मतदान से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा बयान

भाजपा के टिकट वितरण में कुछ लोगों के साथ अन्याय हुआ, लेकिन...

नागपुर/दि.12 – राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है. प्रचार अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसी बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. गडकरी ने सार्वजनिक मंच से भाजपा के टिकट वितरण में कुछ लोगों के साथ अन्याय हुआ है, यह स्वीकार किया, लेकिन साथ ही बागियों को स्पष्ट संदेश भी दे दिया. गडकरी ने कहा कि नौ वर्षों बाद हो रहे महानगरपालिका चुनावों में उम्मीदवारों की संख्या बहुत अधिक थी. केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के कारण टिकट के दावेदारों की भीड़ स्वाभाविक रूप से बढ़ गई. हर इच्छुक को टिकट देना संभव नहीं था, इसी वजह से कई नेता और कार्यकर्ता नाराज हुए.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह भी माना कि पार्टी ने कुछ जनप्रतिनिधियों के परिजनों को भी टिकट नहीं दिया, जिससे असंतोष और बगावत बढ़ी. गडकरी ने कहा कि, जिन लोगों को लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है, उनकी बात पूरी तरह गलत नहीं है. अन्याय हुआ है, यह मैं मानता हूं. लेकिन हर किसी को उम्मीदवार बनाना संभव नहीं है. इसलिए कुछ को टिकट मिला, तो कुछ को पार्टी में अन्य जिम्मेदारियां दी गईं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनाव के समय जो पार्टी के साथ खड़ा रहता है, वही असली स्वाभिमानी कार्यकर्ता होता है.
* हवाई सुंदरी का उदाहरण देकर बागियों पर तंज
अपने खास अंदाज़ में गडकरी ने कहा कि, अगर कोई हवाई सुंदरी हो और बहुत लोगों को पसंद हो, तो भी आखिर में वह एक को ही मिलेगी. इसके साथ ही उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग आज अन्याय की बात कर रहे हैं, उन्हें पार्टी ने पहले नगरसेवक बनाया, महापौर बनाया. इसके बाद भी अगर वे कहें कि उनके साथ अन्याय हुआ, तो फिर पार्टी उनसे और क्या दे?
* बगावत पर भाजपा की सख्ती
बता दें कि, भाजपा ने बगावत को लेकर सख्त रुख अपनाया है. पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों का समर्थन नहीं करने पर कुछ पूर्व नगरसेवकों सहित 26 पदाधिकारियों को छह साल के लिए निलंबित किया गया है.

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