मनपा चुनाव की राजनीति में एक और नया उलटफेर
भाजपा ने अपने कल के फैसले से लिया ‘यू-टर्न’

* ‘उन’ तीनों सीटों पर युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशियों नहीं करेंगी समर्थन
* प्रभाग क्र. 11 में शैलेश राऊत, प्रभाग क्र. 17 में मृणाल चौधरी व प्रभाग क्र. 21 में गौरव बांते ही रहेंगे भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी
* केवल 6 सीटें युवा स्वाभिमान के लिए छोडकर 69 सीटों पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों की दावेदारी कायम
* गत रोज मंत्री बावनकुले ने विधायक राणा के साथ मुलाकात के बाद लिया था फैसला
* देर रात पार्टीजनों के साथ बैठक पश्चात खुद बावनकुले ने ही पलट दिया अपने निर्णय को
अमरावती/दि.3 – अमरावती महानगरपालिका चुनाव की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. भाजपा ने अपने ही कल के फैसले से यू-टर्न लेते हुए तीन सीटों पर युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशियों को समर्थन नहीं देने का निर्णय लिया है. इसके चलते अब उन तीनों प्रभागों में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी ही चुनावी मैदान में बने रहेंगे. प्रभाग क्रमांक 11 रुक्मिणी नगर-फ्रेजरपुरा से शैलेश राऊत, प्रभाग क्रमांक 17 गडगडेश्वर-रवि नगर से मृणाल चौधरी तथा प्रभाग क्रमांक 21 जुनी बस्ती बडनेरा से गौरव बांते को भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी बनाए रखने का अंतिम निर्णय लिया गया है. इन सीटों पर अब युवा स्वाभिमान पार्टी को भाजपा का समर्थन नहीं मिलेगा.
सूत्रों के अनुसार भाजपा ने युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए केवल 6 सीटें ही छोड़ने का निर्णय कायम रखा है, जबकि शेष 69 सीटों पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी ही चुनाव लड़ेंगे. गौरतलब है कि गत रोज पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधायक रवि राणा के साथ हुई बैठक के बाद युवा स्वाभिमान पार्टी को तीन अतिरिक्त सीटों पर समर्थन देने का निर्णय लिया था. हालांकि, देर रात भाजपा पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद खुद बावनकुले ने ही अपना निर्णय पलट दिया. इस अचानक बदले फैसले से मनपा चुनाव की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. भाजपा के इस यू-टर्न को चुनावी रणनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण और भी रोचक होने की संभावना जताई जा रही है. इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक गत रोज एक दिवसीय दौरे पर अमरावती पहुंचे भाजपा नेता व राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सीट बंटवारे में असंतुलन के चलते पैदा हुए असंतोष को दूर करने हेतु युवा स्वाभिमान पार्टी को और तीन सीटें देने के लिहाज से तीन प्रभागों में पार्टी के तीन अधिकृत प्रत्याशियों को रोकते हुए उनके स्थान पर युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशियों को समर्थन देने से संबंधित फैसले की घोषणा की थी. जिसकी ऐवज में यह उम्मीद भी जताई गई थी कि, युवा स्वाभिमान पार्टी द्वारा अन्य सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के सामने खडे किए गए अपने प्रत्याशियों की दावेदारी को पीछे ले लिया जाएगा. परंतु नामांकन वापसी का समय समाप्त होने तक वायएसपी की ओर से ऐसी कोई पहल नहीं की गई. साथ ही खुद विधायक रवि राणा द्वारा भी इस बारे में कोई अधिकृत घोषणा नहीं की गई. वहीं इस दौरान पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की भाजपा नेत्री नवनीत राणा व शहर में पार्टी के लिहाज से प्रमुख चेहरा रहनेवाले एड. प्रशांत देशपांडे सहित कई मौजूदा व पूर्व पदाधिकारियों से भी अलग-अलग स्थानों पर व्यक्तिगत रुप से भेंट की और इस दौरान उन्हें पार्टी की शहर कार्यकारिणी सहित उम्मीदवार चयन समिति के बारे में जमकर शिकायतें सुनने हेतु मिली. जिसमें प्रमुख रुप से पालकमंत्री बावनकुले के समक्ष यह बात रखी गई कि, पार्टी की कोर कमिटी ने अधिकृत प्रत्याशी तय करने के काम में जमकर मनमानी की है और पार्टी के निष्ठावानों के बडी संख्या में टिकट काटे गए है. साथ ही ऐन समय पर अन्य दलो से आयातीत लोगों को प्रत्याशी बनाया गया है. जिसके चलते पालकमंत्री का कोर कमिटी को लेकर जबरदस्त तरीके से गुस्सा फूटा और उन्होंनी कई मौकों पर कोर कमिटी के सदस्यों को लेकर अपने गुस्से का इजहार भी किया.
पालकमंत्री बावनकुले द्वारा किए गए प्रयासों का ही नतीजा रहा कि, पूरी चुनावी धामधूम के दौरान लगभग नदारद रहनेवाली भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा गत रोज पहली बार अपने घर से बाहर निकली और उन्होंने सिकची रिसोर्ट में पार्टी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा भी लिया. जिसके बाद पालकमंत्री बावनकुले ने एड. प्रशांत देशपांडे के निवासस्थान पर पहुंचकर उन्हें भी समझाने का सफल प्रयास किया. जिसके पश्चात वे अन्य कई लोगों से बातचीत करते हुए नागपुर रवाना होने से पहले होटल गौरी इन में भोजन हेतु पहुंचे, जहां पर उन्होंने दिनभर के दौरान अपने सामने आई बातों के आधार पर कोर कमिटी के सदस्यों को जमकर आडे हाथ लिया. इसी बीच यह तथ्य भी सामने आया कि, पालकमंत्री बावनकुले द्वारा दिन के समय तीन सीटों पर वायएसपी प्रत्याशियों का समर्थन किए जाने की घोषणा करने के तुरंत बाद भाजपा शहराध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे द्वारा उन तीन सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के नाम गलती से एबी-फॉर्म दिए जाने से संबंधित पत्र जारी किया गया था. जिसके लिए किसी को भी विश्वास में नहीं लिया गया था. जिसके चलते पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं सहित आम मतदाताओं में बेहद गलत संदेश जा रहा है, इस बात को ध्यान में रखते हुए मंत्री बावनकुले ने तुरंत ही अपना फैसला वापिस लेने का निर्णय लिया. जिसके चलते आज सुबह से भाजपा में एक बार फिर बैठकों का दौर शुरु हुआ और पूरी जानकारी सीएम देवेंद्र फडणवीस तक भी पहुंचाई गई. जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि, भाजपा द्वारा 6 सीटें युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए छोडी जाएंगी और 69 सीटों पर खुद भाजपा के प्रत्याशी ही चुनाव लडेंगे.
ज्ञात रहे कि, भाजपा द्वारा युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए 5 सीटें पहले ही छोडी गई थी. वहीं प्रभाग क्र. 18 राजापेठ-संत कंवरराम की ड-सीट पर भाजपा प्रत्याशी राजेश भागचंद शादी का नामांकन खारिज हुआ है. जिस पर भाजपा ने युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी को समर्थन देने का निर्णय लिया है. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, भाजपा द्वारा अपने लिए छोडी गई 5 सीटों के साथ-साथ अन्य 36, ऐसी कुल 41 सीटों पर युवा स्वाभिमान पार्टी की ओर से अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की गई थी. जिसमें से 12 प्रत्याशियों द्वारा कल नामांकन वापसी के अंतिम दिन अपनी दावेदारी पीछे ले ली गई. ऐसे में अब युवा स्वाभिमान पार्टी के चुनावी मैदान में 29 प्रत्याशी है. जिसमें से 6 प्रत्याशियों को युति के तहत भाजपा का समर्थन हासिल है. वहीं अन्य 23 प्रत्याशियों की उनकी सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के साथ मैत्रिपूर्ण लढत होगी.





