बेलोरा विमानतल पर प्रशिक्षण अप्रैल से

एक वर्ष में 180 पायलट ट्रेनिंग का लक्ष्य

* अमरावती आ चुके हैं दोहरे इंजन वाले प्रशिक्षु विमान
अमरावती/ दि. 1-दक्षिण एशिया के सबसे बडे पायलट ट्रेनिंग केन्द्र के आगामी अप्रैल माह से अमरावती विमानतल पर शुरू होने की संभावना है. टाटा समूह के अधीन एयर इंडिया इस केन्द्र का संचालन करनेवाली है. केन्द्र के लिए संरचनात्मक सुविधाएं तैयार हो रही र्है. खास दो इंजनवाले प्रशिक्षु विमान यहां गत 14 दिसंबर को पहुंच गये हैं. ऐसे विमानों की संख्या 34 होनेवाली र्है. जिससे पायलट ट्रेनिंग का काम तेजी से होगा.
भरपूर सनलाइट, इसलिए चुना गया अमरावती
टाटा कंपनी अधीन संस्था यह पायलट ट्रेनिंग केन्द्र संचालित करेगी. अमरावती शहर स्वच्छ हवा का केन्द्र होने और वर्ष में लगभग 8 माह भरपूर सूर्यप्रकाश रहने से यहां की विजिबलिटी बेहतरीन है. इसी आधार पर अमरावती विमान तल का प्रशिक्षण केन्द्र के लिए चयन होने की जानकारी हवाई क्षेत्र के जानकारों ने दी. उन्होंने बताया कि यहां धुंध और धूल नहीं समान होने से सबेरे 9 से शाम 5 बजे तक बेहतरीन मौसम अधिकांश समय रहता है. उसी प्रकार हवा भी 25- 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ही चलती है. ऐसे में शहर से केवल 15. 5 किमी की दूरी और आसपास कोई हिल एरिया भी न होने से अमरावती में ही प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने का निर्णय किए जाने की जानकारी विशेषज्ञों ने दी.
दो वर्ष का प्रशिक्षण, हर साल बढेंगे विमान
अमरावती के पायलट ट्रेनिंग केन्द्र हेेतु गत माह खास अमेरिका से प्रशिक्षु विमान यहां लाए गये हैं. धीरे-धीरे प्रशिक्षण देनेवाले विमानों की संख्या बढाई जायेगी. 34 विमान प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे. पायलट को दो वर्ष सघन ट्रेनिंग दी जायेगी. जिससे एक बार पूरी तरह ऑपरेशनल होने के बाद प्रतिवर्ष 180 पायलट यहां तैयार होंगे. 2028 में पायलट की पहली बेच यहां तैयार होगी. एफटीओ के प्रबंधक रवि तेजा शर्मा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि निश्चित ही अमरावती के विकास में उक्त ट्रेनिंग सेंटर का भी योजदान रहनेवाला है. शीघ्र सिंगल सीटर विमान यहां आयेंगे. जो ट्रेनिंग में उपयोगी रहेंगे.

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