प्लेन में बैठाए पैसेंजर नीचे उतारे

अमरावती-मुंबई विमान सेवा लडखडाई, यात्रियों में रोश

अमरावती/दि.15 मुंबई हवाई सेवाओं की स्थिति दयनीय हो गई है और यात्रियों को समय पर विमान से उतारने और उड़ान रद्द होने की सूचना सही समय पर भेजकर उन्हें परेशान करने का सुनियोजित कार्यक्रम चलाया जा रहा है. हालांकि, अमरावती के यात्री संबंधित एयरलाइनों के इस मनमाने प्रबंधन से परेशान हैं.
सोमवार 12 जनवरी को मुंबई से अमरावती जाने वाली उड़ान रद्द होने से यात्री सदमे में हैं. बड़े धूमधाम से अमरावती से मुंबई के लिए उड़ान सेवा बेलोरा हवाई अड्डे से शुरू कर दी गई है. इसी वजह से अमरावती हवाई अड्डे का नाम हवाई मानचित्र पर आया. शुरुआत में अनुमान लगाया गया था कि यह हवाई सेवा नागरिकों, छात्रों, व्यापारियों और अधिकारियों के लिए वरदान साबित होगी. हालांकि, बिना किसी पूर्व सूचना के उड़ानों को रद्द करना, यात्रियों को रद्द उड़ानों के बारे में जानकारी न देना और यात्रियों को हुई असुविधा की जिम्मेदारी न लेना जैसी शिकायतें बढ़ती जा रही हैं. सोमवार 12 जनवरी को मुंबई हवाई अड्डे पर ऐसी ही एक घटना घटी. 58 यात्री निर्धारित समय से पहले हवाई अड्डे पहुंच गए. इनमें शहर के जाने-माने गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश चौधरी भी शामिल थे. सभी यात्री विमान में सवार हो गए, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उड़ान को ठीक समय पर रद्द कर दिया गया. यात्रियों के मोबाइल फोन पर संदेश आया और अफरा-तफरी मच गई. उस समय विमान में मौजूद और नियमों के अनुसार बोर्डिंग कर चुके यात्रियों को विमान से उतरना पड़ा. इस वजह से यात्रियों को काफी तकलीफ हुई.

अमरावती के लोग बेलोरा से मुंबई के लिए उड़ान सेवा शुरू होने पर बहुत खुश थे. हालांकि, कुछ ही दिनों में यह खुशी फीकी पड़ने लगी. इसका कारण संबंधित एयरलाइन की लापरवाही है. ऐसा लगता है कि इस कंपनी ने यात्रियों को परेशान करने के लिए एक जाल बिछाया है. अगर तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए सही समय पर उड़ान रद्द की जा रही है, तो क्या विमानों का रखरखाव नहीं किया जा रहा है? यह सवाल उठता है. देश के नागरिक उड्यन नियमों को संबंधित एयरलाइन पर भी लागू किया जाना चाहिए. अमरावती-मुंबई उड़ान सेवा में इन खामियों को तुरंत दूर किया जाना चाहिए.
– डॉ. अविनाश चौधरी, अमरावती.

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