‘नवीन अमरावती’ एकीकृत विकास प्रारूप को वरिष्ठ मंत्रियों का समर्थन

60 वर्ष पुराने रेल ओवरब्रिज को हटाकर नई परियोजना को क्रियान्वित करने रेल मंत्री से की जाएगी चर्चा

* केंद्रीय मंत्री गडकरी, सीएम फडणवीस और पालकमंत्री बावनकुले का समर्थन
* राज्यसभा सदस्य डॉ. अनिल बोंडे ने पत्रकार परिषद में दी जानकारी
अमरावती/दि.29- शहर के मध्य स्थित 60 वर्ष पुराना रेलवे पुल जर्जर होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया हैं, जिसके चलते शहर में भारी ट्रैफिक जाम, विद्यार्थियों एवं व्यापारियों को आवागमन में असुविधा और नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इन समस्याओं के स्थायी समाधान के उद्देश्य से राज्यसभा सांसद अनिलजी बोंडे के नेतृत्व में ‘नवीन अमरावती’ एकीकृत विकास योजना को धरातल पर लाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. डॉ. बोंडे ने आईआईटी उत्तीर्ण वेदांश खंडेलवाल द्बारा तैयार किए गए प्रारूप के बारे में आज यहां आयोजित पत्रकार परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना का केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंंद्र फडणवीस और जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने समर्थन दिया है और अब इस बाबत रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से विस्तृत चर्चा कर इस परियोजना कर क्रियान्वित करने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे.
सांसद डॉ. अयनिल बोंडे ने आज अपने जनसंपर्क कार्यालय में भी पत्रकार परिषद में बताया कि अमरावती शहर के मध्यभाग में स्थित 60 वर्ष पुराना रेलवे ब्रिज अत्याधिक जर्जर होने से सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया हैं. यह ब्रिज बंद होने से शहर में भारी ट्रैफिक जाम, विद्यार्थियों की परेशानी, व्यापारी गतिविधियों में बाधाए और नागरिकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड रहा हैें. इस समस्या से निजात पाने के लिए आईआईटी उत्तीर्ण छात्र वेदांश खंडेलवाल ने नया प्रारूप तैयार किया हैं. वेदांश की यह संकल्पना डॉ. अनिल बोंडे को काफी पसंद आई हैं. उन्होेंने एकिकृत नवीन अमरावती विकास योजना तैयार की हैं. वेदांश खंडेलवाल द्बारा तैयार किए गए इस विकास प्रारूप को उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी, राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के सामने रख उसका प्रेझेनटेशन दिया हैं. इन तीनोें वरिष्ठ मंत्रियों ने अमरावती के नागरिकों की वर्तमान समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए इस परियोजना का समर्थन किया है. अब यह तीनों मंत्री और सांसद डॉ. अनिल बोंडे, रेल मंत्री अश्विन वैष्णव से विस्तृत चर्चा कर इस परियोजना को क्रियान्वित करने के लिए प्रयास करनेवाले हैं.
डॉ. बोंडे ने कहा कि इस प्रस्ताव को यदि रेल मंत्री मंजूर करते है तो पुराने जर्जर पुल को हटाकर उसे सिधा, चौडा और अत्याधुनिक मार्ग का निर्माण, जिससे सुरक्षित, तेज और सुगम यातायात निश्चित होगा. साथ ही रेलवे स्टेशन के नए प्लैटफॉर्म का निर्माण और अत्याधुनिक बिजनेस पार्क, मल्टीलेवल पार्किंग हब, अत्याधुनिक विज्ञान संग्रहालय एवं केंद्रीय पुस्तकालय, पर्यटन उद्यान व सांस्कृतिक केंद्र आदि विकसित होगे. यह विकास प्रारूप शहर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान कहा जा सकता हैं. डॉ. बोंडे ने कहा कि इससे विद्यार्थी, व्यापारी, नागरिक, बस सेवा तथा ई-वाहनों का सुरक्षित आवागमन, शहर के पूर्व-पश्चिम विभाजन का अंत और एक एकिकृत नई अमरावती का निर्माण होगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान के रेलवे स्टेशन को 550 मीटर आगे ले जाकर उसे विस्तारित किया गया तो यह सब बाते संभव हैं. नया स्टेशन राजापेठ पुलिस स्टेशन के पीछे से निर्माण हो सकता है. यदि इस परियोजना को मंजूरी मिलती है तो जिस बंद किए गए रेलवे ब्रिज के भी 250 करोड रुपए खर्च किया जोनवाला है. उससे कम फंड में यह नई परियोजना हो सकती हैं. राजापेठ से गोपाल नगर तक रेलवे परियोजना के पास इतनी जगह भी हैं. यदि ऐसा हुआ तो शहर को जोडनेवाले समतल रोड भी बनेंगे और राजकमल चौक, रायली प्लॉट, अंबापेठ और बाजारपेठ की तरफ जाने शहरवासियों को काफी सुविधा हो जाएगी और साथ ही ट्रैफिक समस्या से निजात मिल जाएगी और नए रेलवे स्टेशन पर पहुंचने दो मार्ग चौडे उपलब्ध हो जाएंगे. साथ ही पार्किग व्यवस्था भी हल हो जाएगी. लेकिन अब इसके लिए रेल मंत्री से चर्चा के बाद इस परियोजना बाबत अधिवेशन में प्रस्ताव मंजूर करने आवश्यक हैं. इस अवसर पर वेदांश खंडेलवाल ने परियोजना का प्रारूप भी बताया.

Back to top button