नागपुर, अकोला में भाजपा की सत्ता, चंद्रपुर में कांग्रेस
अमरावती में लेना होगा साथी दलों को साथ

* विदर्भ में मनपा चुनाव में बीजेपी को झटका नागपुर/ दि. 17- विदर्भ की दो महापालिका नागपुर और अकोला में भारतीय जनता पार्टी ने अपने बूते सत्ता प्राप्त कर ली है. अमरावती में जनादेश महायुति के फेवर में रहा. चंद्रपुर में कांग्रेस ने विजय प्राप्त की है. फिर भी मोटे तौर पर कहा जा रहा है कि विदर्भ में भाजपा को झटका लगा है. नागपुर, अकोला, अमरावती तीनों स्थानों पर उसके स्थानों की संख्या घटी है.
नागपुर में कायम रखा गढ
भाजपा ने लगातार चौथी बार नागपुर महापालिका में बहुमत प्राप्त किया. बीजेपी ने अनेक प्रभागों में नये चेहरे उतारे थे. जिससे पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई थी. वह दूर करने में बीजेपी को काफी हद तक सफलता मिली. शहर में किए गये विकास कामों के आधार पर तथा योग्य नियोजन कर बीजेपी ने 104 सीटों पर जीत हासिल की. कई नये युवा उम्मीदवार मनपा सदन पहुंचे हैं. भाजपा की सीटें कम हुई है. वहीं कांग्रेस के स्थानों में 8 का इजाफा होकर उसकी संख्या 34 हो गई.
अकोला में भाजपा बहुमत के पास
80 सदस्यीय अकोला मनपा में भाजपा ने पिछला प्रदर्शन लगभग दोहराते हुए 38 स्थानो ंपर बाजी मारी.. कांग्रेस ने भी दूसरे नंबर के वोट प्राप्त कर अपनी सीटें 20 तक पहुंचा दी. यहां 469 उम्मीदवार मैदान में थे. भाजपा के लगातार अनेक वर्षो से सत्ता में रहने के कारण अकोला मनपा चुनाव पर निरीक्षकों की नजरें टिकी थी. बीजेपी बहुमत के पास पहुंच गई. ऐन समय पर टिकट न मिलने से अन्यत्र गये भाजपा के कई कार्यकर्ता चुनकर आए हैं. जिससे माना जा रहा है कि बीजेपी को लगातार तीसरी बार सत्ता स्थापित कर लेगी. यहां एड. प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाडी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाने का मुद्दा राजनीतिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ हैं.
चंद्रपुर में कांग्रेस सबसे बडा दल
चंद्रपुर की 66 सीटों में से कांग्रेस ने 30 स्थान जीतकर सत्ता की ओर कदम बढाया हैं. बहुमत का 34 का आकडा प्राप्त करने के लिए उसे केवल 4 नगर सेवकों की आवश्यकता हैं. बीजेपी और शिवसेना युति को 24 स्थान मिले है. उनमें भी 23 सीटों पर अकेली भाजपा विजयी हुई हैं. शिवसेना उबाठा को यहां 6 स्थान पर सफलता मिली है. वंचित बहुजन आघाडी दो और बसपा को 1 सीट प्राप्त हुई हैं. कांग्रेस के दो बागी निर्दलीय चुनकर आए हैं. जनविकास आघाडी ने पहले ही कांग्रेस के साथ जाने की घोषणा कर दी हैं. उसके तीन सदस्य मनपा में हैं. दलीय संख्या देखते हुए वंचित, बसपा और समय पर शिवसेना उबाठा के उम्मीदवार भी कांग्रेस की ओर जा सकते हैं.
अमरावती में त्रिशंकु स्थिति
अमरावती मनपा चुनाव में सभी राजकीय अनुमान परे रखते हुए वोटर्स ने दिग्गजों को धक्के दिए. नए चेहरे चुनकर दिए. बीजेपी को यहां बडा आघात पहुंचा हैं. सत्ता स्थापना के लिए समझौते की स्थिति आ गई हैं. युवा स्वाभिमान ने 15 और राष्ट्रवादी कांग्रेस अजीत पवार ने 11 सीटे जीतकर बीजेपी को अकेले सत्ता स्थापना से मानो रोका है. एमआईएम ने भी अपने पिछले आंकडे को दुरूस्त कर 12 स्थान जीते हैं. शिवसेना के दोनों गट केवल अस्तीत्व दिखाने लायक सीटे प्राप्त कर सके हैं. ऐसा ही हाल बहुजन समाजपार्टी का हुआ है. बसपा को पिछली बार की तुलना में दो स्थानों का नुकसान हुआ हैं. कई दिग्गज, पूर्व महापौर वंदना कंगाले, पूर्व सभापति तुुषार भारतीय, प्रकाश बनसोड, पूर्व सभापति विवेक कलोती, पूर्व गट नेता प्रवीण हरमकर को हार का स्वाद चखना पडा.
मुख्यमंत्री के रिश्तेदार विवेक कलोती हारे
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के रिश्तेदार विवेक कलोती इस चुनाव में परास्त हो गए. प्रभाग 14 जवाहर गेट- बुधवारा से कांग्रेस का पूरा पैनल विजयी रहा. सर्वाधिक समय तक महापौर रहे विलास इंगोले रिकॉर्ड 7283 वोटों के अंतर से विजयी हुए. उन्हें 12217 वोटो मिले.
एमआईएम की उडान का कारण
राजनीतिक विश्लेषक विनोद देशमुख ने मनपा चुनाव नतिजों पर कहा कि मुंबई में उपजे भाषावाद और संभावित महापौर पद को लेकर हुई चर्चा के कारण मुस्लिम वोटर्स ने कांग्रेस की बजाय एमआईएम का समर्थन किया. जिसका प्रभाव राज्य में अनेक स्थानीय निकायों में दिखाई दे रहा हैं. एमआईएम ने वहां कुछ सिटों पर ही सही विजय दर्ज की हैं. अमरावती, नागपुर, अकोला में भी यह परिणाम दिखाई दिया. बीजेपी को मजबुत संगठन और नियोजनबध्द प्रचार के कारण भावी सफलता मिली हैं. विनोद देशमुख ने कहा कि नागपुर सहित अन्य महापालिका देवेंद्र फडणवीस ने सिंगल हैंडेड जीता दी है.
हम मनपा में टिके रहे, यहीं सफलता
कांग्रेस के नागपुर शहर अध्यक्ष एवं विधायक विकास ठाकरे ने कहा कि बीजेपी को हमने कडी चुनौती दी. सत्ता, पैसे के बल पर और वोटर लीस्ट के घफले थे. कांग्रेस ने नए और आश्वासक उम्मीदवार दिए थे.प्रशासनीक अफरातफरी रही. राज्य की गिरावट होते हुंए भी हमने नागपुर मनपा में टिके रहकर पिछली बार की तुलना में 6 सीटे अधिक जीती हैं. ठाकरे ने इसे बडी सफलता बताया.
नागपुर की जनता हमेशा हमारे साथ
बीजेपी नागपुर शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने नागपुरवासियों का शतश: आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नागपुर की जनता सदैव बीजेपी के साथ रही हैं. कोरोना महामारी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने जनता के बीच जाकर सेवा कार्य किए. इसी कारण मनपा चुनाव में भारी सफलता मिली हैं. इसके लिए वे नागपुर की जनता का विनम्र अभीवादन करते है. नागपुर का अवाम बोलता हैं, भाजपा का काम बोलता हैं.





