जिले में 77 हजार एकल महिलाएं
विधवा महिलाओं की संख्या 65,458

अमरावती /दि.19 – जिले में हुए एक सर्वेक्षण के मुताबिक अमरावती जिले में एकल महिलाओं की संख्या 77 हजार 119 है. जिसमें विधवा महिलाओं की संख्या 65,458 है और अन्य एकल महिलाओं में परित्यक्ता, तलाकशुदा व कुमारिकाओं का समावेश है. इन सभी महिलाओं को सरकार की विविध योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु महिला व बाल कल्याण विभाग द्वारा काम किया जाता है.
बता दें कि, जिले की एकल महिलाओं को आर्थिक रुप से सक्षम करने हेतु प्रशासन द्वारा विविध योजनाएं चलाई जाती है. जिनके जरिए महिलाओं को स्वयंरोजगार, कौशल्य विकास व आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए उन्हें स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. इस हेतु जिले में एकल महिलाओं का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है. इस सर्वेक्षण के अनुसार जिले में एकल महिलाओं की संख्या 77 हजार 119 पाई गई है. जिनके लिए महिला व बाल कल्याण विभाग के मार्फत मार्गदर्शन शिविर व जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
उल्लेखनीय है कि, एकल महिलाओं के लिए समाज में काफी हद तक आर्थिक असुरक्षा व सामाजिक अनदेखी वाला माहौल होता है. ऐसी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनकी आय में वृद्धि करने हेतु जिला परिषद द्वारा नई योजनाओं का नियोजन किया जा रहा है. जिसमें विधवा, तलाकशुदा व परित्यक्ता महिलाओं सहित अविवाहित रहकर एकाकी जीवन बितानेवाली महिलाओं का भी समावेश है.
* वर्गवारीनुसार आंकडें
विधवा 65,458
परित्यक्ता 4,604
तलाकशुदा 3,385
अविवाहित 3,672
रोजगार प्राप्त महिलाएं 17,752
* जिप द्वारा विशेष कार्यक्रम
एकल महिलाओं के सर्वेक्षण में सर्वाधिक 8,917 एकल महिलाएं अमरावती तहसील में पाई गई. वहीं चांदुर बाजार में 8,390, अचलपुर में 8,419, मोर्शी में 7,278, वरुड में 6,515, दर्यापुर में 5,375, अंजनगांव सुर्जी में 5,165, धामणगांव रेलवे में 4,744, धारणी में 4,615, चांदुर रेलवे में 4,322, नांदगांव खंडेश्वर में 4,315, तिवसा में 3.278, भातकुली में 3,044 तथा चिखलदरा में सबसे कम 2,732 एकल महिलाएं है. इन सभी एकल महिलाओं को विविध सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने हेतु जिला परिषद की सीईओ संजीता महापात्र के मार्गदर्शन के तहत विशेष कार्यक्रम चलाया जा रहा है.
* मिशन वात्सल्य अंतर्गत महिलाओं को सरकार की विविध योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु सीईओ के मार्गदर्शन में नियोजन किया जा रहा है. जिसके अनुसार आगामी कालावधि में इन सभी उपक्रमों पर अमल किया जाएगा.
– विलास मरसाले
डेप्युटी सीईओ, महिला व बाल कल्याण विभाग.





