जुलूस और प्रचार में नियमों का पालन सख्ती से

निर्वाचन आयोग ने दी उम्मीदवारों को ताकीद

* पुलिस और चुनाव अधिकारी की अनुमति अनिवार्य
अमरावती/ दि. 2 – 9 वर्षो के इंतजार के बाद अमरावती महापालिका के चुनाव हेतु आगामी 15 जनवरी को मतदान होगा. 16 जनवरी को काउंटिंग होगी. तत्पश्चात नतीजे घोषित किए जायेंगे. इस बीच आज शाम तक चुनाव की तस्वीर स्पष्ट होनी है. नामांकन पीछे लेने की डेडलाइन आज पूर्ण हो रही है. कल से प्रचार शुरू होना है. ऐसे में निर्वाचन आयोग ने प्रचार रैली, जुलूस और लाउडस्पीकर के उपयोग के बारे में सख्त निर्देश जारी किए हैं. जुलूस के लिए पुलिस और संबंधित चुनाव अधिकारी की अनुमति लेना प्रत्येक प्रत्याशी एवं पार्टी हेतु अनिवार्य किया गया है. नियम का उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
समय और डेसीबल का रखें ध्यान
आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार के दौरान लाउडस्पीकर लगाकर प्रचार करने की अनुमति लेने के बावजूद इस बारे मेें समय और डेसीबल का पूरा ध्यान रखना होगा्. ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग हेतु सख्त नियम लागू है. उम्मीदवार को विधिवत अनुमति लेकर ही थ्रीविलर, फोर व्हीलर पर लाउडस्पीकर लगाकर निर्धारित समय में ही प्रचार करना होगा. नियमों के उल्लंघन पर उम्मीदवारों के विरूध्द कार्रवाई की जायेगी.
कहां करे शिकायत
लाउडस्पीकर के दुरूपयोग या अन्य नियमों के उल्लंघन के विषय में चाहे तो पुलिस और संबंधित चुनाव अधिकारी के पास शिकायत की जा सकती है. दोषी पाए जानेवाले के विरूध्द प्रशासन द्बारा कार्रवाई की जायेगी.
क्या होगा एक्शन
ध्वनि विस्तारक से संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है. अन्यथा चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों और संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और ध्वनि प्रदूषण (नियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई शामिल है. इसलिए उम्मीदवारों को प्रचार के दौरान नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू है. इस अवधि में सभा या प्रचार स्थल के आसपास ध्वनि स्तर को नियंत्रित रखना आवश्यक है. रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. ध्वनि विस्तारक के उपयोगी अवधि हमेशा से तय है. नियमों का पालन नहीं करने पर पुलिस विभाग और निर्वाचन निर्णय अधिकारी द्बारा कार्रवाई की जायेगी.

 

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