किसान उत्पादक कंपनियों और स्वयं सहायता समूहों को बड़ा अवसर

नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना के तहत आर्थिक सहायता हेतु आवेदन आमंत्रित

अमरावती/दि.7 नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना (पोकरा) चरण-2 के अंतर्गत अमरावती जिले के किसानों और कृषि आधारित संस्थाओं को बड़ी राहत और अवसर मिलने जा रहा है. विश्व बैंक के सहयोग से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना में जिले के 454 गांवों का चयन किया गया है. इसके तहत कृषि मूल्य श्रृंखला आधारित विभिन्न व्यवसायिक उपक्रमों तथा आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु शासन द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को जलवायु अनुकूल खेती के लिए सक्षम बनाना तथा उन्हें स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध कराना है.
परियोजना के अंतर्गत किसान उत्पादक कंपनियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संघों एवं ग्राम सभाओं को विभिन्न उपक्रमों के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में बढ़ती मजदूरों की कमी को ध्यान में रखते हुए महिला बचत समूहों के माध्यम से गांव स्तर पर कृषि औजार बैंक स्थापित करने हेतु 24 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा गोदाम निर्माण, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट (दाल मिल, तेल मिल, फल प्रसंस्करण इकाई), नीम अर्क यूनिट जैसी आधारभूत सुविधाओं के लिए परियोजना लागत के 60 प्रतिशत तक यानी अधिकतम 60 लाख रुपये तक बैंक आधारित अनुदान दिए जाने का प्रावधान है. इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान उत्पादक कंपनियों के पास कम से कम 250 सदस्य होना अनिवार्य है तथा उनकी वार्षिक टर्नओवर परियोजना राशि के कम से कम 5 प्रतिशत के बराबर होना चाहिए. वहीं 20 लाख रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लिए बैंक ऋण स्वीकृत होना आवश्यक किया गया है. इच्छुक संस्थाएं परियोजना के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल https://dbt-ndksp.mahapocra.gov.in/ पर पंजीकरण कर आवेदन कर सकती हैं. यह जानकारी आत्मा परियोजना निदेशक अर्चना निस्ताने ने दी. अधिक जानकारी के लिए किसानों से अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क करने की अपील की गई है.

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