राजनीतिक खबरों में फिर सिरमौर साबित हुआ ‘अमरावती मंडल’
मनपा चुनाव में सभी दलो के संभावित प्रत्याशियों के नाम पहले ही किए थे घोषित

* आज अधिकृत प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के साथ ही ‘अमरावती मंडल’ की भविष्यवाणी साबित हुई सही
* मात्र 10 से 15 फीसद नाम हुए इधर से उधर, 85 से 90 फीसद अनुमान रहा सटीक
* इससे पहले नप चुनाव के समय सभी दलो के नगराध्यक्ष प्रत्याशियों के नाम पहले ही किए थे प्रकाशित
* नप चुनाव के समय भी ‘अमरावती मंडल’ का आकलन साबित हुआ था पूरी तरह से सही
* शहर व जिले सहित पूरे संभाग में राजनीतिक उठापटक पर ‘अमरावती मंडल’ की हमेशा ही रहती है पैनी नजर
* 32 वर्षों के सफर में कई बार ‘अमरावती मंडल’ की राजनीतिक भविष्यवाणियां हो चुकी हैं सच
अमरावती/दि.30 – इस समय अमरावती महानगर पालिका के चुनाव को लेकर अच्छी-खासी राजनीतिक उठापटक धामधूम और गहमा-गहमी वाला माहौल चल रहा है. जिसके तहत विगत कई दिनों से अलग-अलग दलों के संभावित अधिकृत प्रत्याशियों के नामों को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही थी. परंतु किसी भी राजनीतिक दल द्वारा अंतिम समय तक अपने प्रत्याशियों के नामों की अधिकृत तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई थी. जिसके चलते अलग-अलग दलों से चुनाव लडने के इच्छुक दावेदारों में भी खुद को टिकट मिलने अथवा नहीं मिलने को लेकर काफी हद तक संभ्रमवाली स्थिति थी. ऐसे समय अपने राजनीतिक विश्लेषण और सटीक आकलन के लिए पहचाने जाने वाले दैनिक ‘अमरावती मंडल’ ने एक बार फिर अपनी विश्वसनीयता साबित की है। आगामी अमरावती महानगरपालिका चुनाव को लेकर विभिन्न दलों के संभावित प्रत्याशियों के नाम ‘अमरावती मंडल’ ने पहले ही प्रकाशित कर दिए थे, जो अब अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी होने के साथ ही लगभग पूरी तरह सही साबित हुए हैं। कांग्रेस, भाजपा, अजीत पवार गुट वाली राकांपा व शिंदे सेना जैसे प्रमुख दलों द्वारा आज अपने-अपने अधिकृत प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के बाद सामने आए नामों में केवल 10 से 15 प्रतिशत तक ही बदलाव देखने को मिला, जबकि 85 से 90 प्रतिशत प्रत्याशियों के नाम ‘अमरावती मंडल’ के पूर्व आकलन से मेल खाते हैं। इससे एक बार फिर अख़बार की राजनीतिक समझ और गहरी पकड़ उजागर हुई है।
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, जारी माह के दौरान ही हुए नगर परिषद व नगर पंचायत के चुनाव दौरान भी ‘अमरावती मंडल’ ने जिले के सभी 12 निकाय क्षेत्रों में सभी प्रमुख दलों के नगराध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के नाम पहले ही प्रकाशित किए थे, जो बाद में शत-प्रतिशत सही साबित हुए थे। वहीं अब मनपा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ‘अमरावती मंडल’ ने अलग-अलग दलों की ओर से किस-किस प्रभाग से कौन-कौन प्रत्याशी हो सकते है, इसकी दलनिहाय व प्रभागनिहाय विस्तृत सूची भी 8 से 10 दिन पहले घोषित कर दी थी. जो आज विभिन्न दलो की ओर से मनपा चुनाव हेतु अपने-अपने अधिकृत प्रत्याशियों के नामों की सूची घोषित किए जाते ही 85 से 90 फीसद तक सही साबित हुई है. जिसके चलते राजनीतिक खबरों के मामले में ‘अमरावती मंडल’ एक बार फिर पूरी तरह से सिरमौर साबित हुआ है.
बता दें कि, अमरावती शहर व जिले सहित पूरे अमरावती संभाग की राजनीतिक उठापटक पर ‘अमरावती मंडल’ की पैनी नजर हमेशा बनी रहती है। अपने 32 वर्षों के अपने पत्रकारिता सफर में ‘अमरावती मंडल’ की राजनीतिक भविष्यवाणियां कई बार सटीक सिद्ध हुई हैं, जिससे पाठकों के बीच इसकी विश्वसनीयता और भी मजबूत हुई है। साथ ही इस विश्वनियता को ‘अमरावती मंडल’ ने हाल ही में संपन्न नगर परिषद व नगर पंचायत के चुनाव सहित आगामी समय में होने जा रहे मनपा चुनाव को लेकर लगाए गए सटीक राजनीतिक कयासों के दम पर और भी अधिक मजबूत किया है.
* भाजपा के खेमे में मची रही जबरदस्त हलचल
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, दैनिक ‘अमरावती मंडल’ ने मनपा चुनाव के लिए भाजपा के संभावित प्रत्याशियों के नामों की सूची जारी करने के साथ-साथ भाजपा, शिंदे गुट वाली शिवसेना एवं युवा स्वाभिमान पार्टी के बीच युति की संभावना व बातचीत को लेकर काफी पहले ही कयास लगाते हुए खबरे प्रकाशित की थी. जिन्हें पढकर भाजपा के स्थानीय नेताओं के बीच अच्छे-खासे हडकंप व हलचल वाली स्थिति रही. साथ ही हर कोई एक-दूसरे से संपर्क करने के साथ ही ‘अमरावती मंडल’ से भी संपर्क करते हुए यह जानने का प्रयास करता दिखा कि, आखिर ‘अमरावती मंडल’ को संभावित प्रत्याशियों के नामों की सूची कहां से, कैसे व किसके जरिए मिली. इसके अलावा भाजपा के स्थानीय नेताओं की बैठको सहित पार्लियामेंटरी बोर्ड की मीटिंग में भी इस बात को लेकर कई बार चर्चा हुई कि, आखिर दैनिक ‘अमरावती मंडल’ के पास पार्टी की गोपनीय जानकारियां कैसे पहुंच रही है. इसे लेकर भाजपा के स्थानीय नेताओं ने अच्छी-खासी माथापच्ची भी कर डाली. जिसमें से कई नेताओं व पदाधिकारियों ने कई बार ‘अमरावती मंडल’ से भी संपर्क करते हुए इस बारे में जानकारी हासिल करनी चाही. जिन्हें ‘अमरावती मंडल’ ने दोटुक शब्दों में जवाब दिया कि, खोजी पत्रकारिता करना और हाथ आई प्रकाशन योग्य जानकारी को प्रकाशित करना क्षेत्र का जिम्मेदार अखबार होने के नाते ‘अमरावती मंडल’ का अपना स्वतंत्र अधिकार है.
* कांग्रेस की जबरदस्त गोपनीयता भी रह गई धरी की धरी
खास बात यह भी है कि, भाजपा की शह और मात वाली रणनीति को मात देने के लिए शहर कांग्रेस कमिटी ने अपने संभावित प्रत्याशियों के नामों को लेकर जबरदस्त तरीके से गोपनीयता बरती थी और किसी भी प्रभाग की एक भी सीट से अपने संभावित प्रत्याशी के नाम की जानकारी को बाहर नहीं आने दिया था. जिसके पीछे शहर कांग्रेस के पदाधिकारियों द्वारा तर्क दिया गया था कि, यदि वे अपने संभावित प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक करते है, तो भाजपा सहित अन्य प्रमुख विपक्षी दलों द्वारा उन प्रत्याशियों पर पाला बदलने अथवा चुनाव नहीं लडने को लेकर दबाव डाला जा सकता है. परंतु कांग्रेस की ओर से बरती गई तमाम तरह की गोपनियता भी दैनिक ‘अमरावती मंडल’ की खोजी पत्रकारिता के सामने धरी की धरी रह गई. क्योंकि ‘अमरावती मंडल’ ने कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों के नामों की प्रभागनिहाय सूची भी करीब 8-10 दिन पहले ही प्रकाशित कर दी थी. कमाल वाली बात यह रही कि, आज जब शहर कांग्रेस ने मनपा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की अधिकृत सूची घोषित की, तो उस सूची में अधिकांश तौर पर उन्हीं नामों का समावेश दिखाई दिया. जिन नामों को कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों के तौर पर अमरावती मंडल 8 से 10 दिन पहले ही प्रकाशित कर चुका था.
* राकांपा (अजीत) के प्रत्याशियों को लेकर भी अनुमान निकला सही
अमरावती मनपा के चुनाव में अपने अकेले के दम पर हिस्सा ले रही अजीत पवार गुट वाली राकांपा के संभावित प्रत्याशियों के नामों की भी प्रभागनिहाय सूची दैनिक ‘अमरावती मंडल’ ने 8-10 दिन पहले प्रकाशित कर दी थी और आज जब राकांपा प्रत्याशियों के नामों की अधिकृत सूची सामने आई तो ‘अमरावती मंडल’ द्वारा पहले ही जताया गया अनुमान पूरी तरह से सही व सटीक साबित हुआ है. जिसके चलते दैनिक ‘अमरावती मंडल’ की राजनीति से संबंधित खबरो पर पैनी नजर और पकड एक बार फिर पूरी विश्वसनीयता के साथ साबित हुई है.





