जी राम जी में 125 दिन रोजगार, 7 दिनों मेंं पारिश्रमिक
महाराष्ट्र संयोजक सांसद डॉ. अनिल बोंडे का दावा

* खेती किसानी के लिए 60 दिन अलग से रखेंगे
अमरावती/ दि. 9- मोदी सरकार द्बारा मनरेगा योजना में संसद में कानून बनाकर किए गये बदलाव मजदूरों और क्षेत्र के हित में होने का दावा कर नई वीबी जी राम जी योजना 25 दिन अधिक रोजगार देने के साथ पारिश्रमिक 7 दिनों के अंदर खाते में पहुंच जाने का दावा योजना के महाराष्ट्र संयोजक सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने किया. आज दोपहर आयोजित पत्रकार परिषद में योजना के अनेक बदलावों का ब्यौरा देते हुए सांसद बोंडे ने बताया कि आदिवासी बहुल अर्थात जिले के मेलघाट क्षेत्र में वर्ष में 150 दिन रोजगार की गारंटी इस योजना में हैं. इससे मेलघाट से होनेवाला मजदूरों का स्थानांतर बडे प्रमाण में रोके जाने का दावा कर उन्होंने भ्रष्टाचार रोकने व्यापक निगरानी और कदम उठाए जाने का दावा भी किया.
पत्रकार परिषद में वी बी जी राम जी योजना के महाराष्ट्र सहसंयोजक विधायक राजेश बकाने, जिले के विधायक सर्वश्री प्रताप अडसड, राजेश वानखडे, केवलराम काले, बीजेपी जिला अध्यक्ष रविराज देशमुख, प्रभुदास भिलावेकर, धारणी के नगराध्यक्ष सुनील चौथमल आदि उपस्थित थे. डॉ. बोंडे ने बताया कि केन्द्र के निर्णयानुसार जी राम जी योजना की महाराष्ट्र में व्यापक जनजागृति की जायेगी. अधिकाधिक लोगों को इसका लाभ दिलाया जायेगा. उन्होंने बताया कि अन्य सहसंयोजकों में विधायक मकरंद कोरडे, विधायक सत्यजीत देशमुख, विधायक नीलेश सावे है.
डॉ. बोंडे ने बताया कि योजना का संपूर्ण क्रियान्वयन ग्राम सभा करेगी. कौन सा काम योजना अंतर्गत करना है, यह तय करने से लेकर अपने क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं साकार करने की जिम्मेदारी भी होगी. ग्राम सेवकों का मानधन बढाने के साथ इसकी व्यापक तकनीकी मॉनिटरिंग होगी. रियल टाइम डेटा अपलोड होगा. जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा. उन्होंने दावा किया कि मनरेगा योजना पर मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड का खर्च किया है. विधेयक लाकर योजना में किए गये बदलाव जनहित में होने का दावा कर सांसद बोंडे ने बताया कि खेती किसानी को पर्याप्त मात्रा में मजदूर उपलब्ध रहने के लिए 60 दिनों की छूट दी गई है. उन्होंने बारंबार जोर देकर योजना को भ्रष्टाचार से मुक्त करने का दावा किया.





