हरी सब्जियों से बने खाद्य पदार्थ की भरमार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह पदार्थ शरीर के लिए सवोत्तम

* खाने के शौकिन लोग ताजी और उच्च गुणवत्तावाली हरी सब्जियों के लिए तरस रहे
अमरावती/दि.7 – सर्दी के मौसम में अच्छी पत्तेदार सब्जियां और तरह-तरह की सब्जियां आसानी से और सस्ते दामों पर पाने का समय है. हरी पालक, मेथी, चैलाई की सब्जी, सेपू, हर धनिया हर जगह नजर आते है. यह सब्जियां न केवल खाने का स्वाद बढाती है, बल्कि शरीर के लिए भी फायदेमंद होती हैं. इसलिए न सब्जियों से तरह-तरह के व्यंजन बनाएं और खाए जाते है. पालक से बनी दालभाजी सबकी पसंदीदा होती है. इसके साथ ही पालक पनीर, पालक बटाटा सब्जी, पालक भाजी, पालक पराठे, पालक वडा, मेथी भाजी, लहसुन के साथ मेथी, मेथी मुर मलाई, मेथी की दाल, मेथी के पराठे, वडा, घोलना, शेपु, सब्जी तथा घनियां वडी, सांभारवडी जैसे व्यंजन भी कई तरह के व्यंजनों का स्वाद बढाते है.
ग्रीष्मकाल, मानसुन में हरा धनिया महंगा मिलने से उसका इस्तेमाल खाने में काफी संभालकर किया जाता है, लेकिन सर्दियोंं में यही हरा धनिया उच्च गुणवत्तावाला और हरा होता है. इसका भरपुर उपयोग किया जाता है. इसी तरह सुगंधित चवलाई, पत्तेदार सब्जियां भी इस मौसम में बडे चाव से खाई जा रही है. सिर्फ चवलाई से बनी सब्जियां, आलू से बनी सब्जियां ज्यादातर लोगों के मुंह का स्वाद बढा रही है. अगर खान-पान अच्छा हो तो परिवार के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा. गृहिणियों ने बताया कि वे इस बात को ध्यान में रखते हुए अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों का सही इस्तेमाल करते है. यहां तक कि छोटे बच्चे भी जो सर्दियों में खाने से मुंह फेर लेते थे, अब पत्तेदार सब्जियों से बने तरह-तरह के व्यंजन बडे चाव से खा रहे है. पालक और मेथी का पराठा उन्हें बहुत पसंद आ रहा है. इसलिए सर्दियों में गृहिणियों के लिए स्कूल लंच बॉक्स तैयार करना कोई झंजट नहीं हैं.
पत्तेदार सब्जी रोग प्रतिकारशक्ति बढाने में करती है सहायता
सर्दियों में हरी पत्तेदार सब्जियां अच्छी गुणवत्तावाली और स्वच्छ होती है. इस दौरान पाचनतंत्र मजबुत होना चाहिए. ऐसे में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढता है. पत्तेदार सब्जियां खाने से सर्दी-खांसी जैसी बिमारियों से बचाव होता है और शरीर स्वस्थ्य रहता है. इनमें भरपुर मात्रा में आयरन पाया जाता है. विटामीन, फायबर और खनिजों से भरपूर यह संतुलित है. इससे शरीर को उर्जा मिलती है. साथ ही पेट भी साफ रहता है.
– डॉ. उज्वला ढेवले, आहर विशेषज्ञ,
पीडीएमसी.





