75 स्कूलों को जल्दबाजी में अल्पसंख्यक दर्जा
अल्पसंख्यक विभाग बोला तकनीकी गलती हुई

मुंबई/दि.17 – राज्य के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद महज़ चार दिनों में 75 शैक्षणिक संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने का मामला सामने आया है. इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल रोक लगा दी है और जांच के आदेश दिए हैं. वहीं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
उल्लेखनीय है कि, 28 जनवरी 2026 को अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद 29 जनवरी से 2 फरवरी के बीच अल्पसंख्यक विभाग ने 75 स्कूलों को अल्पसंख्यक प्रमाणपत्र जारी कर दिए. खास बात यह है कि पिछले वर्ष अगस्त से ये प्रमाणपत्र लंबित थे, लेकिन अचानक एक साथ बड़ी संख्या में मंजूरी मिलने से संदेह गहरा गया है.
बता दें कि, अल्पसंख्यक दर्जा मिलने पर स्कूलों को प्रवेश में 25% आरक्षण नियम से छूट, शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा अनिवार्य नहीं जैसे लाभ मिलते हैं, जिससे आर्थिक फायदा संभव माना जा रहा है. इन प्रमाणपत्रों पर अल्पसंख्यक विभाग के उपसचिव मिलिंद शेणॉय के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, उनकी भूमिका की जांच अगले दो दिनों में शुरू होगी. इस बीच आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने पूरे प्रकरण की सीआईडी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
विवाद बढ़ने के बाद अल्पसंख्यक विभाग ने बयान जारी कर कहा कि यह तकनीकी गलती थी. विभाग का दावा है कि, 28 जनवरी को कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ. 29 जनवरी से प्रक्रिया शुरू हुई. हालांकि इतने बड़े पैमाने पर अचानक मंजूरी कैसे दी गई, इस पर विभाग स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया है.
* अब आगे क्या?
सरकार ने सभी 75 स्कूलों के अल्पसंख्यक दर्जे पर फिलहाल रोक लगा दी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. मामले ने राज्य की शिक्षा नीति और प्रशासनिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.





