अवैध बोअर पर जिला प्रशासन सख्त

आरओ वॉटर प्लांटों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

अमरावती/दि.5- अमरावती जिले में तेजी से घटते भूजल स्तर के पीछे शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) वॉटर प्लांटों द्वारा किया जा रहा अवैध भूजल दोहन एक बड़ा कारण सामने आया है. कई प्लांट्स केंद्रीय भूजल प्राधिकरण के नियमों की अनदेखी करते हुए बिना आवश्यक एनओसी, मीटरिंग, रिचार्ज व्यवस्था तथा शुल्क भुगतान के भारी मात्रा में भूजल का उपयोग कर रहे हैं. इससे जिले में भूजल स्तर में तेज गिरावट, शासन के राजस्व का नुकसान तथा आम नागरिकों के पेयजल पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. इन गंभीर मुद्दों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है.
वसुंधरा फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं पर्यावरण कार्यकर्ता गणेश अनासाने द्वारा 28 अक्टूबर 2025 को की गई शिकायत के आधार पर निवासी उपजिलाधिकारी अमरावती ने जिले के सभी उपविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं. महाराष्ट्र भूजल (विकास एवं व्यवस्थापन) अधिनियम, 2009 के तहत उपविभागीय अधिकारी जिला प्राधिकारी के रूप में कार्य करेंगे. वहीं सीजीडब्ल्यूए की 24 सितंबर 2020 की अधिसूचना के अनुसार अवैध भूजल दोहन करने वालों की बोरवेल सील करना, बिजली आपूर्ति बंद करना और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार भी उन्हें प्राप्त है. साथ ही प्रतिदिन 10 घनमीटर से कम भूजल उपयोग करने वाले और सीजीडब्ल्यूए के मार्गदर्शक नियमों का पालन न करने वाले उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं. प्रशासन ने इस विषय को प्रथम प्राथमिकता बताते हुए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के संकेत दिए हैं. यह कदम जिले में अवैध भूजल दोहन रोकने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है.

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