रापनि के काफिले में शामिल होंगी 8,300 नई बसें

मार्च माह से चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा समावेश

* रोजाना डेढ करोड का घाटा पूरा कर यात्री संख्या को 75 लाख पर ले जाने का लक्ष्य
* परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की घोषणा, ग्रामीण क्षेत्रों में बढाई जाएंगी एसटी बसों की फेरियां
मुंबई /दि.20  – आर्थिक दबाव से जूझ रही राज्य परिवहन सेवा को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस वर्ष राज्य परिवहन (एसटी) के बेड़े में 8,300 नई बसें शामिल करने की घोषणा की है. उनका कहना है कि बसें बढ़ेंगी तो यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और उससे आय भी स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी.
कोरोना महामारी से पहले एसटी के पास लगभग 18 से 19 हजार बसें थीं और रोज करीब 66 लाख यात्री यात्रा करते थे. लेकिन महामारी और कर्मचारियों की लंबी हड़ताल के कारण बस खरीद ठप रही और 2024 के अंत तक बसों की संख्या घटकर लगभग 12,600 रह गई. फिलहाल रोजाना करीब 50 लाख यात्री सफर कर रहे हैं, जबकि कई मार्गों पर फेरे कम पड़ रहे हैं.
* चरणबद्ध रूप से आएंगी नई बसें
पहले चरण में 8,300 बसें शामिल की जाएंगी, जिनमें 3 बाय 2 सीटिंग व्यवस्था वाली 55 सीटों की 3 हजार बसों, 5 हजार साधारण बसों, दुर्गम व आदिवासी क्षेत्रों के लिए 100 मिडी बसों व निजी वाहनों से प्रतिस्पर्धा हेतु 200 अत्याधुनिक बसों का समावेश है. इन बसों का संचालन मार्च से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा. भीड़भाड़ वाले शहरों के बीच विशेष सेवाएं चलाई जाएंगी.
* आय-व्यय संतुलन बनाने की कोशिश
फिलहाल एसटी का रोजाना खर्च 34 से 35 करोड़ रुपये है, जबकि आय करीब 33 करोड़ रुपये है. यानी प्रतिदिन 1 से 1.5 करोड़ रुपये की कमी हो रही है. सरकार का मानना है कि नई बसों के बाद रोजाना 70 से 75 लाख यात्रियों का लक्ष्य हासिल होगा और घाटा कम होगा.
* ग्रामीण सेवा पर विशेष ध्यान
नई बसों से ग्रामीण मुक्कामी फेरे बढ़ेंगे. आदिवासी क्षेत्रों तक सेवा पहुंचेगी. शहरों के बीच अतिरिक्त फेरे चलेंगे. सरकार को उम्मीद है कि साल के अंत तक राज्य परिवहन आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति में पहुंच जाएगा.

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