लोणार सरोवर के जल स्तर में वृद्धि का होगा वैज्ञानिक अध्यन

अमरावती विद्यापीठ, आईआईटी मुंबई के विशेषज्ञो ने तैयार किया प्रस्ताव

बुलढाणा/दि.15 -विश्व धरोहर लोणार स्थित खारे पानी के सरोवर में अचानक बढे जल स्तर को लेकर राज्य सरकार ने वैज्ञानिक अध्यन कराने की पहल की है. इस अध्यन का प्रस्ताव अमरावती विश्वविद्यालय एवं आईआईटी मुंबई के विशेषज्ञो द्वारा तैयार किया गया है. लोणार विकास योजन वर्ष 2022 में बनाई गई थीं. जिसकी जिम्मेदारी अमरावती विश्वविद्यालय को सौपी गई हैं.जिलाधिकारी ने इस संदर्भ में आईआईटी विशेषज्ञ डॉ.अनिल काकोडकर से विस्तृत चर्चा की हैं. डॉ. काकोडकर के नेतृत्च में विशेषज्ञो की टीम ने हाल ही में लोणार का दौरा कर भौतिक निरीक्षण और आरंभ भिक अध्यन किया.
शोध के लिए 15 से 20 अत्याधुनिक प्रयोगशालाओ का उपयोग किया जाएंगा. जिनमें जल, मृदा, जलवायु, जैव विविधता और रासानिक घटको ेका गहन विश्लेषण किया जाएंगा. विशेष बात यह है कि शोध दल में लोणार क्षेत्र का एक सदस्य भी शामिल हैं. जिससे क्षेत्रीय मुद्दो का अध्यन अधिक प्रभावी हो सकेगा. इस अध्यन पर लगभग 50 लाख रूपए की लागत आने का अनुमान हैं. प्रस्ताव लोणार वन्यजीव विभाग को सौंपा गया है. फिलहाल सरकारी मंजूरी की प्रतीक्षा की जा रही हैं.प्रारंभिक आकलन केे अनुसार, जलस्तर में वृद्धि के पिछे बढी वर्षा, भूजल पुनर्भरण, जल संभरण क्षेत्र में परिवर्तन तथा जलवायु परिवर्तन जैसे प्राकृतिक कारण हो सकते हैं. हालांकि,विशेषज्ञों का मानना हैं कि ठोस निष्कर्ष केलिए विस्तृत वेैज्ञानिक अध्यन आवश्यक हैं.

विश्व धरोहर संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
लोणार सरोवर उल्कापिंड के प्रभाव से निर्मित विश्व की एकमात्र खारे पानी की झील हैं. प्रस्तावित अध्यन इसके संरक्षण, सुरक्षा और सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा. भविष्य की पर्यावरण व नीति और पर्यटन विकास को दिशा देगा.

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