बीजेपी के सामने इक्कावन प्लस की चुनौती

राष्ट्रवादी, युवा स्वाभिमान, कांग्र्रेस से रही टक्कर

* शहर में हुई दुरंगी, तिरंगी, बहुरंगी लडाई
अमरावती/दि.15 – पिछली बार मनपा सदन में 45 स्थान जीतकर अकेले सत्ता काबीज करनेवाली भारतीय जनता पार्टी के लिए बदलते राजनीतिक परिदृष्य में इक्कावन प्लस का टारगेट हासिल करना चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा हैं. आज प्रत्यक्ष मतदान के समय देखा गया कि कई भागों में दुरंगी, त्रिकोनीय, बहुरंगी मुकाबला बीजेपी का कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, युवा स्वाभिमान के साथ दिखाई दिया. जिससे राजनीतिक जानकार कह रहे है कि कल होनेवाली मतगणना में ईवीएम से अनपेक्षित परिणाम भी निकल सकते हैं. कोई भी एक दल अकेले सत्ता प्राप्त कर सकेगा. इसमें शक है मत विभाजन के कारण ऐसा होने का दावा भी जानकारों ने किया. यह भी कहा कि प्रतिष्ठापूर्ण मनपा के महासंग्र्राम में युती तोडकर मत विभाजन की रणनीति कहीं बीजेपी पर ही उलटी न पड जाए.
महापालिका के 22 प्रभागों के 87 स्थानों हेतु आज मतदान किया गया. काउंटिंग कल 16 जनवरी शुक्रवार को होने जा रही है. जिससे मनपा के नए कर्नधार कौन होंगे, यह अगले कुछ घंटों में संकेत मिल जाएंगे. इस बार बीजेपी ने अपने मित्र दलों का गठजोड तोडकर 68 सीटों पर अपने बल पर चुनाव लडा हैं. उसे 6 स्थानों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देना पडा. बीजेपी के सहयोगी शिवसेना शिंदे ने 67 और युवा स्वाभिमान ने 36 उम्मीदवार मैदान में उतारकर भाजपा को मुश्किल में डाल दिया. राष्ट्रवादी कांग्र्रेस सर्वाधिक 85, कांग्रेस 74 स्थानों पर मैदान में हैं. जिससे अधिकांश प्रभागों में बहुकोणिय मुकाबला बन गय. ऐसे में भाजपा का इस चुनाव में 51 से अधिक स्थान जीतने का नारा मुश्किल में आ जाने की संभावना जानकार देख रहे हैं. बीजेपी के प्रत्याशियों के विरूध्द खुलेआम मतदान करने की पार्टी नेता की ही अपील ने भी दिक्कत बढा दी हैं.
भाजपा ने चुनाव प्रचार में आघाडी ली थी. स्वय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का रोड शो से प्रचार प्रारंभ हुआ था. इसके बाद राजस्व मंत्री, राज्य मंत्री और दो दर्जन विधायक प्रचार के लिए उतरे थे. पालकमंत्री ने 51 स्थान जितने का लक्ष्य दिया था. वह कितना सफल हो पाता है, यह कल दोपहर तक स्पष्ट हो जाएगा. हालाकि अन्य दलों से भी बडे नेता महापालिका के अखाडे में प्रचार हेतु आए थे. उनमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजीत दादा पवार, एमआईएम के लिए सांसद ओवैसी आए थे. कांग्रेस ने केवल अंतिम दिन सांसद इमरान प्रतापगडी की जनसभा ली.
ऐसे में अब मतदान पश्चात नाना प्रकार की चर्चा हो रही है. उसमें सियासत के जानकार कह रहे है कि भाजपा का मनपा सदन में इस बार बहुमत पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है. 51 से अधिक स्थान पर विजय तो और भी बडी बात लग रहीं हैं.

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