मुस्लिम बहुल प्रभागों में रोचक होगा अमरावती मनपा का चुनाव
प्रभाग 15 में कांग्रेस-राष्ट्रवादी के बीच सीधी और कांटे की टक्कर

* राकांपा प्रत्याशी शेख जफर के खिलाफ कांग्रेस ने उतारी महिला प्रत्याशी
* कांग्रेस के पैनल में तीन महिला उम्मीदवार, बहुकोणीय मुकाबले से चुनावी समीकरण रोचक
* प्रभाग 15 बना ‘लिटमस टेस्ट’, अल्पसंख्यक वोटों में सेंध की कोशिश
* महिला कार्ड बनाम पारंपरिक पकड़, बंटे वोट तो पलट सकता है पूरा गणित
अमरावती/दि.31- अमरावती महानगरपालिका चुनाव में प्रभाग क्रमांक 15 (छाया नगर-पठानपुरा) अब केवल एक वार्ड नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए लिटमस टेस्ट बनता जा रहा है. यहां कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच मुकाबला जितना सीधा दिख रहा है, अंदरखाने उतना ही पेचीदा और जोखिम भरा होता जा रहा है.
बता दें कि, मुस्लिम बहुल इस प्रभाग में अब तक राष्ट्रवादी की पारंपरिक पकड़ मजबूत मानी जाती रही है, लेकिन इस बार कांग्रेस ने महिला उम्मीदवारों का आक्रामक कार्ड खेलकर समीकरण बदलने की कोशिश की है. खासतौर पर अजीत पवार गुट वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्याशी बनाए गए मुस्लिम समुदाय के प्रभावशाली नेता व पूर्व उपमहापौर शेख जफर शेख जब्बार के खिलाफ महिला उम्मीदवार शबाना अंसारी को उतारना कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति माना जा रहा है. कांग्रेस ने पैनल में तीन महिला उम्मीदवार देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह केवल पार्टी नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिनिधित्व की लड़ाई लड़ रही है. वहीं राष्ट्रवादी अब भी अपने पुराने नेटवर्क और व्यक्तिगत प्रभाव के भरोसे मैदान में है.
हालांकि इस प्रभाग में असली खेल वोटों के बंटवारे का है. एमआईएम, अलीम पटेल की पार्टी और मुस्लिम लीग के उम्मीदवारों की मौजूदगी ने मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है. एमआईएम द्वारा एक सीट छोड़ना राजनीतिक संकेत जरूर है, लेकिन तीन उम्मीदवार उतारकर उसने कांग्रेस-राष्ट्रवादी दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अलीम पटेल की पार्टी द्वारा दो महिला उम्मीदवार मैदान में उतारना यह साफ करता है कि महिला मतदाताओं को लेकर अब हर दल गंभीर है. ऐसे में अल्पसंख्यक वोट यदि बंटते हैं, तो जीत का अंतर बेहद कम रह सकता है और अप्रत्याशित नतीजे सामने आ सकते हैं.
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यदि कांग्रेस की महिला-केंद्रित रणनीति सफल होती है तो यह राष्ट्रवादी के गढ़ में सीधी सेंध होगी. वहीं यदि राष्ट्रवादी अपनी पारंपरिक पकड़ बनाए रखने में सफल रहता है, तो यह कांग्रेस के प्रयोग पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा. कुल मिलाकर प्रभाग 15 में मुकाबला अब सिर्फ उम्मीदवारों का नहीं, बल्कि पुरानी पकड़ बनाम नई रणनीति, परंपरा बनाम परिवर्तन, और एकजुट वोट बनाम बंटा जनाधार की लड़ाई बन चुका है.
प्रभाग क्र. 15 जमील कॉलोनी-लालखडी से अजीत पवार गुट वाली राकांपा ने शेख जफर शेख जब्बार, सिराज मेमन, नसीम सुल्ताना व शाहेदा बानो, कांग्रेस पार्टी ने डॉ. सोहेल बारी, अफसर जहां सादिक शाह, डॉ. नाजिया व शबाना अंसारी, एमआईएम ने राशिद अली, आसिया अंजुम व नूरुन तबस्सुम, युनायटेड रिपब्लिकन फोरम ने नगमा परवीन, मेघा गुप्ता (महिरा काजिम) तथा मुस्लिम लीग ने रहिमा बी को प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है. बता दें कि, प्रभाग 15 से चार नगरसेवकों का चुनाव होना है. यहां महिला आरक्षण और अल्पसंख्यक वोटों का बंटवारा चुनावी परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकता है. राजनीतिक जानकारों के अनुसार कांग्रेस की महिला-केंद्रित रणनीति और राष्ट्रवादी के पारंपरिक प्रभाव के बीच मुकाबला बेहद कड़ा रहेगा, वहीं एमआईएम और अन्य दलों की भूमिका परिणामों को चौंकाने वाली दिशा भी दे सकती है.
उल्लेखनीय है कि अमरावती मनपा चुनाव 15 जनवरी 2026 को होंगे, जबकि मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी. इस प्रभाग पर सभी राजनीतिक दलों की खास नजरें टिकी हुई हैं. इस प्रभाग का परिणाम न केवल वार्ड, बल्कि पूरे शहर की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.





