चाहे किसी प्रत्याशी को वोट दो, या ‘नोटा’ दबाओ
प्रत्येक मतदाता को प्रभाग में 4 वोट डालने ही होंगे

* बिना 4 वोट दर्ज किए मतदान नहीं होगा पूर्ण
* अमरावती मनपा के 22 प्रभागों में 87 सीटों हेतु 661 प्रत्याशी
* मनपा क्षेत्र के 6 लाख 77 हजार 180 मतदाताओं के हाथ में भविष्य
अमरावती/दि.6 – अमरावती महानगर पालिका में 87 सदस्यों का चयन करने हेतु आगामी 15 जनवरी को मतदान कराया जाना है. चूंकि अमरावती महानगर पालिका में बहुसदस्यीय प्रभाग रचना के तहत 4 सदस्यीय प्रभाग रचना को मंजूर किया गया है. जिसके चलते प्रत्येक मतदाता को अपने-अपने प्रभाग में 4 वोट डालने ही होंगे, फिर चाहे मतदाता द्वारा किसी प्रत्याशी को वोट दिया जाए या फिर ‘नोटा’ का पर्याय चुना जाए. लेकिन हर मतदाता को ईवीएम पर 4 बार बटन दबाकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार व कर्तव्य की पूर्ती करना अनिवार्य रहेगा. जिसके बिना मतदान की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी और आधा-अधूरा मतदान कर मतदाता मतदान केंद्र से बाहर नहीं जा सकेंगे, ऐसी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी की गई है.
ज्ञात रहे कि, मनपा चुनाव में आरक्षण के अनुसार ‘अ’, ‘ब’, ‘क’ व ‘ड’ के अनुसार हर प्रभाग में 4-4 प्रत्याशी चुनकर दिए जाने है. परंतु कई बार प्रभाग में कई मतदाताओं के लिए उनकी पसंद के अनुरुप उम्मीदवार नहीं रहते है. ऐसे में कुछ लोग अपनी पसंद वाले 1, 2 अथवा 3 प्रत्याशियों को ही वोट देकर अपने कर्तव्य की पूर्ती करना चाहते है. परंतु अब राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक मतदाता को अपने प्रभाग की सदस्य संख्या के अनुरुप प्रभाग की सभी सीटों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करना ही होगा, फिर चाहे वह मतदाता किसी प्रत्याशी को अपना वोट दे, या फिर कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं रहने पर ‘नोटा’ का पर्याय चुने.
ज्ञात रहे कि, अमरावती महानगर पालिका में 22 प्रभागों से कुल 87 नगरसेवकों का चयन किया जाना है. जिसके तहत 21 प्रभागों से 4-4 तथा एक प्रभाग से 3 सदस्य चुने जाएंगे. अमरावती मनपा क्षेत्र के 6 लाख 77 हजार 180 मतदाताओं द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए अपने-अपने रिहायशी क्षेत्र वाले प्रभागों से अपनी पसंद के अनुरुप सदस्यों का चयन किया जाएगा. जिसके तहत 3 सदस्य संख्या रहनेवाले एकमात्र प्रभाग के मतदाताओं को 3 तथा अन्य सभी 21 प्रभागों के मतदाताओं को 4-4 वोट अनिवार्य रुप से डालने ही होंगे.
* …तो ‘नोटा’ का बटन दबाना होगा
उदाहरण के तौर पर कहा जा सकता है कि, प्रभाग में यदि कोई मतदाता केवल 3 प्रत्याशियों को ही वोट देना चाहता है और चौथी सीट पर उसे कोई प्रत्याशी पसंद नहीं है, तो संबंधित मतदाता को चौथी ईवीएम मशीन पर ‘नोटा’ का बटन अनिवार्य रुप से दबाना ही होगा. जिसके बिना संबंधित मतदाता के मतदान को पूरा नहीं माना जाएगा. वहीं यदि कोई मतदाता केवल 2 सीटों के प्रत्याशियों को ही वोट देना चाहता है, तो उसे अन्य 2 सीटों के लिए रखी गई ईवीएम मशीनों पर ‘नोटा’ का पर्याय चुनना होग * केंद्र अध्यक्ष को पूरी करानी होगी मतदान प्रक्रिया
किसी मतदाता द्वारा अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देने या फिर ‘नोटा’ के पर्याय वाला बटन दबाने से इंकार करने पर मतदान केंद्र अध्यक्ष को बैलेट यूनिट पर प्रत्याशियों के नाम और उसके सामने लगी लाइट को किसी कार्ड बोर्ड या पुस्तक को रखकर ढाकना होगा और मतदान केंद्र में उपस्थित सभी मतदान प्रतिनिधियों को साथ लेकर उनके समक्ष जिस मत पत्रिका पर मतदान अधूरा बाकी है, उस मत पत्रिका के लिए ‘नोटा’ के पर्याय वाली बटन दबाकर खुद मतदान प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
* प्रभाग पद्धती का अवलंब क्यों?
पहले वॉर्ड रचना में प्रत्येक मतदाता को एक ही वोट देने का अधिकार था, परंतु आगे चलकर जैसे ही मनपा चुनाव के लिए बहुसदस्यीय प्रभाग पद्धती पर अमल किया गया, तो मतदाताओं को एक से अधिक नगरसेवक चुनने का अधिकार दिया गया.
* राज्य निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शक तत्वानुसार प्रभाग रचना घोषित होने के बाद चुनाव लिए जाते है. अमरावती महानगर पालिका में चार सदस्यीय संख्या के अनुसार मतदान होना है. जिसके चलते प्रत्येक मतदाता को 4 वोट डालने का अधिकार दिया गया है और 4 वोट डालना अनिवार्य व बंधनकारक भी है, यानि मतदाताओं को यदि किसी सीट पर कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं है, तो वे ‘नोटा’ का बटन दबा सकते है. साथ ही मतदान प्रक्रिया को पूर्ण किए बिना कोई भी मतदाता मतदान केंद्र से बाहर नहीं जा सकता.
– सौम्या शर्मा
मनपा आयुक्त व निर्वाचन निर्णय अधिकारी. * प्रभाग की चार सीटों के लिए चार अलग-अलग रंगो वाली मतपत्रिका
अ-सीट के लिए सफेद, ब-सीट के लिए फीके गुलाबी, क-सीट के लिए पीले व ड-सीट के लिए हलके नीले रंग वाली मतपत्रिका को ईवीएम मशीन पर चिपकाया जाएगा, ताकि मतदाता अपने प्रभाग की चार अलग-अलग सीटों पर खडे प्रत्याशियों के नामों में फर्क एवं वर्गीकरण कर सके और चारों सीटों के लिए अलग-अलग रंगो वाली मतपत्रिकाओं के आधार पर अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के नाम के आगे वाली बटन को दबा सके या फिर ‘नोटा’ का पर्याय चुन सके.
यहां यह खास बात है कि, किसी भी प्रभाग की चारों सीटों के लिए मतदान करते समय मतदाताओं द्वारा किसी एक ही पार्टी के प्रत्याशियों के नाम वोटिंग करना जरुरी नहीं है, बल्कि मतदाता अलग-अलग सीटों के लिए अपनी पसंद के अनुरुप अलग-अलग पार्टियों के प्रत्याशियों हेतु अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकता है. साथ ही किसी सीट पर कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं रहने पर उस सीट के लिए ‘नोटा’ के पर्याय को भी चुन सकता है.
ध्यान देनेवाली बात यह है कि, मतदान हेतु पहुंचने वाले प्रत्येक मतदाता को अपने प्रभाग की चारों सीटों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करना ही होगा अन्यथा उसके मतदान को पूरा या वैध नहीं माना जाएगा. यदि कोई मतदाता अपने प्रभाग की चारों सीटों पर मतदान करने की बजाए एक, दो अथवा तीन सीटों के लिए ही अपना वोट डालना चाहता है, तो उसे अन्य सीटों के लिए ‘नोटा’ के पर्याय को चुनना होगा.





