पिता मनपा में चपरासी, बेटा बना नगरसेवक
गणेश चर्लेवार की उल्लेखनीय जीत

नागपुर/दि.17 – नागपुर महानगरपालिका की 151 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाते हुए स्पष्ट बहुमत की ओर कदम बढ़ाया है. इसी बीच प्रभाग क्रमांक 31 (रेशीमबाग) से शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार गणेश चर्लेवार की जीत एक प्रेरणादायी और चर्चा का विषय बन गई है. क्योंकि गणेश चर्लेवार के पिता नागपुर महानगरपालिका में शिपाई यानि चपरासी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि बेटा गणेश चर्लेवार अब उसी महापालिका का नगरसेवक बना है. यह जीत केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सामान्य परिवार से आने वाले एक कार्यकर्ता का जनप्रतिनिधि बनना शहर में विश्वास और संघर्ष की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है.
रेशीमबाग जैसे प्रतिष्ठित प्रभाग से जीत हासिल कर गणेश चर्लेवार ने महायुति के खाते में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उनकी जीत के बाद प्रभाग में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया. वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कट्टर स्वयंसेवक माने जाते हैं और इस बार शिवसेना शिंदे गुट के कोटे से भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था. संघ की शाखा से निकले गणेश चर्लेवार लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं. वे स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित हैं और समाज के युवाओं के शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार कार्य करते आए हैं. अत्यंत गरीब परिवार से आने के बावजूद उन्होंने मेहनत, अनुशासन और संगठनात्मक कार्य के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई है.
गणेश चर्लेवार पिछले कई वर्षों से विवेकानंद जनजागृति संस्था के माध्यम से युवाओं को मार्गदर्शन देने, जनजागृति अभियान चलाने और सामाजिक उपक्रमों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं. उन्होंने 22 वर्षों तक बूथ प्रमुख के रूप में निष्ठा से कार्य किया है. स्वच्छता, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर वे लगातार प्रशासन से संवाद करते रहे हैं. उनकी उम्मीदवारी और जीत को सामान्य युवाओं की आशा-आकांक्षाओं को प्रतिनिधित्व मिलने के रूप में देखा जा रहा है. नागरिकों को विश्वास है कि उनके माध्यम से नागपुर महानगरपालिका में संवेदनशील, कर्तव्यनिष्ठ और जनाभिमुख नेतृत्व को मजबूती मिलेगी.





