श्रीमद् रामचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वुमन का शुभारंभ

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हस्ते उदघाटन

धरमपुर / दि. 1 – महिला सशक्तीकरण के एक नये अध्याय की शुरूआत करते हुए श्रीमद रामचंद्र मिशन धरमपुर के संस्थापक पूज्य गुरूदेव श्री राकेश जी एवं केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शुभ हस्ते श्रीमद रामचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वुमन का उद्घाटन किया गया.
श्रीमद रामचंद्र मिशन धरमपुर की यह महत्वकांक्षी परियोजना दक्षिण गुजरात के धरमपुर में 11 एकड भूमि पर लगभग 2 लाख वर्गफुट क्षेत्र में विकसित की गई है. यह एक आधुनिक एवं दूरदर्शी परिसर है, जो महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तीकरण के लिए समर्पित है. यह केन्द्र प्रतिवर्ष 15 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार, प्रशिक्षण एवं कल्याण से जुडे संसाधन प्रदान करेगा तथा ग्रामीण भारत में सैटेलाइट केंन्द्रों और सांझेदारियों के माध्यम से हजारों महिलाओं तक पहुंचेगा.
श्रीमद रामचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वुमन ग्रामीण महिलाओं के उज्वल भविष्य के सपने को साकार करने के उद्देश्य से कार्यरत है. इस क्षेत्र में लगभग 9,60, 000 महिलाएं है. जिनमें से 55% आदिवासी है. यह परियोजना महिलाओं को नवीन कौशलों में दक्ष बनाकर आय, आत्म विश्वास और नेतृत्व की दिशा में आगे बढाते हुए आत्मनिर्भर बनाने हेतु एक संपूर्ण सशक्तीकरण चक्र का निर्माण करेगी. इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरी तरह से ग्रामीण महिलाओं द्बारा संचालित ऐसा अभियान मैंने पहले कभी नहीं देखा. यह वास्तव में एक अभिनव विचार है.
इस योजना से लाभान्वित ग्रामीण महिलाओं के चेहरों पर जो वास्तविक मुस्कान मैने देखी वह आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन को साकार करती है. यह परियोजना भारत द्बारा विश्व को दे दी गई. एक आदर्श पहल है और उत्कृष्टता का मानदंड स्थापित करती है. मुझे आशा है कि यह मिशन इस प्रयास को वैश्विक स्तर पर ले जाने मेें सफल होगा. इस मिशन के माध्यम से पूज्य गुरूदेव श्री भगवान महावीर और श्रीमद रामचंद्र जी के मूल्यों को विश्व में प्रसारित कर रहे है और आनेवाली पीढियों के लिए सशक्त आधार रख रहे हैं.
श्रीमद् रामचंद्र मिशन धरमपुर के उपाध्यक्ष आत्मार्पित नेमीजी ने इस परियोजना के पीछे के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा श्रीमद् रामचंद्र मिशन धरमपुर शांत परिवर्तन में विश्वास करता है. गुरूत्वाकर्षण की तरह अदृश्य लेकिन अत्यंत प्रभावशाली श्रीमद् रामचंद्र सर्व मंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वुमन का उद्देश्य महिलाओं को निर्णय लेेने की क्षमता, सही दिशा, मार्गदर्शन और आत्म निर्भरता के लिए सशक्त बनाना है. आज के इस उद्घाटन के साथ सैकडों ग्रामीणों आदिवासी महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर एक नई यात्रा शुरू करेगी. महिला उत्थान से लेकर राष्ट्र निर्माण के व्यापक संकल्प के लिए श्रीमद् रामचंद्र मिशन धरमपुर पूर्णत: प्रतिबध्द है.
इस अवसर पर आदिवासी विकास, खादी, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री नरेशभाई पटेल, सांसद धवलभाई पटेल, महाराष्ट्र के कौशल्य रोजगार मंत्री मंगल प्रभात लोढा सहित इस परिसर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले सर्वमंगल फैमिली ट्रस्ट तथा शाह हैप्पीनेस फाउंडेशन के चीफ गीविंग ऑफीसर मनुभाई शाह एवं श्रीमती रिकाबेन शाह की भी उपस्थिति रही. श्रीमद् रामचंद्र सर्वमंगल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वुमन महिलाओं का सर्वांगीण विकास के लिए चार -स्तंभ आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से सशक्तीकरण प्रदान करेगा.

11 एकड में फैला आधुनिक परिसर
आर्थिक सशक्तीकरण : उत्पादन केन्द्र में महिलाएं सुगंध, खाद्य पदार्थ ,वस्त्र और हस्तशिल्प सहित 300 से अधिक उत्पादों का निर्माण करती है. जिनका निर्यात 750 से अधिक आउटलेट्स के माध्यम से 26 देशों में किया जाता है. इसके साथ ही उन्हें उत्पादन, स्वच्छता, सॉफ्ट स्कील्स इत्यादी की तालिम, डिजिटल साक्षरता, योग एवं कार्यस्थल सुरक्षा भी प्रदान की जायेगी.
कौशल एवं क्षमता विकास : यह परियोजना 10 विभिन्न थीम्स के अंतर्गत 60 से अधिक डिजिटल एवं आधुनिक उच्चस्तरीय कार्यक्रम प्रदान करती है. इनमें आर्टीफिशियल इंटेलीजेस, ड्रोन और रोबोटिक्स, स्वास्थ्य एवं कल्याण, हस्तकला, पाक कला सौंदर्य एवं वस्त्र, उधमिता तथा कार्यस्थल कौशल शामिल है.
सामाजिक सशक्तीकरण एवं कल्याण : यह परियोजना महिलाओं को आजीविका, शिक्षा और वित्तीय सुरक्षा बढाने वाली सरकारी योजनाओं एवं लाभों से जोडने हेतु उचित मार्गदर्शन प्रदान करेगी.
ज्ञान एवं जागरूकता : इस परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को उनके अधिकार, स्वास्थ्य सेवाओं तथा डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता से जुडी जानकारियां और अवसर प्रदान किए जायेंगे.

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