पहली बार मनपा चुनाव को हलके में नहीं ले रहे विधायक रवि राणा

युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशियों हेतु जमकर झोंक रहे अपनी ताकत

* हर सीट की ओर व्यक्तिगत रुप से दे रहे ध्यान, पहली बार निकाय चुनाव को लेकर पूरी गंभीरता
अमरावती/दि.5 – वर्ष 2009 से विधानसभा में बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे विधायक रवि राणा ने लगातार चार बार विधानसभा का चुनाव लडा और जीता. साथ ही इस दौरान उनकी पत्नी नवनीत राणा ने वर्ष 2014 से अब तक तीन बार लोकसभा का चुनाव लडा, जिसमें से वे वर्ष 2019 के चुनाव में विजयी होकर सांसद निर्वाचित हुई थी. वहीं 2014 व 2024 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पडा था. इस दौरान विधायक रवि राणा के नेतृत्व वाली युवा स्वाभिमान पार्टी ने कहने को तो वर्ष 2012 एवं 2017 में हुए मनपा चुनाव में भी हिस्सा लिया था. परंतु जिस तरह की गंभीरता विधानसभा व लोकसभा चुनाव में विधायक रवि राणा की ओर से दिखाई जाती रही, उस तरह की गंभीरता उन्होंने इससे पहले मनपा चुनाव को लेकर कभी भी नहीं दिखाई. लेकिन इस बार मामला कुछ अलग दिखाई दे रहा है. क्योंकि विधायक रवि राणा और उनकी युवा स्वाभिमान पार्टी द्वारा मनपा चुनाव को लेकर जबरदस्त गंभीरता दिखाई जा रही है. साथ ही साथ विधायक रवि राणा ने खुद अपने-आप को मनपा का चुनाव लढ रहे युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशियों के प्रचार में झोंक दिया है.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, युवा स्वाभिमान पार्टी का गठन करने के साथ ही विधानसभा के चुनावी अखाडे में उतरकर विधायक निर्वाचित होने के उपरांत अगले पांच वर्षों तक विधायक रवि राणा तब राज्य के सत्ता में रहनेवाली कांग्रेस-राकांपा की आघाडी के पक्ष में खडे दिखाई दिया करते थे. परंतु वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव पश्चात राज्य में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद विधायक रवि राणा ने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ जमकर नजदिकियां साधनी शुरु कर ली. वहीं वर्ष 2019 के संसदीय चुनाव पश्चात अमरावती लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर निर्वाचित हुई सांसद नवनीत राणा ने जब आगे चलकर केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्ववाली भाजपा सरकार का समर्थन किया, तो राणा दंपति के भाजपा के साथ संबंध बेहद मजबूत व प्रागढ होते चले गए. साथ ही युवा स्वाभिमान पार्टी को एनडीए के घटक दल के तौर पर शामिल किया गया और इस समय राज्य की सत्ताधारी महायुति में भी युवा स्वाभिमान पार्टी शामिल है. जिसकी बदौलत भाजपा ने अमरावती के मनपा चुनाव हेतु युवा स्वाभिमान पार्टी को अपने साथ युति में शामिल करते हुए युवा स्वाभिमान पार्टी के लिए 6 सीटें भी छोडी है.
परंतु यहां पर यह ध्यान देनेवाली बात है कि, भाजपा के साथ मनपा चुनाव के लिए युति में शामिल रहकर खुद के लिए 6 सीटें हासील करने के बावजूद विधायक रवि राणा ने कई सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ अपनी पार्टी के प्रत्याशी खडे किए है. साथ ही अपनी पार्टी को और अधिक सीटे दिए जाने की मांग को लेकर विधायक राणा ने भाजपा के कद्दावर नेता व राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को अपने फार्म हाउस पर आने के लिए मजबूर भी किया था. साथ ही साथ विधायक रवि राणा इन दिनों खुद सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग प्रभागों में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों की स्थिति का जायजा ले रहे है और कई प्रभागों में खुद भी प्रचार रैली में शामिल हो रहे है. ऐसे में कहा जा सकता है कि, इस बार के मनपा चुनाव को लेकर विधायक राणा में जबरदस्त गंभीरता दिखाई दे रही है.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, विधायक राणा के नेतृत्ववाली युवा स्वाभिमान पार्टी ने इससे पहले वर्ष 2017 में हुए अमरावती मनपा के चुनाव में भी हिस्सा लिया था और कई सीटों पर अपने प्रत्याशी खडे किए थे. जिसमें से युवा स्वाभिमान पार्टी को केवल तीन सीटों पर ही सफलता मिली थी और उस समय प्रत्याशी खडे करने के अलावा विधायक राणा ने मनपा चुनाव को लेकर कोई खास गंभीरता नहीं दिखाई थी. जबकि पिछली बार की तुलना में इस बार विधायक राणा द्वारा मनपा चुनाव को लेकर जबरदस्त गंभीरता दिखाते हुए अपनी पूरी ताकत भी झोंकी जा रही है. इसमें भी खास बात यह है कि, बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र में शामिल रहनेवाले अमरावती मनपा के सभी प्रभागों की सीटों पर युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी खडे किए गए है और बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र में अपनी ताकत दिखाने के लिए विधायक रवि राणा काफी धीर-गंभीर भी नजर आ रहे है. साथ ही साथ अमरावती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में शामिल प्रभागों की कुछ बेहद खास, चुनिंदा व प्रतिष्ठित सीटों पर भी विधायक रवि राणा द्वारा अपने प्रत्याशी खडे किए गए है. इसमें भी खास बात यह है कि, जिन इच्छुकों के टिकट भाजपा द्वारा ऐन समय पर काट दिए गए, उसमें से कई दमदार चेहरों को युवा स्वाभिमान पार्टी ने अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है. साथ ही साथ ऐसे प्रत्याशियों के लिए विधायक राणा द्वारा प्रचार हेतु अपनी पूरी ताकत भी झोंकी जा रही है.

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