साढे 4 करोड का विक्री कर डुबानेवाला व्यापारी धरा गया
अंजनगांव सुर्जी शहर का मामला

* आर्थिक अपराध शाखा ने नागपुर से लिया हिरासत में
अमरावती/दि.12 – सरकार का करोडों रुपयों का राजस्व डुबाने के साथ ही विगत करीब ढाई वर्षों से फरार रहनेवाले अंजनगांव सुर्जी क्षेत्र से वास्ता रखनेवाले एक बडे व्यापारी को ग्रामीण पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने विगत 9 जनवरी को नागपुर से हिरासत में लिया. पकडे गए आरोपी का नाम विवेक सुधाकर काकड (40, अंजनगांव सुर्जी) बताया गया है. जिस पर राज्य सरकार के साथ 4 करोड 48 लाख 16 हजार 507 रुपयों की जालसाजी किए जाने का आरोप है.
पुलिस के मुताबिक विवेक काकड द्वारा अंजनगांव सुर्जी में साईबाबा कार्पोरेशन नामक फर्म के जरिए कपास व रुई की विक्री का व्यवसाय किया जाता था. महाराष्ट्र मूल्यवर्धित कर अधिनियम 2002 अंतर्गत विवेक काकड पंजीकृत व्यापारी था, परंतु आर्थिक वर्ष 2011 से 2015 के कर निर्धारण दौरान विवेक काकड ने सरकार के पास नियमानुसार विक्री कर जमा नहीं किया. साथ ही बार-बार नोटिस देने के बावजूद विवेक काकड ने कर अदा करने में टालमटोल करते हुए सरकार की रकम का अपने व्यक्तिगत कामों के लिए प्रयोग किया. इस मामले में राज्य कर निरीक्षक चेतन प्रकाश सोनारे (32) ने अंजनगांव सुर्जी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. पश्चात हुई जांच-पडताल के जरिए पता चला कि, विवेक काकड द्वारा कुल 4 करोड रुपयों के बकाया कर की अदायगी नहीं की गई है. जिसके चलते विवेक काकड के खिलाफ 4 अगस्त 2023 को अंजनगांवव सुर्जी पुलिस द्वारा जालसाजी की धारा सहित महाराष्ट्र मूल्यवर्धित कर अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया. साथ ही इस मामले को विस्तृत जांच-पडताल हेतु आर्थिक अपराध शाखा के पास भेजा गया. पश्चात मामले की जांच करते हुए आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपी विवेक काकड को नागपुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की.
* ढाई वर्षों से फरार चल रहा था विवेक काकड
विशेष उल्लेखनीय है कि, 4 अगस्त 2023 को अपने खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही विवेक काकड फरार हो गया था. जिसकी विगत ढाई वर्षों से पुलिस द्वारा खोजबीन की जा रही थी. इस दौरान आर्थिक अपराध शाखा ने अपनी जांच पूरी करते हुए अदालत में चार्जशीट भी पेश कर दी थी. वहीं जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि, विवेक काकड इस समय नागपुर के अशोक नगर परिसर में रह रहा है. जिसके चलते पुलिस ने अपना जाल बिछाते हुए उसे 9 जनवरी को नागपुर जाकर गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के समय भी विवेक काकड ने अपनी गलत पहचान बताते हुए पुलिस की दिशाभूल करने और गिरफ्तारी से बचने का प्रयास किया. लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अपने पास रहनेवाली पुख्ता जानकारी के आधार पर विवेक काकड को अपनी हिरासत में लिया.
* एमसीआर की मांग
साढे 4 रुपयों की कर चोरी के मामले में धरे गए विवेक काकड को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले के जांच अधिकारी एपीआई विनोद धाडसे ने उसे अदालत में पेश किया. साथ ही अदालत को बताया कि, जमानत मिलने पर आरोपी के दुबारा फरार हो जाने की पूरी संभावना है. ऐसे में उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल में रखा जाए.





