किडनी रैकेट केंद्र तमिलनाडू में, एक का सौदा 50 से 80 लाख रुपए में

दो विख्यात डॉक्टरों के नाम आए सामने

* किडनी निकालकर करोडो रुपए की कमाई
चंद्रपुर/दि.1 किडनी प्रकरण में अब गंभीर मोड आ गया है. इस प्रकरण में भारत के केंद्र तमीलनाडू के त्रिची का स्टार किम्स हॉस्पिटल रहने की बात सामने आयी है. यहां सैकडो लोगों की किडनी निकाले जाने का संदेह हैं. इसमें दो विख्यात डॉक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका है. यह रैकेट एक किडनी का सौदा 50 से 80 लाख रूपए में करता था. लेकिन पीडित को केवल 5 से 8 लाख रुपए दिए जाते थे, ऐसी जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन ने बुधवार को पत्रकारों को दी.
एलसीबी दल द्बारा कब्जे में लिए गए दिल्ली के डॉ. रविंद्रपाल सिंग को दिल्ली न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड पर लिया है. 2 जनवरी 2026 तक मुख्य न्यायदंडाधिकारी चंद्रपुर के सामने पेश होने के आदेश न्यायालय ने दिए है. स्टार किम्स हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजरत्नम गोविंद स्वामी श्रीलंका फरार होने का संदेह है. एलसीबी के चार दल देश में आरोपी की तलाश में जुटे हुए है.

* तिरूची कनेक्शन
तमिलनाडू के तिरूची (तिरूचिरापल्ली) की एक हॉस्पिटल में किडनी का अवैध व्यवसाय शुरू था. वह डॉ. राजरत्नम गोविंद स्वामी से संबंधित रहने की जानकारी है.

* डॉ. सबूत करता था नष्ट
– पीडित रोशनी कुडे ने डॉ. क्रिष्णा व हिमांशू भारद्वाज के माध्यम से किडनी बिक्री की. उनके मोबाईल डेटा पर से पुलिस जांच दिल्ली और तमिलनाडू के डॉक्टर तक पहुंची.
– डॉ. रविंद्रपाल सिंग यह दिल्ली से तिरूची के स्टार किम्स हॉस्पिटल में डॉ. राजरत्नम गोविंद स्वामी की सहायता से किडनी निकालकर इस बाबत सबूत नष्ट करता था. इस तरह बडी संख्या में किडनी निकाले जाने का पुलिस को संदेह है.

* लाखों रुपए का कमिशन
किडनी लेनेवाले व्यक्तियों से 50 से 80 लाख रुपए लिए जाते थे. इसमें डॉ. रविंद्रपाल सिंग को 10 लाख रुपए, डॉ. राजरत्नम गोविंद्रस्वामी को सर्जरी व हॉस्पिटीलिटी के कारण 20 लाख रुपए, डॉ. क्रिष्णा व साथी को 20 लाख रुपए का कमिशन मिलता था. किडनी देनेवाले को केवल 5 से 8 लाख रुपए दिए जाते थे.

* जांच में तमिलनाडू सरकार का असहयोग
स्टार किम्स के एमडी डॉ. राजरत्नम गोविंदस्वामी यह तमिलनाडू के एक मंत्री के रिश्तेदार है. उसे पकडने के लिए एलसीबी का दल पहुंचा भी था. लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका, ऐसे में वह फरार हो गया. ट्रांजिट रिमांड पर रहे डॉ. रविंद्रपाल सिंग वर्ष 2022 में पद्मश्री के लिए नामांकित होने की पुलिस सूत्रों की जानकारी है.

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