मुस्लिम मतदाताओं वाले सभी प्रभागों में हुआ मतदान अधिक

जिन प्रभागों में मुस्लिम मतदाता, वहीं प्रभाग रहे मतदान में टॉप-10

* जिन प्रभागों में मुस्लिम मतदाता, वहीं प्रभाग रहे मतदान में टॉप-10
* 22 में से केवल 14 प्रभागों में हुआ 50 फीसद से अधिक मतदान
* सर्व सुविधायुक्त व साधनसंपन्न 8 प्रभागों में मतदान 50 फीसद से कम
अमरावती/दि.16 – गत रोज अमरावती महानगर पालिका के चुनाव हेतु कराए गए मतदान के अंतिम आंकडे अब सामने आ चुके है. जिसके मुताबिक अमरावती शहर के 22 प्रभागों में रहनेवाले मात्र 53.65 फीसद मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया तथा लगभग 46.35 फीसद मतदाताओं ने मतदान को लेकर पूरी तरह से उदासिनता दिखाई. इसमें भी खास बात यह रही कि, जिन-जिन प्रभागों में मुस्लिम मतदाताओं की मौजूदगी है, लगभग उन्हीं प्रभागों में मतदान का प्रतिशत 50 फीसद से अधिक रहा. वहीं दूसरी ओर पढे-लिखे सुशिक्षित लोगों के रिहायशी इलाके रहनेवाले सर्व सुविधायुक्त व साधनसंपन्न प्रभागों में मतदान का औसत कम रहने के साथ ही 50 फीसद से कम रहा. ऐसे में कहा जा सकता है कि, शहर में स्थानीय प्रशासन के कामकाज को लेकर बेहद महत्वपूर्ण रहनेवाले महानगर पालिका के चुनाव को अमरावती की जनता ने स्पष्ट रुप से पीठ दिखा दी है.
बता दें कि, गत रोज हुए मतदान को लेकर सामने आए आंकडों के मुताबिक सर्वाधिक 62.49 फीसद मतदान प्रभाग क्र. 16 अलिम नगर-रहमत नगर में हुआ. वहीं 62.14 फीसद मतदान के साथ प्रभाग क्र. 4 जमील कॉलोनी-लालखडी दूसरे स्थान पर रहा. ये दोनों प्रभाग पूरी तरह से मुस्लिम बहुल प्रभाग है. वहीं मतदान के मामले में तीसरे स्थान पर रहे विलास नगर-मोरबाग-गवलीपुरा में 59.74 फीसद मतदान हुआ. इस प्रभाग के गवलीपुरा परिसर में मुस्लिम मतदाताओं की स्थिति अच्छी-खासी है. इसी तरह प्रभाग क्र. 21 जुनी बस्ती बडनेरा 59.49 फीसद मतदान के साथ चौथे स्थान पर रहा. इस प्रभाग में भी मुस्लिम मतदाताओं की संख्या को निर्णायक कहा जा सकता है. इसके बाद पांचवें स्थान पर पूरी तरह से मुस्लिम बहुल रहनेवाला प्रभाग क्र. 15 छाया नगर-पठानपुरा रहा. जहां पर 58.34 फीसद मतदान दर्ज किया गया. साथ ही प्रभाग क्र. 22 नई बस्ती बडनेरा 57.65 फीसद मतदान के साथ छठवें स्थान पर रहा. इस प्रभाग में भी मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या है. इसी तरह मुस्लिम मतदाताओं का समावेश रहनेवाले प्रभाग क्र. 3 में 56.63 तथा प्रभाग क्र. 5 महेंद्र कॉलोनी-नया कॉटन मार्केट में 55.69 फीसद वोट पडे. जिसके चलते ये दोनों प्रभाग मतदान के मामले में सातवें व आठवें क्रमांक पर रहे. इसी तरह प्रभाग क्र. 9 एसआरपीएफ-वडाली में 55.44 व प्रभाग क्र. 14 जवाहर गेट-बुधवारा 54.58 फीसद मतदान दर्ज किया गया. इन दोनों प्रभागों में भी मुस्लिम मतदाताओं की संख्या का समावेश है और मतदान के मामले में ये दोनों प्रभाग नौवें व दसवें स्थान पर रहे.
इसके साथ ही 11 वें स्थान पर प्रभाग क्र. 17 गडगडेश्वर-रवि नगर का नंबर आता है. जहां पर 53.99 फीसद मतदान हुआ. वहीं 12 वें स्थान पर रहे प्रभाग क्र. 2 संत गाडगेबाबा-पीडीएमसी में 53.50, 13 वें स्थान पर रहे प्रभाग क्र. 7 जवाहर स्टेडियम में 51.74 व 14 वें स्थान पर रहे प्रभाग क्र. 11 फ्रेजरपुरा-रुक्मिणी नगर में 50.46 फीसद वोटिंग दर्ज की गई. इसके अलावा अन्य 8 प्रभागों में वोटिंग का प्रतिशत 50 फीसद से कम रहा. जिसके चलते कहा जा सकता है कि, जिन-जिन प्रभागों में मुस्लिम मतदाताओं की बहुलता अथवा कुछ हद तक मौजूदगी रही, उन्हीं प्रभागों में मतदान का प्रतिशत अधिक रहा. साथ ही साथ पिछडी बस्तियों की बहुतायत रहनेवाले प्रभागों में भी मतदान को लेकर कुछ हद तक जागरुकता दिखाई दी. जबकि इससे उलट जिन प्रभागों में पढे-लिखे, संभ्रांत एवं साधन व सुविधासंपन्न लोगों की बहुतायत है, उन प्रभागों में मतदान का प्रतिशत अपेक्षाकृत तौर पर कम रहा.
इसके अलावा प्रभाग क्र. 8 जोग स्टेडियम-चपरासीपुरा 49.83, प्रभाग क्र. 19 साईनगर-अकोली में 49.67, प्रभाग क्र. 20 सूतगिरणी-सामरा नगर में 49.37, प्रभाग 18 राजापेठ-संत कंवरराम में 48.97, प्रभाग क्र. 12 स्वामी विवेकानंद-बेलपुरा में 48.91, प्रभाग क्र. 2 में संत गाडगेबाबा-पीडीएमसी में 48.81, प्रभाग क्र. 13 अंबापेठ-गौरक्षण में 48.70 फीसद मतदान हुआ है.
* पिछली बार की तुलना में कम हुई
यहां यह भी विशेष उल्लेखनीय है कि, इससे पहले वर्ष 2017 में अमरावती महानगर पालिका के चुनाव हुए थे और उस चुनाव में औसत 54.54 फीसद वोट पडे थे. इसमें भी खास बात यह थी कि, इसके बाद दो बार हुए लोकसभा व विधानसभा के चुनावों में भी अमरावती शहर के मतदाताओं ने मतदान को लेकर अच्छी-खासी उत्सुकता दिखाई दी और विशेष यह था कि, प्रभाग क्र. 16 अलिम नगर-रहमत नगर में 75 फीसद तक रिकॉर्ड बंपर वोटिंग दर्ज की गई थी. जबकि लोकसभा के चुनाव भीषण गर्मी वाले अप्रैल माह के दौरान कराए गए थे. लेकिन इसके बावजूद चिल-चिलाती धूप में वोटिंग करने हेतु सभी मतदान केंद्र पर मतदाताओं की भीड उमडी थी. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि, करीब 9 वर्षों के अंतराल पश्चात होने जा रहे अमरावती महानगर पालिका के चुनाव को लेकर मतदाताओं की ओर से जबरदस्त ‘रिस्पॉन्स’ मिलेगा और इस समय चल रहे आल्हाददायक वातावरण के बीच मतदान का प्रतिशत पहले की तुलना में बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही थी. लेकिन इसके बावजूद स्थिति ‘ढाक के तीन पात’ वाली रही, बल्कि मतदान का प्रतिशत पिछली बार की तुलना में भी काफी कम रहा. भले ही मुस्लिम बहुल प्रभागों में इस बार 50 फीसद से अधिक और अधिकतम 62 फीसद तक मतदान हुआ है. परंतु बावजूद इसके इसे पिछली बार की तुलना में तुलनात्मक रुप से कम कहा जा सकता है. ऐसे में यह प्रशासन के साथ-साथ शहर के विकास के लिहाज से भी बेहद चिंताजनक स्थिति है. क्योंकि शहर में नागरिकों की एक बडी संख्या ऐसी है, जिसके द्वारा लोकतांत्रिक प्रणाली की लगभग हमेशा ही अनदेखी की जाती है. यह स्थिति लोकतंत्र के लिहाज से भी खतरनाक मानी जा सकती है.

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