अमरावती के स्वप्निल गावंडे सोशल इनोवेटर फेलोशिप से सम्मानित
शैफलर इंडिया सोशल इनोवेटर फेलोशिप प्रोग्राम-2025 संस्करण के विजेताओं की घोषणा

अमरावती/दि.31 – जो पर्यावरण और समाज की बडी समस्याओं के लिए ठोस और असरदार समाधान खोज रहे हैं. उन युवा सोशल इनोवेटर्स को प्रोत्साहित करने और उन्हें सशक्त करने के लिए बनाए गए शैफलर इंडिया सोशल इनोवेटर फेलोशिप प्रोग्राम के 2025 संस्करण के विजेताओं की घोषणा की गई हैं. जिसमें अमरावती के स्वप्निल गावंडे को सोशल इनोवेटर फेलोशिप से सम्मानित किया गाया.
इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे नए विचारों को बढावा देना है जिनमें विकास के साथ-साथ प्रकृति और समाज की भलाई का भी ध्यान रखा गया हो. यह पहल छोटे स्तर पर शुरू किए गए प्रयासों को एक बडे बदलाव के रूप में विकसित करना चाहती है, ताकि समुदायों के जीवन में सकारात्मक और अस्थायी सुधार लाया जा सके. शीर्ष दस विजेताओं में अमरावती के स्वप्निल गावंडे को उनके एक खास डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए सम्मानित किया गया है. यह प्लेटफॉर्म देश के सभी आई बैंक, आई रिट्रीवल सेंटर और आई ट्रांसप्लांट सेंटरों को एक साथ जोडता है. इसकी मदद से आंखों की कॉर्निया के उतकों की रियल टाइम ट्रैकिंग पारदर्शी आवंटन और सही वितरण मुमकिन हो पाता है. यह सिस्टम तालमेल को बेहतर बनाता है, देरी को कम करता है और कॉर्निया की बर्बादी रोकता है. इससे यह सुनिश्चित होता है कि हर क्षेत्र के मरीजों को समय पर और बिना किसी भेदभाव के आंखों की रोशनी देनेवाले ट्रांसप्लांट की सुविधा मिल सके. इसके बारे में जानकारी देते हुए एमडी और सोईओ, हर्षा कदम ने कहा कि बदलाव ही एकमात्र ऐसी चीज है जो हमेशा बनी रहती है. आज की तेजी से बदलती दुनिया में जहां पर्यावरण और तकनीक लोगों के जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, हमारा सोशल इनोवेटर फेलोशिप प्रोग्राम पर्यावरण और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है. हम सिर्फ तकनीक में आगे नहीं बढाना चाहते, बल्कि अपने आसपास के परिवेश के प्रति संवेदनशील भी रहना चाहते हैं. यही वजह है कि हम हर साल इस कार्यक्रम को बढावा देते है ताकि एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य बनाया जा सके. यह देखकर बहुत खुशी होती है कि कैसे तकनीक और मनवीय सोच मिलकर दुनिया मजबूत बनाने के लिए डिजाइन किया गया है जो तकनीक के जरिए बडे स्तर पर समाज की समस्याओं को सुलझा रहे है. इस मंच के माध्यम से हम उन नए विचारों को हकीकत में बदलना चाहते है जिनका समाज पर गहरा और लंबे समय तक रहने वाला असर पडे.





