महाराष्ट्र में 14 नगर निगमों में भाजपा-शिंदे शिवसेना की युति टूटी
सीट बंटवारे को लेकर महायुति में खींचतान

* मुंबई और ठाणे में गठबंधन बरकरार
* कई शहरों में सीधा मुकाबला तय
मुंबई /दि.30- महाराष्ट्र में आगामी महानगरपालिका चुनावों को लेकर महायुति के घटक दलों के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है. सीटों के बंटवारे को लेकर भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते राज्य की 14 महानगरपालिकाओं में दोनों दलों का गठबंधन टूट गया है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि होने के कारण राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. कई स्थानों पर पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को टिकट न मिलने से नाराज़गी देखी जा रही है, वहीं कुछ जगहों पर हाल ही में दल बदलकर आए नेताओं को उम्मीदवार बनाए जाने से आंतरिक असंतोष भी उभर आया है.
जिन महानगरपालिकाओं में भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना अलग-अलग चुनाव लड़ेंगी, उनमें अमरावती, अकोला, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, नासिक, नांदेड, मालेगांव, मीरा-भाईंदर, नवी मुंबई, धुले, उल्हासनगर, सांगली, छत्रपति संभाजीनगर और जालना शामिल हैं. इन शहरों में त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले की संभावना जताई जा रही है. हालांकि राज्य की सबसे अहम मानी जाने वाली मुंबई और ठाणे महानगरपालिकाओं में भाजपा और शिंदे गुट की युति कायम रखी गई है. लेकिन इन दोनों नगर निगमों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) को गठबंधन से बाहर रखा गया है, जिससे यहां के राजनीतिक समीकरण अलग नजर आ रहे हैं.
मुंबई, ठाणे, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, नवी मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर की चुनावी लड़ाई भाजपा, शिंदे गुट और ठाकरे गुट के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जिन शहरों में गठबंधन टूटा है और जहां युति कायम है, वहां मतदाता किसके पक्ष में फैसला सुनाते हैं. बता दें कि, राज्य की सभी महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा, जबकि 16 जनवरी को मतगणना और नतीजे घोषित किए जाएंगे.





