राकांपा प्रत्याशी मनीष बजाज का ओबीसी प्रमाणपत्र है फर्जी!
पत्रवार्ता में विष्णु व्यास ने लगाया आरोप, कार्रवाई की मांग

अमरावती/दि.10 – स्थानीय प्रभाग क्र. 7 जवाहर स्टेडियम में ‘घडी’ चुनाव चिन्ह पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी रहनेवाले मनीष चेतनदास बजाज द्वारा ओबीसी संवर्ग हेतु आरक्षित सीट से चुनाव लडने हेतु फर्जी जाति प्रमाणपत्र पेश करते हुए खुद को गलत तरीके से ओबीसी दर्शाया गया है. जिसके चलते पूरे मामले की सघन जांच करते हुए राकांपा प्रत्याशी मनीष बजाज की दावेदारी खारिज की जानी चाहिए. साथ ही उनके खिलाफ फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनाए जाने को लेकर फौजदारी अपराध दर्ज किया जाना चाहिए. इसके अलावा जिन अधिकारियों ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनाकर देने में सहायता की है, उनके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए, इस आशय की मांग आज यहां बुलाई गई पत्रवार्ता में विष्णु व्यास द्वारा की गई.
अजीत पवार गुट वाली राकांपा की ओर से प्रभाग क्र. 7 जवाहर स्टेडियम में ओबीसी संवर्ग हेतु आरक्षित सीट से अधिकृत प्रत्याशी रहनेवाले मनीष चेतनदास बजाज की दावेदारी को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बालाजी प्लॉट निवासी विष्णु व्यास ने आज यहां बुलाई गई पत्रवार्ता में कहा कि, उनके पास मनीष बजाज की करीब चार पीढियों की वंशावली है. जिसके मुताबिक मनीष बजाज और उनका परिवार ‘खत्री’ जाति से वास्ता रखता है. जिसका समावेश सर्वसाधारण प्रवर्ग यानि ओपन कैटेगिरी में होता है. परंतु इसके बावजूद मनीष बजाज ने अपनी जाति की अक्षरों यानि स्पेलिंग में थोडी-बहुत छेडछाड करते हुए अपने लिए ‘क्षत्रीय पाटकर’ जाति का प्रमाणपत्र हासिल किया, जिसका अन्य पिछडावर्गीय संवर्ग में समावेश है. जिसका सीधा मतलब है कि, सर्वसाधारण प्रवर्ग से वास्ता रखनेवाले मनीष बजाज ने नियमबाह्य तरीके से ओबीसी संवर्ग जाति प्रमाणपत्र हासिल किया है.
इसके साथ ही विष्णु सोनी ने यह दावा भी किया कि, वर्ष 2007 के मनपा चुनाव में मनीष बजाज सहित उनके चचेरे भाई रहनेवाले पुरुषोत्तम बजाज ने हिस्सा लिया था और पुरुषोत्तम बजाज ने भी ओबीसी संवर्ग हेतु आरक्षित सीट से चुनाव लडने के लिए खुद को ‘क्षत्रीय पाटकर’ दर्शाते हुए ओबीसी का जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था. हैरत वाली बात है कि, तब खुद मनीष बजाज ने अपने ही परिवार से वास्ता रखनेवाले पुरुषोत्तम बजाज के जाति प्रमाणपत्र को चुनौती दी थी और मनीष बजाज द्वारा उठाई गई आपत्ति के आधार पर ही मामले की पडताल पश्चात पुरुषोत्तम बजाज का ओबीसी जाति प्रमाणपत्र रद्द किया गया था तथा यह निर्णय भी दिया गया था कि, बजाज परिवार ‘क्षत्रीय पाटकर’ नहीं बल्कि सर्वसामान्य संवर्ग में शामिल ‘खत्री’ जाति से वास्ता रखता है तथा परिवार के किसी सदस्य द्वारा गलत तरीके से जाति के नाम में छेडछाड करते हुए खुद को ओबीसी जाति संवर्ग में दर्शाया गया है. लेकिन अब कमाल वाली बात यह है कि, वर्ष 2007 के मनपा चुनाव में अपने ही परिवार से वास्ता रखनेवाले पुरुषोत्तम बजाज के ओबीसी जाति प्रमाणपत्र पर आपत्ति उठाते हुए उस प्रमाणपत्र को फर्जी बतानेवाले मनीष बजाज अब खुद उसी जाति प्रमाणपत्र का आधार लेते हुए खुद को ओबीसी बता रहे है तथा ओबीसी संवर्ग हेतु आरक्षित सीट से चुनाव लड रहे है, जो कि, पूरी तरह से नियमबाह्य व गैरकानूनी है.
इस पत्रवार्ता में विष्णु सोनी ने यह दावा भी किया कि, उन्होंने इस बारे में विगत 2 जनवरी को ही जिलाधीश आशीष येरेकर अर मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई थी. उस समय मनपा के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया भी चल रही थी, परंतु इसके बावजूद उनके द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया. ऐसे में अब वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बारे में भी सोच रहे है. इस समय इस पूरे मामले को लेकर अपने संबंध के बारे में जानकारी देते हुए विष्णु व्यास ने बताया कि, मनीष बजाज हकीकत में एक भूमाफिया है, जो लंबे समय से उनकी जमीन हडपने के पीछे पडा हुआ है. ऐसे में उन्हें जैसे ही पता चला कि, मनीष बजाज द्वारा चुनाव लडा जा रहा है, तो उन्होंने मनीष बजाज का पूरा इतिहास खंगाल डाला. जिसके चलते उनके हाथ मनीष बजाज की पूरी वंशावली लगने के साथ ही उन्हें यह पता चला कि, मनीष बजाज द्वारा फर्जी तरीके से ओबीसी प्रमाणपत्र हासिल कर ओबीसी संवर्ग हेतु आरक्षित सीट से चुनाव लडा जा रहा है. इस बात से आम नागरिकों को अवगत कराने हेतु उन्होंने पत्रवार्ता बुलाकर सभी को जानकारी देने का निर्णय लिया.





