शिंदे सेना प्रत्याशी कोमल बद्रे की प्रभाग क्र. 14 में स्थिति मजबूत
जवाहर गेट-बुधवारा प्रभाग में कोमल बद्रे ने बनाई जबरदस्त बढत

अमरावती /दि.14 – स्थानीय प्रभाग क्र. 14 बुधवारा-जवाहर गेट की क-सीट पर मनपा चुनाव हेतु शिंदे गुट वाली शिवसेना की ओर से प्रत्याशी रहनेवाली कोमल संतोष बद्रे की स्थिति इस समय बेहद मजबूत मानी जा रही है. जिन्होंने अपने जबरदस्त प्रचार अभियान के दम पर प्रभाग में अपनी जबरदस्त बढत बना ली है. शिंदे गुट वाली शिवसेना की प्रत्याशी कोमल बद्रे के प्रचार को जवाहर गेट-बुधवारा प्रभाग के नागरिकों का उत्स्फूर्त समर्थन मिलता रहा और कोमल बद्रे की प्रचार रैलियों के साथ मतदाता स्वयंस्फूर्त रुप से जुडते दिखाई दिए. जिसकी बदौलत इस बार कोमल बद्रे की दावेदारी को बेहद सशक्त माना जा रहा है.
प्रभाग क्र. 14 जवाहर गेट-बुधवारा से मनपा चुनाव हेतु शिंदे गुट वाली शिवसेना की प्रत्याशी रहनेवाली कोमल बद्रे द्वारा अपनी दावेदारी को लेकर प्रभागवासियों के समक्ष दावा किया गया कि, पुराना शहर के तौर पर पहचान रखनेवाले उनके प्रभाग में शहर का सबसे पुराना भाजीबाजार है. जहां पर सब्जी विक्रेताओं को खुले आसमान के नीचे बैठकर साग-सब्जियां बेचनी पडती है. ऐसे में वे सबसे पहले उस भाजीबाजार में डोम का निर्माण करवाएंगी, ताकि सब्जी विक्रेताओं को अलग-अलग मौसमों की मार से बचाया जा सके. इसके अलावा वे कई-कई वर्षों के अंतराल पर होनेवाले परकोट का सौंदर्यीकरण प्रति वर्ष करवाएंगी, ताकि इस प्रभाग सहित अमरावती शहर की सुंदरता बनी रहे.
प्रभाग क्र. 14 जवाहर गेट-बुधवारा से शिवसेना (शिंदे) की प्रत्याशी कोमल बद्रे का कहना है कि, यदि इस क्षेत्र की जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनती है, तो वे सर्वप्रथम अपने प्रभाग में नियमित जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराते हुए ड्रैनेज सिस्टीम को चुस्त-दुरुस्त करवाएंगी. साथ ही प्रभाग की सभी मनपा शालाओं का डिजिटलाइजेशन करवाते हुए मनपा शालाओं के शैक्षणिक स्तर को सुधारने का काम करेंगी. इसके अलावा महिलाओं को रोजगार सक्षम व आत्मनिर्भर बनाने हेतु विशेष उपक्रमों का आयोजन किया जाएगा. साथ ही साथ मोबाइल से जुडे रहनेवाले बच्चों को मैदानी खेलों के साथ जोडने के लिए क्रीडांगणों का विकास किया जाएगा.
विगत 8-10 वर्षों से सामाजिक कामों में सक्रिय रहनेवाली कोमल बद्रे ने अपने पति व शिंदे गुट वाली शिवसेना के जिला प्रमुख संतोष बद्रे के साथ मिलकर कोविड संक्रमण काल में जरुरतमंदों की हरसंभव सहायता की. साथ ही वे अपने प्रभाग सहित पूरे शहर में नियमित रुप से स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करवाती है. इसके अलावा गोकुल अष्टमी जैसे धार्मिक पर्व पर खिलाडी वृत्ति को प्रोत्साहन देने हेतु दहीहांडी जैसे आयोजन भी करवाए जाते है और उन्होंने महिला सक्षमीकरण को बढावा देने हेतु महिला दिवस पर शिवाई महिला पुरस्कार की परंपरा भी शुरु की है.





