मतदाता सूचियों में जबरदस्त गलतियां व गडबडियां
पति का नाम एक मतदान केंद्र पर, पत्नी का नाम दूसरे मतदान केंद्र पर, बच्चे का नाम तीसरे मतदान केंद्र पर

* एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर
* मतदाता सूचियों में अपने नाम ढुंढने के लिए करनी पडी जबरदस्त मशक्कत
* कई मतदाता रहे हैरान-परेशान, एक से दूसरे मतदान केंद्र पर काटते रहे चक्कर
* मनपा का मोबाइल एप भी दिखा रहा था मतदाता सूची को लेकर गलत जानकारी
* कई मतदाताओं के नाम ही नहीं मिले मतदाता सूची में, बैरंग वापिस लौटना पडा
* चुनाव से पहले अधिकांश मतदाताओं तक ‘वोटर स्लिप’ भी नहीं पहुंच पाई
* मतदाता जनजागृति और प्रभावी मतदान को लेकर मनपा प्रशासन के दावे साबित हुए हवा-हवाई
अमरावती /दि.15 – आज हुए महानगर पालिका के चुनाव दौरान मतदाता सूचियों में सामने आई भारी गड़बड़ियों ने मतदाताओं को गंभीर परेशानी में डाल दिया. कई स्थानों पर एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज पाए गए. कहीं पति का नाम एक मतदान केंद्र पर था तो पत्नी का नाम दूसरे और बच्चे का नाम तीसरे मतदान केंद्र पर दर्ज मिला. मतदाता सूची में अपना नाम खोजने के लिए मतदाताओं को जबरदस्त मशक्कत करनी पड़ी. अनेक मतदाता एक मतदान केंद्र से दूसरे मतदान केंद्र तक चक्कर काटते रहे, लेकिन फिर भी उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी. इस अव्यवस्था के चलते कई मतदाता हैरान और परेशान नजर आए.
स्थिति को और भी गंभीर बनाने वाली बात यह रही कि मनपा का मोबाइल एप भी मतदाता सूची को लेकर गलत जानकारी दिखाता रहा. तकनीकी माध्यमों पर भरोसा करने वाले मतदाता भी भ्रमित हो गए. कई मतदाताओं के नाम तो मतदाता सूची में पाए ही नहीं गए, जिससे उन्हें बिना मतदान किए बैरंग वापस लौटना पड़ा. यहां यह भी उल्लेख किया जा सकता है कि, चुनाव से पहले अधिकांश मतदाताओं तक ‘वोटर स्लिप’ भी नहीं पहुंच पाई, जिससे मतदान प्रक्रिया में भाग लेने में और बाधाएं आईं. मतदाता जनजागृति और प्रभावी मतदान को लेकर मनपा प्रशासन द्वारा किए गए तमाम दावे इस अव्यवस्था के सामने हवा-हवाई साबित हुए. जिसके चलते मनपा चुनाव में मतदाता सूचियों की अव्यवस्था ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल कर रख दी है.
स्थिति इतनी बदतर रही कि एक घर में रहनेवाले एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज पाए गए. कहीं पति का नाम एक केंद्र पर था, तो पत्नी का नाम दूसरे और बच्चे का नाम तीसरे मतदान केंद्र पर, जिससे मतदाता मतदान के दिन भटकने को मजबूर हो गए. जिसकी मतदाता सूची में अपना नाम खोजने के लिए लोगों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी. कई मतदाता एक मतदान केंद्र से दूसरे केंद्र तक चक्कर काटते रहे. इस लापरवाही ने मतदान जैसे संवैधानिक अधिकार को ही मजाक बना दिया. हैरानी की बात यह रही कि मनपा प्रशासन द्वारा प्रचारित मोबाइल एप भी मतदाता सूची को लेकर गलत जानकारी दिखाता रहा. तकनीक के सहारे पारदर्शिता के दावे करने वाला प्रशासन खुद ही मतदाताओं को भ्रमित करता रहा. कई मतदाताओं के नाम तो मतदाता सूची में थे ही नहीं, नतीजतन वे बिना वोट डाले बैरंग लौट गए.
चुनाव से पहले मतदाता जनजागृति और प्रभावी मतदान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश मतदाताओं तक ‘वोटर स्लिप’ तक नहीं पहुंच पाई. सवाल यह उठता है कि जब मतदाता सूची ही दुरुस्त नहीं थी, तो जनजागृति अभियान आखिर किसके लिए चलाया गया? मतदाता सूचियों की यह भारी गड़बड़ी लोकतंत्र की जड़ों पर सीधा हमला है. अब सवाल यह है कि इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या प्रशासन इसकी जवाबदेही तय करेगा या फिर हर बार की तरह लापरवाही पर पर्दा डाल दिया जाएगा?
* अगर आप भी हुए परेशानी का शिकार, तो हमें बताएं
आज सुबह से मतदान की प्रक्रिया शुरु होने के साथ ही शहर के कई प्रभागों में रहनेवाले मतदाताओं ने दैनिक ‘अमरावती मंडल’ से संपर्क करते हुए उन्हें हो रही परेशानियों के बारे में जानकारी दी और स्थिति से अवगत कराया. यदि आप भी मतदान को लेकर किसी भी तरह की परेशानी का शिकार हुए है, तो आप हमसे अपनी परेशानी की जानकारी को साझा कर सकते है. जिसके लिए आप अपनी मतदान संबंधी परेशान का ब्यौरा दैनिक ‘अमरावती मंडल’ को [email protected] पर ई-मेल कर सकते है. जिसे बाकायदा प्रकाशित भी किया जाएगा.