आधा घंटा लिफ्ट में फंसे रहे कई सीनियर वकील
कल फिर गुल हुई थी कोर्ट की बत्ती

* मची भागमभाग, युवाओं ने किसी तरह निकाला
* बिजली की समस्या पुन: सतह पर
अमरावती/ दि. 29- देर से मिली खबर के अनुसार शुक्रवार दोपहर जिला न्यायालय की बत्ती गुल हो जाने से लिफ्ट में अनेक सीनियर वकील के फंसने से अफरा तफरी मची. किसी तरह युवा एडवोकेट्स ने भागा दौडी कर लिफ्ट की चाबी लाकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं को निकाला. बताया गया कि लिफ्ट में अधिक लोग होने से सफोकेशन की भी आशंका बढ गई थी. डेढ घंटा बाद बिजली सप्लाई पूर्ववत होने की जानकारी अमरावती मंडल को विधि सूत्रों ने दी.
लाइन गई, कामकाज प्रभावित
कोर्ट क्षेत्र की लाइन कुछ माह पहले भी भरी दोपहर कामकाज के समय कई बार खंडित होने से न्याय दान का काम प्रभावित हुआ था. जिसके बाद जिला वकील संघ ने अध्यक्ष एड. सुनील देशमुख के नेतृत्व में कोर्ट प्रशासन एवं बिजली कंपनी को निवेदन देकर अलग से लाइन देकर बिजली सप्लाई अखंडित रखने का अनुरोध किया गया था. जिस पर आश्वासन दिया गया था. अब तक विशेष लाइन से बिजली सप्लाई का काम शुरू नहीं हो पाया है. ऐसे मेें शुक्रवार दोपहर डेढ बजे पुन: बत्ती गुल हो गई. बिजली खंडित होने से दर्जनों अदालतों का कामकाज रूक गया. कोर्ट के कार्य का भी संगणकीकरण होने से बिजली नहीं रहने पर हर्जा होता है. शुक्रवार को भी काम लगभग ठप हो जाने की जानकारी अमरावती मंडल को सूत्रों ने दी.
जैन, दापुरकर और अनेक फंसे
बिजली खंडित होते ही पांचवें माले से नीचे आ रहे वरिष्ठ एड. जैन, एड. दापुरकर, एड. नरेश और अन्य दो और तीन नंबर की मंजिल के बीच अटक गये थे. लिफ्ट में रश होने से सांस लेना भी मुश्किल हो गया था. गनिमत थी कि मोबाइल हैंडसेट काम कर रहे थे. उससे वरिष्ठ वकीलों ने अन्य युवा वकीलों को सूचित किया. आनन फानन में युवा वकील अधबीच में बंद पडी लिफ्ट की चाबी लेकर दौडे. इतना ही नहीं युवाओं ने सहारा देकर वरिष्ठ वकीलों को किसी तरह फंंसी हुई लिफ्ट से बाहर निकाला. तब तक आधा घंटा बीत चुका था. वरिष्ठ एडवोकेट्स का कलेजा मुुंह को आ गया था.
कब होगी लाइन अलग
डेढ घंटे बाद 3 बजकर 5 मिनट को कोर्ट इमारत की बिजली सप्लाई पूर्ववत हो सकी. जिसके बाद कोर्ट का कामकाज सुचारू होने का दावा किया गया. अनेक वकीलों ने कोर्ट के लिए महावितरण से पृथक लाइन की डिमांड का प्रश्न उठाया. उनका कहना था कि प्रशासन ने शीघ्र अलग लाइन का आश्वासन दिया था. महीनों बाद भी वह पूर्ण नहीं हुआ है. अमरावती बडा शहर होने के बावजूद बत्ती गुल होने के कारण न्यायदान में खलल का दंश झेल रहा है. शुक्रवार को तो वरिष्ठ वकीलों की जान सांसत में पड गई थी.





