा ने बताया कि, भोजन बनाने के लिए लडकी के चूल्हे का उपयोग किया जा रहा है. पापड और रोटी की जगह अन्य पदार्थ परोसे जा रहे हैं. ग्राहक भी दिक्कत समझ रहे हैं. इसके अलावा कोयले की सिगडी की व्यवस्था की जा रही है. सराफा की बोहरा मस्जिद में भी रोज एक हजार लोगों का रात्रि भोजन चूल्हे पर लकडी के इंधन से पकाया जा रहा है. मस्जिद के जिम्मेदारों ने यह जानकारी दी. बता दें कि, पवित्र रमजान मास चल रहा है. पूरे दिन सभी का रोजा रहता है. आगामी 19 मार्च को दाउदी बोहरा समाज द्वारा मीठीं ईद मनाई जानी है.
* रोजगारों पर असर
गैस सिलेंडर सहजता से उपलब्ध नहीं है. जिसके कारण कई छोटे बडे स्टॉल और खोमचे बंद करने पडे है. उपहार गृहों के संचालक भी अपने यहां स्टाफ कम कर रहे हैं. उनका कहना है कि, व्यंजन कम हो जाने से ग्राहकों भी सीमित हो गई है. ऐसे में कामगारों को पगार कहां से देंगे? इसलिए स्टाफ कम किया गया है.
* बढे नाश्ते के रेट
शहर के प्रमुख और प्रसिद्ध उपहार गृहों के अलावा कई छोटे-बडे स्टाल्स के संचालकों ने गैस के दाम बढने से नाश्ते के रेट बढा दिये हैं. 20 रुपए प्लेट का नाश्ता अब 30-35 रुपए करना पडा है. जवाहर गेट के भीतर नाश्ता स्टॉल संचालक ने बताया कि, सिलेंडर ब्लैक में लेना पड रहा है. जिसके कारण नाश्ते की पर प्लेट रेट बढाये गये हैं.
* क्या कहते हैं अधिकारी
डीएसओ निनाद लांडे ने दावा किया कि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की अमरावती में कोई कमी नहीं है. भरपूर स्टॉक रखा गया है. रोज हजारों सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है. लोगों को घर बैठे गैस सिलेंडर प्राप्त हो रहा है. लांडे ने आंकडे देते हुए बताया कि, अमरावती में तीनों प्रमुख तेल कंपनियों के 7 लाख उपभोक्ता है. रोज 17 हजार सिलेंडर की डिलीवरी पिछले 5 दिनों से हो रही है. जब पूछा गया कि, तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं के नंबर ब्लाक कर दिये हैं, तो अधिकारी वर्ग का जवाब है कि, कंपनियों को ऐसे आदेश आये होंगे. केवायसी पूर्ण करने के लिए भी उपभोक्ताओं को गैस डीलर्स प्रत्यक्ष अपने एजेंसी में लाना चाहते होंगे. अधिकृत सूत्रों ने बताया कि, एचपीसीएल के पास अभी 7 हजार से अधिक स्टॉक है. बीपीसीएल के पास स्टॉक 9 हजार सिलेंडर्स का है. आयोसीएल में भी 8 हजार से अधिक सिलेंडर उपलब्ध है. रोज की 15 हजार की डिमांड रहती है. अभी यह डिमांड 17 हजार तक पहुंची है. जबकि अमरावती में पास के बॉटलिंग प्लांट से नियमित आपूर्ति हो रही है.
* जमकर कालाबाजारी
सूत्रों ने मान्य किया कि, घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की जमकर कालाबाजारी हो रही है. उनके उडनदस्ते लगातार निगरानी कर रहे हैं. अनेक होटल, रेस्टारेंट में चेकिंग की गई है. कई जगह उडनदस्तों ने देखा कि, लकडी और इंडक्शन का उपयोग हो रहा है. फिर भी सूत्र दावा कर रहे हैं कि, लोग मुनाफे के लालच में अपना एलपीजी सिलेंडर 2 हजार रुपए में बेच रहे हैं. विशेष कर कैटरिंग सेवा वाले लोगों से यह लोग खुद होकर संपर्क कर रहे हैं. वैवाहिक सीजन शुरु है. ऐसे में सिलेंडर की आवश्यकता सभी को हैं. लोग मनमसोस कर दाम चुका रहे हैं.
* बढाई गई बुकिंग की मर्यादा
कालाबाजारी रोकने के लिए ही गैस सिलेंडर बुकिंग की मर्यादा बढाये जाने का दावा एक एजेंसी संचालक ने दिया. उन्होंने बताया कि, शहरों में 25 दिन और गांवों में 20 दिनों बाद अगली बुकिंग कराई जा सकती है.

* ढाई दिनों में मिली डिलीवरी
जवाहर गेट निवासी संजय गुप्ता ने दावा किया कि, ऑनलाइन रुप से नंबर लगाने के बाद उनका भारत गैस का सिलेंडर ढाई दिनों में डिलीवर हो गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि, परिवार में 4-5 सदस्य हैं, तो आसानी से 40-45 दिनों की दोनों समय की रसोई और चाय-पान हो जाता है.
* आपूर्ति निरीक्षक कर रहे निगरानी
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की चल रही मारामारी को देखते हुए आपूर्ति विभाग ने खास दस्ते बनाये है, जो सभी तहसीलों में तैनात हो गये हैं. एलपीजी सिलेंडर के अवैध इस्तेमाल के खिलाफ यह दस्ते निगरानी कर रहे हैं. इतना ही नहीं वरुड तहसील में गैस एजेंसी सहित उपहार गृहों की छानबीन अधिकारियों द्वारा किये जाने का समाचार है. अचलपुर में तहसीलदार सुदर्शन शहारे ने लोगों को घरेलू एलपीजी का व्यावसायिक इस्तेमाल करने से आगाह किया है. निरीक्षण अधिकारी राहुल केदारे, राहुल भोंगे और अमोल मनोहरे ने शहर की गैस एजेंसियों को भेंट देकर स्टॉक और डिलेवरी की जानकारी ली. ऐसा ही समाचार मोर्शी से भी प्राप्त हुआ है. तहसीलदार सागर ढवले के मार्गदर्शन में निरीक्षण अधिकारी सागर बगाडे, राजेंद्र वानखडे, सौरभ बिजवे, सुभाष ठाकरे, ने गैस एजेंसी को भेंट देकर वहां स्टॉक, वितरण, बुकिंग की जानकारी ली. अधिकारियों द्वारा आभूषण की दुकानों में भी निरीक्षण किये जाने का समाचार मिल रहा है. उसी प्रकार कई होटल, रेस्टारेंट को भेंट देकर वहां जांच की गई. व्यावसायिक सिलेंडर ही वह उपयोग करते पाये गये.
* गैस शवदाहिनी बंद
हिंदू स्मशान घाट की गैस शवदाहिनी आपात स्थिति के लिए रखी गई है. सिलेंडर संकट के कारण अभी यहां गैस से दाह संस्कार बंद किया गया है. उधर गाडगे नगर के अनेक होटल संचालकों का कहना है कि, जितने दिन उनका गैस सिलेंडर पुरेगा, उतने दिन वे सेवाएं देंगे. अधिकांश ग्राहक छात्र वर्ग रहने की जानकारी उपहारगृह संचालक विनायक तरोटे ने दी.
* घरेलू सिलेंडर स्टॉक
एचपीसीएल – रोज की डिलीवरी 4223, स्टॉक 7358.
बीपीसीएल – रोज की डिलीवरी 6472, स्टॉक 8998
आयओसीएल – रोज की डिलीवरी 5099, स्टॉक 8218
कुल स्थिति – रोज की डिलीवरी 15794, स्टॉक 24574

Back to top button