मनपा चुनाव में भाजपा अब ‘ऑल आउट’ मोड में

‘जो बात गई सो बीत गई’

* अब कमर कसकर उतरी भाजपा मनपा के चुनावी मैदान में
* सांसद व विधायकों को सौंपा गया अलग-अलग प्रभागों का जिम्मा
* नए व पुराने स्थानीय नेता भी अब एकजुटता के साथ जुटे प्रचार में
* सीएम फडणवीस के रोड-शो पश्चात आज पालकमंत्री बावनकुले शहर में
* कल पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की भाजपा प्रत्याशियों हेतु होगी प्रचार सभा
अमरावती/दि.7 – टिकट बंटवारे और अंदरूनी असंतोष की तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अब मनपा चुनाव को लेकर स्पष्ट संदेश दे दिया है कि, अब पीछे देखने का वक्त नहीं, मुकाबला जीतने का वक्त है. ऐसे में बीते विवादों को दरकिनार कर भाजपा पूरी ताकत के साथ महानगरपालिका चुनावी मैदान में उतर चुकी है. जिसके चलते भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति के तहत सांसद और विधायकों को अमरावती मनपा क्षेत्र के अलग-अलग प्रभागों की जिम्मेदारी सौंपी है. साथ ही साथ पार्टी के कई नए व पुराने स्थानीय नेताओं को भी पुराने तमाम गिले-शिकवे भुलकर पूरी एकजुटता के साथ काम पर जुट जाने का निर्देश देने के साथ ही इन नेताओं को क्षेत्रीय समन्वय, प्रचार की निगरानी और कार्यकर्ताओं में जोश भरने की जिम्मेदारी दी गई है. इसे पार्टी का माइक्रो-मैनेजमेंट मॉडल माना जा रहा है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में दिखी नाराजगी और गुटबाजी अब काफी हद तक खत्म हो चुकी है. नए चेहरों और पुराने दिग्गजों को एक साथ मैदान में उतारकर भाजपा यह संकेत दे रही है कि व्यक्ति नहीं, संगठन सर्वोपरि है. स्थानीय नेता भी अब व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर प्रचार में सक्रिय हो गए हैं. विगत रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रोड-शो के बाद अब भाजपा का शीर्ष नेतृत्व लगातार अमरावती में डटा हुआ है. आज पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले शहर में डेरा डालकर चुनावी रणनीति की समीक्षा करेंगे. वहीं कल प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में विशाल प्रचार सभा को संबोधित करेंगे.
इसके अलावा पार्टी ने राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे, पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल, तिवसा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक राजेश वानखडे, धामणगांव रेलवे निर्वाचन क्षेत्र के विधायक प्रताप अडसड, अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक प्रवीण तायडे, मोर्शी-वरुड निर्वाचन क्षेत्र के विधायक उमेश उर्फ चंदू यावलकर सहित वर्धा जिले से वास्ता रखनेवाले राज्य के गृह राज्यमंत्री पंकज भोयर, आर्वी के विधायक सुमीत वानखडे एवं देवली के विधायक राजेश बकाने को अमरावती मनपा के चुनाव हेतु भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार व जीत के लिए मैदान में उतारा है, जिन्हें अलग-अलग प्रभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. साथ ही साथ भाजपा के सभी नए व पुराने नेताओं को भी अलग-अलग प्रभागों में भाजपा प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार हेतु जिम्मेदारी सौंपी गई है. जिसे देखकर माना जा रहा है कि, भाजपा ने मनपा का चुनावी मैदान फतह करने हेतु जबरदस्त तरीके के कमर कसी है.
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक स्थानीय नेताओं को दी गई जानकारी के तहत पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे को प्रभाग क्र. 2 संत गाडगेबाबा-पीडीएमसी, पूर्व महापौर किरणताई महल्ले को प्रभाग क्र. 3 नवसारी, शहराध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे को प्रभाग क्र. 7 जवाहर स्टडियम, प्रदेश प्रवक्ता शिवराव कुलकर्णी को प्रभाग क्र. 22 नई बस्ती बडेनरा, प्रदेश पदाधिकारी जयंत डेहनकर को प्रभाग क्र. 21 जुनी बस्ती बडनेरा, किरण पातुरकर को प्रभाग क्र. 6 विलास नगर-मोरबाग, रवी खांडेकर को प्रभाग क्र. 10 बेनोडा-भीमटेकडी-दस्तुर नगर व प्रा. डॉ. संजय तीरथकर को प्रभाग क्र. 13 अंबापेठ-गौरक्षण का जिम्मा सौंपा गया है. खास बाग यह भी है कि, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की प्रमुख उपस्थिति के तहत आज शाम 5 बजे होटल महफिल में शहर भाजपा की ओर से आयोजित प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक की अध्यक्षता का जिम्मा अंबापेठ प्रभाग से भाजपा की टिकट के लिए प्रबल दावेदार रह चुके शहर के वरिष्ठ विधिज्ञ एड. प्रशांत देशपांडे को सौंपा गया है. जिनकी टिकट कटने की पूरे शहरभर में जबरदस्त चर्चा थी. साथ ही जिनकी नाराजगी को दूर करने खुद पालकमंत्री बावनकुले बीते दिनों एड. प्रशांत देशपांडे के घर पहुंचे थे.
भाजपा की इस आक्रामक रणनीति को विपक्ष पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. बाहरी नेताओं की तैनाती और लगातार हो रहे शीर्ष नेताओं के दौरे से यह संदेश दिया जा रहा है कि पार्टी किसी भी सूरत में अमरावती को हाथ से जाने देने के मूड में नहीं है. कुल मिलाकर, जो बात गई सो बीत गई की तर्ज पर भाजपा ने बीते विवादों पर पर्दा डालते हुए चुनावी युद्ध की घोषणा कर दी है. अब देखना यह होगा कि यह संगठित आक्रमण और शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी भाजपा को मनपा चुनाव में कितनी राजनीतिक बढ़त दिला पाती है.
* ‘लोहे से लोहा काटने’ की रणनीति पर हो रहा काम
– दो बडे ‘नाराजों’ के जरिए अन्यों की नाराजगी दूर करने का प्रयास
खास बात यह भी है कि, भाजपा द्वारा अमरावती मनपा के निर्वाचन प्रभारी बनाए गए जलगांव जामोद के विधायक संजय कुटे को उन लोगों की नाराजगी दूर करने का जिम्मा सौंपा गया है, जो पार्टी द्वारा खुद को टिकट नहीं दिए जाने के चलते पार्टी से नाराज चल रहे है और जिन्होंने खुद को लगभग मनपा चुनाव हेतु पार्टी से दूर कर लिया है. इस काम के लिए भाजपा ने विधायक संजय कुटे के साथ शहर के वरिष्ठ विधिज्ञ एड. प्रशांत देशपांडे एवं जवाहर स्टेडियम प्रभाग के पूर्व पार्षद संजय अग्रवाल को सहायता हेतु काम पर लगाया है. उल्लेखनीय है कि, एड. प्रशांत देशपांडे व संजय अग्रवाल भी मनपा चुनाव के लिए भाजपा के टिकट हेतु बेहद प्रबल दावेदार माने जा रहे थे. परंतु इन दोनों प्रबल दावेदारों की टिकट ऐन समय पर कट गई. जिनकी नाराजगी को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने समय रहते दूर भी कर लिया. साथ ही अब इन दोनों को अपने साथ लेकर पार्टी के विधायक संजय कुटे अन्य नाराजों व असंतुष्टों से मेल-मुलाकात कर रहे है और उन्हें समझाया जा रहा है कि, अगर इतने बडे दावेदारों का टिकट कट सकता है, तो किसी का भी टिकट कटने की संभावना थी. साथ ही अगर इतने बडे दावेदार अपनी नाराजगी को दूर रखकर पार्टी के लिए काम कर रहे है, तो सभी नए व पुराने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने एक साथ मिलकर पार्टी के लिए काम करना चाहिए, ताकि मनपा में भाजपा की सत्ता लाई जा सके.

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