श्रीमद भागवत कथा श्रवण करना ही जीवन के सार को समझना है

पं. श्रध्देय श्याम महाराज के आशीर्वचन

* मंगल कलश यात्रा से श्रीमद भागवत कथा का प्रारंभ
* सरयूपारिण ब्राह्मण सभा, शिक्षक वेलफेयर एसो., गणेशोत्सव महिला मंडल का आयोजन
अमरावती/ दि. 29 – श्रीमद भागवत कथा का श्रवण करना ही जीवन के सार को समझना है. भगवान ने मनुष्य रूप में जन्म लेकर जो लीलाएं दिखाई हैं. उसे गहराई से समझने का प्रयास श्रीमद भागवत गीता के माध्यम से किया गया है. इसलिए जो भक्त इस कथा का दिल की गहराईयों से श्रवण करता है वह पुण्यफल की प्राप्ति कर अपने जीवन का उद्देश्य समझकर आगे बढने का प्रयास करता है. यह कहते हुए ‘धन- धन राधा नाम, प्यारो सुंदर श्याम, जयश्री हरिवंश दुलारी, जय वृंदावन धाम…’ जैसे भजनों के साथ श्रीमद भागवत संगीतमय कथा ज्ञान यज्ञ में वृंदावन धाम के परम श्रध्देय श्याम महाराज ने अपने आशीर्वचन कहे.
स्थानीय मांगीलाल लाल प्लॉट स्थित प्रयागराज पंचमुखी हनुमान मंदिर के सामने स्थित मैदान पर रविवार से सरयूपारिण ब्राह्मण सभा, शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, गणेशोत्सव महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में तथा यश खोडके मित्र परिवार के विशेष मार्गदर्शन व दिनेश बूब मित्र परिवार की सलाह से संगीतमय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया.
कथा के पहले दिन श्रीमद भगवत कथा की शुरूआत मंगल कलश यात्रा से की गई. मांगीलाल प्लॉट के प्रयागराज पंचमुखी हनुमान मंदिर से दोपहर 3.15 बजे यह मंगल कलश यात्रा आरंभ हुई. जिसमें कथा वाचक वृंदावन धाम के पंडित श्याम महाराज, मुख्य यजमान त्रियुगीनारायण मिश्रा, जगदंबा प्रसाद मिश्रा, माताफेर मिश्रा, राम कैलाश मिश्रा, हरिहरनाथ मिश्रा, शारदा प्रसाद मिश्रा, द्बारिका प्रसाद मिश्रा, सुभाष मिश्रा एवं समस्त मिश्रा (भौरहा) परिवार के साथ बडी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी. कलश यात्रा में पीले वस्त्र धारण कर सिर पर कलश लिए करीब 45 महिलाएं शामिल हुई. वहीं पीला कुर्ता व सफेद पैजामा धारण कर पुरूषों ने भी कलश यात्रा में सहभाग लिया.
कलश यात्रा मांगीलाल प्लॉट से टोपे नगर मैदान, होटल ग्रेैंड महफिल , गर्ल्स हाईस्कूल चौक से निकलकर लोक निर्माण विभाग के मंदिर पहुंची. यहां कलश यात्रा को विराम दिया गया. इसके पश्चात इसी मार्ग से होते हुए कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंची. यहां कलश यात्रा का समापन किया गया. कलश यात्रा के आयोजन में अमृता देशमुख व एड. अंजली मिश्रा के साथ गणेशोत्सव महिला मंडल ने अथक प्रयास किए. इस समय रूचि मिश्रा, नीता मिश्रा, अंजू मिश्रा, स्वाति मिश्रा, इंदू मिश्रा, नीता मिश्रा आदि महिलाएं उपस्थित थी.
पहले दिन की कथा शाम 5 बजे से आरंभ हुई. जिसमें वृंदावन धाम के परम श्रध्देय श्याम महाराज ने श्रीमद भागवत कथा का महात्तम प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि इस कथा के माध्यम से हमें भगवान से रूबरू होने का मौका मिलता है. उनके स्वभाव का वर्णन कथा में किया गया है. उनकी लीलाओं का भी भागवत कथा में वर्णन किया गया है. भागवत को समझना भगवान को समझने के बराबर है. जन्म- जन्मांतर एवं युग- युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है तब ऐसा अनुष्ठान होता है, ऐसे आशीर्वचन उन्होंने कथा के पहले दिन किए. पहले दिन की कथा को आरती के साथ विराम दिया गया. उसके पश्चात सभी को प्रसाद का वितरण किया गया.
कथा स्थल पर दैनिक यजमान एड. दीपक श्रीमाली, डॉ. सतीश तिवारी, आनंद मिश्रा, रूपेश तिवारी, डॉ. मनीष दुबे, राजेंद्र पाण्डेय, एड. आशीष त्रिपाठी, वीरेंद्र तिवारी, कृष्णदेव तिवारी, शारदा प्रसाद तिवारी, देवराज तिवारी, राकेश मिश्रा, अवधेश मिश्रा, अनिल मिश्रा, सूरज मिश्रा, प्रकाश तिवारी, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, प्रकाश तिवारी, प्रमोद मिश्रा, अजय सीनखले, शिवकरण यादव, भाजपा महिला आघाडी शहराध्यक्षा सुधा तिवारी, शीला तिवारी, डॉ. उषा तिवारी, मंगला शुक्ला, शर्मिला मिश्रा, सारिका मिश्रा, के. पी. सिंह चौहान, अशोक सिंह, अशोक पाठक, दुर्गा प्रसाद मिश्रा, श्यामनारायण मिश्रा, अरविंद तिवारी, रामजनम मिश्रा, गोपाल निषाद, बालमुकुंद दुवे, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, रामेश्वर प्रसाद मिश्रा, आदित्य पाण्डेय, रामप्रसाद मिश्रा, शैलेंद्र मिश्रा, युवराज चौधरी, राजेश अग्रवाल, विलास मराठे, मोहन आहुजा, नरेश आहुजा, राजेश जैन, हरीश मालानी, देवानंद मिश्रा, राजेश मुराई, सतीश मोदानी, फोरम केचे, नंदकुमार अग्रवाल, दीपक राठी, संतोष बिजोरे, ओमप्रकाश त्रिपाठी, जयप्रकाश त्रिपाठी, श्रीप्रकाश त्रिपाठी, संदीप त्रिपाठी, संतोष यादव, अशोक तिवारी, अयोध्या प्रसाद मिश्रा, गणेश मिश्रा, अमृता देशमुख, अर्चना ठाकुर, सपना पनपालिया, ज्योति जाजू, माधुरी मेंडसे, नीता मालधुरे, सीमा तायडे, योजना महल्ले, संध्या शिरभाते, सुशीला राठोड, श्वेता मात्रे, जयश्री देशमुख, लता जवंजाल, अनिता खेरडे, शकुंतला जाजु, रिया ठाकुर, चंचल जाजू, प्रिया राठोड, स्वाति शिंपी, सरोज चांडक, रेखा अकर्ते, हंसा अग्रवाल, वर्षा खंडेलवाल, प्रिया बोंडे, प्रीति रोंघे, सुमन पोकले आदि उपस्थित थे.

 

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