विदर्भ की पांच कृषी उपज मंडियों को ‘राष्ट्रीय दर्जा’ मिलेगा
नागपुर, चंद्रपुर, अकोला, बुलढाणा वाशिम का समावेश

* पहले चरण में राज्य की 16 कृषी उपज मंडियां
चंद्रपुर/दि.15 – शासन ने राज्य की 306 कृषी उपज मंडियों में से 51 मंडियांेंं को ‘राष्ट्रीय मंडी’ का दर्जा देने की प्रक्रिया को गति दी हैं. इस योजना में पहले चरण में चंद्रपुर समेत विदर्भ की पांच मंडियों के समावेश किए जाने की संभावना हैं. जिसकी वजह से चंद्रपुर मंडी राष्ट्रीय स्तर पर जुडेंगी. और किसानों का उत्पादन भी बढेगा.
शासन के इस निर्णय से चंद्रपुर समेत राज्य की 16 मंडीयों की जानकारी मंगाई गई हैं. जिसमें मंडियों में वर्ष भर में आने वाली आवक, परप्रांत से कृषी माल की जानकारी भी मंगावाई गई. जिन मंडियों में 80 हजार टन से ज्यादा कृषी माल की आवक हैं. ऐसी 51 कृषी उपज मंडियोें को राष्ट्रीय दर्जा मिलेगा. पहले चरण में नागपुर, चंद्रपुर, बुलढाणा, वाशिम , अकोला, नाशिक, पुणे (ग्रामीण), छत्रपती संभाजी नगर, कोल्हापुर, ठाणे,जलगांव, जालना, सांगली, अहिल्यानगर, लातुर और सोलापुर इस प्रकार से 16 कृषी मंडियों का समावेश हैं.
राष्ट्रीय दर्जा मिलने के बाद किसानों को अनेक फायदे होगे. सर्वप्रथम कृषी माल को उचित दाम मिलेंगा. और किसानों का उत्पादन भी बढेगा, बिक्री में पारदर्शीता आएगी. सभी व्यवहार डिजिटल होगे. और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार कि संभावना कम होगी. ई- नाम प्रणाली से जुडने पर किसान देशभर के ग्राहको से सीधे व्यवहार कर सकेंगे जिससे किसानोे को फायदा होगा. और उन्हें मध्यस्थो के भरोसे पर रहना नहीें पडेगा. राज्य की कुछ प्रमुख कृषी उपज मंडियोें को राष्ट्रीय दर्जा मिलने पर किसानों का जीवन सहज होगा. और उन्हेें अपने कृषी माल का अधिक दाम मिलेगा. और सुरक्षित तथा पारदर्शक पद्धती से उनके कृषी माल की बिक्री होगी. शासन का यह निर्णय आर्थिक सुरक्षा और उतपादन वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. राज्य के कृषी उद्योगो को बढावा मिलेगा किसान केवल अपने उत्पादन पर लक्ष्य केद्रीत कर सकेेगे और उन्हें बाजार भाव की चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी. किसानों सर्वोत्तम अवसर
शासन ने साल 2022 -23, 2023-24 व 2024-25 इस वित्तीय वर्ष में कृषी उपज मंडियो में आवक की जांच कर मंडियों को राष्ट्रीय दर्जा देने का निश्चित किया हैं. राष्ट्रीय दर्जा मिलेने के पश्चात मंडियों को देशव्यापी लाइसेंस और शुल्क प्रणाली लागू की जाएंगी. जिससे किसानों को मिलने वाला लाभ और भी अधिक स्पष्ट और सुरक्षित होगा. किसानों के लिए लिया गया यह निर्णय और भी फायदेमंद साबित होगा. जिसमें उनका कृषी माल ज्यादा दामोे के बिकेगा. पहले किसानों को उनके माल का कम दाम मिलता था. पंरतु अब राष्ट्रीय दर्जा मिलने के बाद किसानों का उत्पादन बढेगा. और किसानो को इस सर्वोत्तम अवसर का लाभ मिलेगा.





