मिनी मंत्रालय चुनाव के भी आसार

आयोग टटोल रहा स्थिति

* सभी दलों में रोचक स्थिति
अमरावती/दि.10 – महापालिका और जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव आयोग की मशनरी के विभाजन की स्थिति देखते हुए दोनों चुनाव एक साथ करवाने की संभावना चुनाव आयोग टटोल रहा है. ऐसे में मिनी मंत्रालय के इच्छुक उम्मीदवारों को चुनाव शीघ्र होने की संभावना दिखाई दे रही है. खबर में बताया गया कि, नागपुर और चंद्रपुर के अलावा विदर्भ के अन्य जिला परिषद के चुनाव का कार्यक्रम जल्द घोषित हो सकता है. उपरोक्त दोनों जिलों में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक हो जाने के कारण वहां बाद में इलेक्शन कराए जा सकते हैं.
अमरावती जिला परिषद की बात करें तो पिछली बार कांग्रेस, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस ने गठजोड कर बीजेपी को सत्ता से दूर रखा था. अब शिवसेना और राकांपा दोनों दलों में फूट पडी है. फलस्वरुप परिस्थितियां बदल गई है. राजनीतिक समीकरण बदल गए है. अब सत्ता के करीब पहुंचने में कौनसा दल अग्रणी होता है, यह सभी के लिए उत्सुकता का मामला बना है.
सर्वोच्च न्यायालय ने आरक्षण की सीमा पर सुनवाई करते हुए नागपुर और चंद्रपुर सहित अधिक आरक्षण वाली जिला परिषद के चुनाव कोर्ट के आदेश अधीन होने की बात स्पष्ट कर दी है. उसी के साथ कोर्ट ने अन्य मिनी मंत्रालयों में चुनााव को एकप्रकार से अनुमति दे दी है. 32 जिला परिषदों में 15 स्थानों पर आरक्षण मर्यादा में रहने से वहां चुनाव लेने का पर्याय आयोग के लिए उपलब्ध है. जिससे कहा जा रहा है कि, नागपुर में चल रहे शीत सत्र के तुरंत बाद महापालिका के साथ ही 15 जिला परिषद के भी चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो सकता है. जिला परिषद के लिए 27 दिनों का एवं मनपा के लिए 40 दिनों का कार्यक्रम रहने की परिपाटी है. जिससे वोटर लिस्ट फाइनल होते ही चुनाव की घोषणा आयोग कर सकता है.
* सभी दलों में जोरदार रसाकशी
लोकसभा, विधानसभा चुनाव के नतीजों पश्चात निकाय चुनाव के इच्छुकों की संख्या बेतहाशा बढी है. इच्छुकों के सामने 6 दलों के पर्याय खुले हैं, क्योंकि राष्ट्रवादी और शिवसेना का विभाजन हो रखा है. बावजूद इसके मिनी मंत्रालय में जाने की होड के कारण सभी दलों में इच्छुकों की भरमार नेताओं के वास्ते सिरदर्द बढा सकती है. दलों का अपने बलबूते चुनाव लडने पर जोर रह सकता है, इसका फायदा इच्छुकों को मिलेगा.

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