ग्लोबल और इंटरनेशनल शब्दों का उपयोग करने वाला नियमों का स्कूल अब नहीं चलेगा

शिक्षा विभाग स्कूलों की संलग्नता की जांच करेगा

अमरावती/दि.31 -राज्य की अनेक निजी स्कूलों ने पात्रता, संलग्नता का मानक पूरा नहीं करने पर भी अपने नाम में ग्लोबल, इंटरनेशनल, सीबीएसई, इंग्लिश मीडियम ऐसे नाम लगाए है. यह कृति गैरकानूनी होने की बात स्पष्ट करते हुए उनके नाम में बदल करने का निर्णय लिया गया है. राज्यस्तरीय प्राधिकरण की सचिव के निर्देश अनुसार ऐसे स्कूलों की मान्यता किस शिक्षा मंडल की है, इसकी जांच की जाएगी. तथा स्कूलों के नाम बदलने संबंध में शाला व्यवस्थापन को सूचित कर कार्रवाही की जाएगी. तथा नए से आने वाले प्रस्ताव के नाम संबंधी जांच करने बाद ही प्रस्ताव राज्य प्राधिकरण को भेजा जाएगा.
राज्य के कई निजी स्कूलों ने पात्रता और संबद्धता मानदंडों को पूरा न करने के बावजूद अपने नामों में ‘ग्लोबल’, ‘इंटरनेशनल’, ‘सीबीएसई’, ‘इंग्लिश मीडियम’ जैसे नाम जोड़ दिए हैं.यह कार्रवाई अवैध है. इन विद्यालयों के नाम स्पष्ट करते हुए इन्हें बदलने का निर्णय लिया गया है. राज्य स्तरीय प्राधिकरण के सचिव के निर्देशों के अनुसार, यह पता लगाया जाएगा कि किन शिक्षा बोर्डों द्वारा ऐसे विद्यालयों को मान्यता प्राप्त है. साथ ही, विद्यालय प्रबंधन को सूचित किया जाएगा और नाम परिवर्तन के संबंध में कार्रवाई की जाएगी. अतः, नए प्रस्ताव में नामों का सत्यापन हो जाने के बाद ही इसे राज्य प्राधिकरण को भेजा जाएगा.
* यह कृति गैरकानूनी
शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक ने कहा है कि किसी अंतरराष्ट्रीय बोर्ड से संलग्नता न रखने वाले स्कूलों के नाम में इंटरनेशनल, ग्लोबल जैसे शब्दों का प्रयोग करना, या किसी केंद्रीय सरकारी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता न रखने वाले स्कूलों के नाम में सीबीएसई का प्रयोग करना कानूनी रूप से सही नहीं है और यह प्रथा अवैध है.
* छात्रों और अभिभावकों को कर रहे गुमराह
स्कूलों के नामों में इंटरनेशनल, ग्लोबल, सीबीएसई और इंग्लिश मीडियम जैसे शब्दों का इस्तेमाल सरकार, समाज, अभिभावकों और छात्रों को गुमराह कर रहा है.
* स्कूलों के नाम, माध्यम और संलग्नता में अंतर
शिक्षा संचालनालय के अधीन राज्य प्राधिकरण को प्राप्त मामलों में विद्यालयों के नामों में भारी विसंगति पाई गई है. उनके नामों में इंटरनेशनल, ग्लोबल, सीबीएसई, अंग्रेजी माध्यम आदि जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है, जबकि वास्तव में ये विद्यालय मराठी माध्यम के रूप में मान्यता प्राप्त हैं. इस विसंगति को दूर करना आवश्यक है.
* नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
यदि विद्यालयों के नामों में भ्रामक शब्द पाए जाते हैं, तो संबंधित विद्यालय प्रबंधनों को नाम बदलने के लिए कहा जाएगा. अब से, नई मान्यता प्राप्त करने या उन्नयन के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले विद्यालयों के नामों की गहन जांच की जाएगी. यदि नाम अभिभावकों पर प्रतिकूल प्रभाव डालते पाए जाते हैं, तो उन्हें बदलने के बाद ही राज्य प्राधिकरण को भेजा जाएगा.
* जिले में कई स्कूल
जिले के कई स्थानों पर विद्यालयों के नामों में इंटरनेशनल, ग्लोबल, सीबीएसई, इंग्लिश मीडियम जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है. इन विद्यालयों की संलग्नता की जांच की जाएगी और इनके नाम बदले जाएंगे.
* नाम में ग्लोबल, इंटरनेशनल, सीबीएसई का प्रयोग
गांवों में स्थापित कई स्व-वित्तपोषित स्कूलों के आधे नामों में ग्लोबल, इंटरनेशनल, सीबीएसई जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है.
* क्या है नियम?
अब से, विद्यालय की मान्यता के लिए नए मामलों की जांच करते समय, विद्यालय का नाम, उसका बोर्ड और माध्यम, तथा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा मान्यता का सत्यापन किया जाएगा. राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय अब इंटरनेशनल, ग्लोबल, सीबीएसई, अंग्रेजी माध्यम आदि जैसे आकर्षक शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकेंगे, और ऐसा करना अवैध होगा.
* नाम परिवर्तन की अधिसूचना जारी
शिक्षा संचालनालय ने जिला शिक्षा विभाग को सलाह दी है कि वे उन स्कूलों के नाम बदल दें, जिनमें इंटरनेशनल, ग्लोबल, सीबीएसई और इंग्लिश मीडियम जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है, ताकि छात्रों और अभिभावकों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पडे.

 

 

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