रहते प्रभाग 21 में, नाम प्रभाग 20 की सूची में, मतदान 18 में

अमरावती के वोटर्स के साथ भद्दा मजाक

* लोकशाही का उत्सव बना सिरदर्द
* वोटिंग लिस्ट विभाजन में बडी गडबडियां
अमरावती/दि.16-महापालिका चुनाव में गुरूवार को मतदान करने पहुंचे सैंकडो लोगों को नाना प्रकार की परेशानी का सामना करना पडा. प्रभाग निहाय मतदाता सूची विभाजन में गडबडी का खामियाजा वोटर्स को सहन करना पडा. कोई वोटर प्रभाग 21 का अभी निवासी रहने पर उसका नाम प्रभाग 20 की वोटर लिस्ट में रहा. जबकि प्रत्यक्ष मतदान करने जाने पर उनका नाम प्रभाग 18 के बुथ पर देखा गया. इस तरह के अनेक उदाहरण विभिन्न प्रभागों की लिस्ट में देखे गए. पूरे दिन लोग शिकायत करते रहे. उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई. चुनाव प्रशासन ने तो हाथ झटक लिए थे. इसका भी वोटिंग पर गहरा प्रभाव पडा. कई प्रभागों में मतदान आधा भी न हो सका था. निश्चित ही चुनाव परिणामों पर इसका असर बताया जा रहा हैं.
चुनाव आयोग ने मनपा क्षेत्र में 6.77 लाख वोटर्स के लिए 805 बूथ बनाए थे. मतदाता सूचियां तद्नरूप विभाजीत की गई थी. इस विभाजन में ही भारी चूक हो जाने की शिकायत लोग करते रहें. लोग जीस प्रभाग में रहते हैं. वहां की बजाय उनका वोटिंग दूसरे प्रभागों में कर दिया गया था. वहीं कई लोगों के नाम काफी ढूंढने पर भी किसी लिस्ट में नहीं मिले. एक उदाहरण तो ऐसा सामने आया कि वोटर रहते प्रभाग 21 के क्षेत्र मेंं हैं. उनका नाम प्रभाग 20 की सूची में डाल दिया गया. वोट डालने पहुंचे तो प्रत्यक्ष मतदान प्रभाग 18 या अन्य प्रभाग के बूथ पर रहा. इस तरह की घटनाएं प्रभाग 8 जोग स्टेडियम, प्रभाग 6 मोर बाग, प्रभाग 18 राजापेठ संत कंवरराम में देखने मिली.
ऑनलाइन यंत्रणा का बंटाढार
वोटर की सुविधा हेतु प्रत्येक मतदान केंद्र पर सहायता का भी फासला नहीं मिल पाया. देखा गया कि कर्मचारियों को बूथ निहाय वोटर लिस्ट का अध्ययन पर्याप्त न था जिससे नाम खोजने में काफी समय जाया हो रहा था. मोबाईल एप से नाम खोजे जो रहे थे. ऑनलाईन सिस्टम मंथर गति से और नेटवर्क की समस्या से जुझ रहा था. इसके कारण वोटर्स की दिक्कते बढती गई.
सोशल मीडिया पर शिकायते
उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर प्रभाग के ग्रुप बनाए थे. अनेक वोटर्स इन ग्रुप पर शिकायत करते देखे गए. उनका प्रश्न था कि मेरा मतदान कहा हैं. चुनाव आयोग का पहचान पत्र भी वे लोग सोशल मीडिया पर डाल रहे थे. उम्मीदवार और कार्यकर्ताओं से मतदान के बारे में बार- बार पूछा जा रहा था. जिससे चर्चा तेज हो गई थी. प्रजा तंत्र का पर्व वोटर्स की परेशानी का पर्व बन गया था.
पति, सास के नाम, पत्नी का गायब
कुछ परिवारों में अजीब स्थिति दिखाई दी. गृहस्वामी और माताजी का नाम वोटर लिस्ट और मतदान केंद्र पर बराबर रहा. पत्नी का नाम नदारद था, ऐसे में लोग यहां वहां भटकते दिखाई दिए. एक वोटर ने अमरावती मंडल से शिकायत में बताया कि प्रभाग 18 में उनके यजमान और सास का नाम बराबर हैं. उन्हीं का नाम अंत तक खोज नहीं पायी.वे मतदान से वंचित रह गई. उन्होंने सवाल उठाया कि उनके मतदान न हो पाने का जिम्मेदार कौन?
कैप्टन अडसुल पहुंचे बूथ पर
प्रभाग 12 स्वामी विवेकानंद – बेलपुरा अंतर्गत नरसम्मा कॉलेज मतदान केंद्र पर कैप्टन अभीजित अडसूल ने भेंट दी. उन्होंने प्रशासन की लापरवाही की आलोचना की. पूर्व विधायक ने कहा कि लोकशाही प्रक्रिया को ही खतरे में डाला जा रहा है. उन्होंने मतदान केंद्र पर डेरा डालकर परिस्थिति देखी. मडियां से बातचीत में उन्होंने प्रशासन पर अक्षम्य लापरवाही बरतने का आरोप किया. यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों को सभी बातों का पता रहने पर भी ईवीएम उलटी लगाई गई हैं. जो भी हो अमरावती के लोग गुरूवार को वोटर लिस्ट में अपना नाम और मतदान केंद्र खोजते रह गए.

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