लाभ न मिलनेवाली लाडली बहनों के आवेदन
केवाईसी में हुई गलती को सुधारने का अवसर नहीं

* पोर्टल बंद, लाडली बहने हुई परेशान
अमरावती /दि.15 – मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना की 65 हजार से अधिक लाभार्थी महिलाओं ने जल्दबाजी में ई-केवाईसी करवा ली. लेकिन इसमें हुई एक गलती के कारण लाभार्थियों को नवंबर की किश्त नहीं मिली है. नतीजतन यह महिलाएं परेशान है. खास बात यह है कि, अब उन्होंने महिला एवं बालकल्याण विभाग से इस गलती को सुधारने के लिए आवेदन करना शुरु कर दिया है और अब तक बडी संख्या में आवेदन प्राप्त हो चुके है.
राज्य सरकार ने 18 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना शुरु की, तब से यह योजना विभिन्न कारणों से चर्चा में रही है. खुलासा हुआ है कि, सरकारी नौकरियों में काम करनेवाले ज्यादातर पुरुष और महिलाएं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस योजना का लाभ उठा रहे है. इसी बीच सरकार ने एक ही परिवार के दो व्यक्तियों और चारपहिया वाहन धारकों के नाम हटा दिए थे. ऐसा रहा तो भी बीच में सभी लाभार्थी महिलाओं को ई-केवाईसी और आधार प्रमाणिकरण अनिवार्य कर दिया था. इसके लिए एक लिंक भी उपलब्ध कराया गया था. जिले में 6 लाख से अधिक लाडली बहनों को इस योजना का लाभ मिलने के लिए पात्र किया गया है. इन पात्र महिलाओं के बैंक खाते में अक्तूबर माह तक प्रत्येकी 1500 रुपए का अनुदान शासन की तरफ से जमा किया गया है. लेकिन बाद में ई-केवाईसी अनिवार्य की गई. इसके लिए अधिकांश महिलाओं ने 31 दिसंबर की समय-सीमा तक अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं की थी. इस कारण अनुदान जमा करने में दुविधा साबित हुई है.
* ई-केवाईसी लिंक बंद
लाडली बहन योजना की लाखों महिलाओं ने केवाईसी पूर्व की है. इसमें कुछ महिलाओं ने अब तक केवाईसी पूर्ण नहीं की है. अब मकर संक्रांती के पूर्व लाभ जमा किए जाने की संभावना दर्शायी जा रही है. यह लाभ भी जिन महिलाओं ने केवाईसी नहीं की है, उन्हें नहीं मिलनेवाला है. इसके पूर्व ही केवाईसी पूर्ण करने की लिंक पूर्ववत करने की मांग होने लगी है.
* पर्याय गलत भरने से नुकसान
मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना में ई-केवाईसी करने के लिए शासन द्वारा लगातार दो दफा समयावधि बढाई गई थी. ऐसे में अनेक महिलाओं ने ई-केवाईसी भागदौड कर पूर्ण की. लेकिन यह ई-केवाईसी करते समय अनेक लाडली बहनों ने ऑनलाइन जानकारी भरते समय दिए गए पर्याय में गलत जानकारी भरी रहने से लाडली बहनों को नुकसान हुआ है.





